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पुणे में हिंसक हुई मराठा आरक्षण की मांग, उपद्रवियों ने 40 गाड़ियों में लगाई आग

शनिवार को आरक्षण की मांग करते हुए युवक ने आत्महत्या कर ली थी, जिसके बाद प्रदर्शन उग्र और हिंसक हो गया

FP Staff Updated On: Jul 30, 2018 07:39 PM IST

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पुणे में हिंसक हुई मराठा आरक्षण की मांग, उपद्रवियों ने 40 गाड़ियों में लगाई आग

मराठा आरक्षण की आग नवी मुंबई के बाद पुणे में फैल गई है. अपनी मांग को लेकर चाकण में प्रदर्शनकारियों ने 25 से ज्यादा गाड़ियों में आग लगा दी. 80 से ज्यादा गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई. हालात बेकाबू होता देख पुलिस ने आंदोलनकारियों पर आंसू गैस के गोले छोड़े.

मराठा आरक्षण आंदोलन के तहत पुणे जिले के चाकण में विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया था. देखते-देखते विरोध प्रदर्शन अचानक हिंसक हो गया. कुछ उपद्रवियों ने तलेगांव चौक में गाड़ियों में तोड़फोड़ शुरू कर दी. पुलिस के अलावा कई निजी गाड़ियों को भी निशाना बना गया.

मौके पर पुलिस बल की कमी का नाजायज फायदा उठाते हुए उपद्रवियों ने तोड़फोड़ के बाद गाड़ियों में आग लगाना भी शुरू कर दिया. बताया जा रहा है कि कम से कम 25 से 30 गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया.

सड़कों पर करीब चार घंटे तक उपद्रव चलता रहा. इसके बाद अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा, जिसने आंसू गैस के गोल दागकर उपद्रवियों को खदेड़ा. हालांकि, अभी भी इलाके में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं. कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन जारी है. वाहनों को आग लगाने की वजह से शहर में कई जगहों पर धुएं के गुबार देखे जा रहे हैं. पुलिस ने इलाके में धारा 144 लागू कर दी है. इसके तहत इलाके में चार से ज्यादा लोगों का इकट्ठा होना प्रतिबंधित है.

पांच विधायकों ने दिया इस्तीफा

इसके साथ ही पूरे प्रदेश में शुरू इस आंदोलन के हिंसक हो जाने से मरने वालों की संख्या बढ़ कर तीन हो गई है. दूसरी ओर, मराठा आरक्षण की मांग को लेकर अब तक महाराष्ट्र के पांच विधायक इस्तीफा दे चुके हैं.

महाराष्ट्र विधानसभा के सूत्रों ने बताया कि भरत भाल्के (कांग्रेस), राहुल अहेर (बीजेपी) और दत्तात्रेय भारणे (एनसीपी) ने विधायक पद से इस्तीफे दिए हैं. इससे पहले हर्षवर्धन जाधव (शिवसेना) और भाऊसाहब पाटिल चिकटगांवकर (एननसीपी) ने आरक्षण की मांग के समर्थन में इस्तीफा देने की पेशकश की थी.

एक प्रदर्शनकारी की मौत के बाद हिंसक हुआ प्रदर्शन

पुलिस के मुताबिक शनिवार को एक 35 वर्षीय युवक प्रमोद जयसिंह ने औरंगाबाद में  ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली. मराठा आरक्षण की मांग करते हुए आत्महत्या करने वाले प्रमोद ने मरने से पहले फेसबुक पर पोस्ट किया था. मुकुंदपुर पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिसकर्मी नाथ जाधव ने कहा कि उसने पोस्ट में लिखा था कि वह आरक्षण की मांग करते हुए अपनी जिंदगी खत्म कर लेगा.

क्या है प्रदर्शनकारियों की मांग

महाराष्ट्र में 30 प्रतिशत आबादी राजनीतिक रूप से प्रभावशाली मराठा समुदाय की है. इस आंदोलन के जरिए उनकी मांग है कि राज्य में सरकारी नौकरी और शिक्षा में मराठा समुदाय को 16 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए.

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