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#MeTooVsAkbar: अकबर को बचाने उतरेगी 97 वकीलों की टीम, लॉ फर्म ने कहा सिर्फ 6 लड़ेंगे केस

विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली महिलाओं के खिलाफ कानूनी जंग लड़ने का ऐलान किया है. अकबर पर 10 महिला पत्रकारों ने आरोप लगाया है

Updated On: Oct 15, 2018 08:09 PM IST

FP Staff

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#MeTooVsAkbar: अकबर को बचाने उतरेगी 97 वकीलों की टीम, लॉ फर्म ने कहा सिर्फ 6 लड़ेंगे केस
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एमजे अकबर ने अपने खिलाफ आवाज उठाने वाली प्रिया रमानी पर मानहानि का मुकदमा कर दिया है. अकबर के खिलाफ एक दो नहीं बल्कि 10 महिलाओं ने आरोप लगाया है. क्या आप अंदाजा लगा सकते हैं कि अकबर को बचाने में कितने वकीलों की टीम लगी है? उन्हें पाक-साफ साबित करने के लिए 97 वकीलों की टीम तैयार हुई है. लॉ फर्म करांजवाला एंड कंपनी ने अकबर को बेदाग साबित करने का फैसला किया है. लॉ फर्म ने 97 वकीलों की टीम होने का बचाव करते हुए कहा कि इस केस में 97 में से सिर्फ 6 ही कोर्ट जाएंगे.

विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली महिलाओं के खिलाफ कानूनी जंग लड़ने का ऐलान किया है. उन्होंने उत्पीड़न के आरोपों को झूठा और बेबुनियाद बताया है. रविवार को अकबर अफ्रीका से वापस आए. सोमवार सुबह उनके वकीलों ने प्रिया रमानी पर मानहानि का मुकदमा कर दिया. प्रिया रमानी ही वह पत्रकार हैं जिन्होंने सबस पहले अकबर पर यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया था.

अकबर ने किया मानहानि का मुकदमा 

अब तक 10 महिला पत्रकारों ने अकबर पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है. इन महिलाओं का आरोप है कि अकबर जब एडिटर थे तब उन्होंने अपने पावर का गलत इस्तेमाल किया. लॉ फर्म के प्रवक्ता ने कहा, 'हमारी फर्म में 100 वकील हैं. हम एक वकालतनामा में सभी वकीलों के नाम लिखे हैं. जबकि किसी केस में वही वकील कोर्ट में पेश होते हैं जिन्होंने वकालतनामा पर साइन किया हो. हमारे क्रिमिनल टीम में 6 मेंबर हैं और सिर्फ 6 मेंबर ही इस केस में उपस्थित होंगे. इन छह वकीलों ने ही वकालतनामा पर साइन किया है.'

फर्म के मुताबिक, सीनियर पार्टनर संदीप कपूर, प्रिंसिपल एसोसिएट वीर संधु, सीनियर एसोसिएट्स निहारिका करांजवाला, अपूर्वा पांडे, मयंक दत्त और एसोसिएस गुदीपति जी कश्यप ने इस मामले में वकालतनामा साइन किया है. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के वकील और बीजेपी लीडर अश्विनी उपाध्याय ने इसे पूरी तरह 'अनैतिक' बताया है. उपाध्याय ने बताया, 'एक वकालतनामा में सिर्फ एक वकील होते हैं. लॉ फर्म जो कर रही है वह स्टैंडर्ड प्रैक्टिस नहीं है. यह फर्म पत्रकारों के खिलाफ अनैतिक काम कर रही है. यह आसान नहीं हो सकता क्योंकि इस केस को हर वकील फॉलो नहीं करेगा. हर डेवलपमेंट के बाद 97 वकीलों को यह केस ब्रीफ किया जाएगा. और कितने ल़ॉयर को यह केस ब्रीफ की जाएगी.'

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