S M L

राजस्थान की महिला कुली मंजू देवी को क्या आपने देखा है?

मंजू का शुमार उन 112 महिलाओं में है जिन्हें महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय ने सम्मानित किया है

Updated On: May 27, 2018 08:25 PM IST

PTI

0
राजस्थान की महिला कुली मंजू देवी को क्या आपने देखा है?

कुली की नौकरी अमूमन मर्दों का काम माना जाता है. लेकिन राजस्थान की मंजू देवी ने यह साबित कर दिया है कि महिलाओं के लिए कोई भी काम मुश्किल नहीं है. पश्चिमोत्तर रेलवे में मंजू अकेली महिला कुली हैं.

मंजू के साथ उनके तीन किशोर बच्चे रहते हैं और पूरे परिवार की जिम्मेदारी उनपर है. 10 साल पहले उनके पति की मौत हो गई थी. पारिवारिक झगड़ों और मानसिक द्वंद से जूझ रहीं मंजू को उनकी मां मोहिनी देवी ने हिम्मत दी. मंजू के पति महादेव भी कुली थे. अपनी मां के कहने के बाद मंजू ने अपने पति का पोर्टर लाइसेंस नंबर 15 ले लिया. इसके बाद वह जयपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों का सामान उठाने लगीं.

मुश्किल रहा सफर

शुरुआत में अथॉरिटी ने कहा कि स्टेशन पर एक भी महिला कुली नहीं है इसलिए उन्हें दिक्कत हो सकती है. लेकिन मंजू के जोर देने पर उन्हें बैज नंबर दे दिया गया. अपने काम की जमीनी हकीकत समझने में मंजू देवी को कुछ वक्त लगा. सबसे बड़ी चुनौती अपने लिए यूनिफॉर्म डिजाइन करना था. इसके बाद उन्होंने लाल समीज और काली सलवार वाली अपनी यूनिफॉर्म तैयार की.

मंजू का शुमार उन 112 महिलाओं में है जिन्हें महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय ने सम्मानित किया है. इन लोगों में ऐश्वर्या राय और निकोल फारिया, पर्वतारोही बछेंद्री पाल, अंशु जामसेनपा, मिसाइल विमेन टेसी थॉमस और प्राइवेट डिटेक्टिव रजनी पंडित भी शामिल हैं. मंजू देवी कहती हैं, 'मेरा वजह 30 किलो है और मैं 30 किलो का वजन उठाती हैं. क्योंकि बच्चों को खिलाना जरूरी है.'

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
Jab We Sat: ग्राउंड '0' से Rahul Kanwar की रिपोर्ट

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi