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मक्का मस्जिद केस के सरकारी वकील ने कहा- 'हां मैं ABVP का मेंबर था'

एन हरिनाथ ने कहा कि मेरे इस संबंध का प्रभाव कभी भी मेरे प्रोफेशन पर नहीं पड़ा है और ना ही मैंने कभी बीजेपी के लिए काम किया है

FP Staff Updated On: Apr 19, 2018 07:12 PM IST

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मक्का मस्जिद केस के सरकारी वकील ने कहा- 'हां मैं ABVP का मेंबर था'

न्यूज18 के साथ एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में मक्का मस्जिद ब्लास्ट केस में अभियोजन पक्ष के वकील (सरकारी वकील) ने यह स्वीकार किया कि कभी वो आरएसएस के छात्र संगठन एबीवीपी से जुड़े हुए थे लेकिन इसका उनके पेशे से कोई संबंध नहीं है.

अभियोजन पक्ष का वकील वो होता है जिसे आरोपियों के ऊपर आरोप साबित करना होता है. हाल ही में मक्का मस्जिद ब्लास्ट केस में एनआईए की अदालत का फैसला आया था जिसमें अदालत ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया था.

एन हरिनाथ ने कहा कि अपने लॉ कॉलेज के दूसरे वर्ष में वो एवीबीपी के संपर्क में आए थे. उन्होंने कहा कि मैंने एबीवीपी इसलिए ज्वॉइन किया था क्योंकि मेरे कई दोस्त इसकी यूनिट से जुड़े हुए थे. लेकिन मैं यह कहना चाहता हूं कि मेरे इस संबंध का प्रभाव कभी भी मेरे प्रोफेशन पर नहीं पड़ा है और ना ही मैंने कभी बीजेपी के लिए काम किया है.

सभी आरोपों का दिया जवाब

हरिनाथ को मक्का मस्जिद ब्लास्ट केस में स्पेशल पब्लिक प्रोसेक्यूटर बनाए जाने के ऊपर तब विवाद खड़ा हुआ जब इस ब्लास्ट के 5 आरोपियों को एनआईए की अदालत ने बरी कर दिया था. एबीवीपी के साथ संबंध के अलावे एन हरिनाथ की नियुक्ति पर इस बात को लेकर भी सवाल उठे थे कि उनके पास क्रिमिनल लॉ का कम अनुभव है और उनके पास आतंकी मामलों में हत्या से जुड़े मामलों की जानकारी का भी अभाव है.

हरिनाथ ने इन आरोपों को भी खारिज करते हुए कहा कि ये बेबुनियाद आरोप हैं. उन्होंने कहा वे सन् 2000 से स्टैंडिंग काउंसल रहे हैं और 2004 से 2009 तक उन्होंने हाई कोर्ट में सरकारी लॉ ऑफिसर के तौर पर काम भी किया है. 2011 में यूपीए के शासनकाल के दौरान उन्हें स्टैंडिंग काउंसल बनाया गया था. और चार साल बाद उन्हें एनआईए की तरफ से केस में बहस करने का मौका दिया गया. उन्होंने कहा कि एनडीए के दौरान उन्हें स्टैंडिंग काउंसल बनाया गया, यह बिल्कुल बेबुनियाद आरोप हैं.

उन्होंने यह भी खुलासा किया कि मक्का मस्जिद केस 2010 में ही कमजोर हो गया है जिस वक्त यह केस सीबीआई के पास था.

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