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नक्सलवाद की टूटी कमरः दो दिनों में मिला ट्रिपल झटका

बुधवार को एक करोड़ इनामी अरविंद जी की मौत की खबर आई तो गुरूवार को 25 लाख इनामी राजेश टुडु और 10 लाख इनामी नेमचंद महतो को गिरफ्तार कर लिया गया

Updated On: Mar 22, 2018 07:05 PM IST

FP Staff

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नक्सलवाद की टूटी कमरः दो दिनों में मिला ट्रिपल झटका

बीते दो दिनों यानी 21 और 22 मार्च को माओवादियों को तीन बड़े झटके मिले हैं. बुधवार को दोपहर खबर आई कि एक करोड़ रुपए के इनामी अरविंद जी की हार्ट अटैक से मौत हो गई है. वहीं गुरूवार को झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ ने मिलकर 25 लाख इनामी राजेश टुडु और 10 लाख इनामी नेमचंद महतो को गिरफ्तार किया.

भाकपा माओवादी के पोलित ब्यूरो सदस्य और डेढ़ करोड़ के इनामी नक्सली देवकुमार सिंह उर्फ अरविंद उर्फ निशांत की मौत हो गयी है. सूचना है कि कार्डियेक प्रॉब्लम के चलते उनकी मौत हो गई है. इसकी पुष्टि झारखंड पुलिस के प्रवक्ता आशीष बत्रा ने भी की है.

इधर जानकारी मिल रही है कि अरविंद जी की पत्नी पलामू पहुंची. यहां से वह लातेहार गई वहां नक्सलियों ने उन्हें शव सौंप दिया. हालांकि पुलिस अभी तक न तो उनतक पहुंच पाई है, न ही खबर की पुष्टि कर पाई है.

अरविंद जी पिछले तीन महीने से कार्डियेक प्रॉब्लम से जूझ रहे थे और इआरबी कंपनी की सुरक्षा में बूढ़ा पहाड़ पर रह रहे थे. इस कंपनी में आंध्र प्रदेश और बिहार के कई नक्सली शामिल हैं.

मूल रूप से बिहार के जहानाबाद के सुकुलचाक के रहनेवाले अरविंद जी ने पटना विश्वविद्यालय से स्नातोकोत्तर की थी. संगठन में अरविंद जी के अलावा प्रशांत बोस, मिसिर बेसरा और सुधाकरण पर एक करोड़ का इनाम घोषित है. अरविंद जी पर छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और बिहार में भी 50 लाख रुपए का इनाम घोषित है.

सारंडा में नक्सली गतिविधि की शुरूआत करनेवाला है राजेश टुटु

वहीं गुरूवार को झारखंड पुलिस को दो बड़ी सफलता मिली. धनबाद पुलिस ने 25 लाख रुपए इनामी नक्सली राजेश टुडु उर्फ प्रभाकर टुडु उर्फ फूलचंद उर्फ संथाल को उस वक्त गिरफ्तार कर लिया जब वह अपनी पत्नी का इलाज कराने शहर पहुंचा था. पत्नी अंजली भी रीजनल कमिटी मेंबर है. सारंडा में पिछले साल तक रह रही थी.

सारंडा के जंगलों में नक्सली गतिविधियों की शुरूआत करनेवालों में राजेश का पहला नाम आता है. धनबाद के एसएसपी मनोज रतन चौथे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले की जानकारी दी है. दोनों नक्सलियों को चाइबासा पुलिस के हवाले कर दिया गया है. वहां इनपर कुल 22 नक्सली कांडों में एफआईआर दर्ज है.

कैदी वाहन पर हमला कर साथियों को छुड़ा ले गया था नेमचंद

इसके साथ ही गिरिडीह पुलिस ने 10 लाख रुपए के इनामी नक्सली नेमचंद महतो उर्फ डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया. उसके पास से एके-47 राइफल, 76 गोलियां, चार मैगजीन, एक वाकीटॉकी, बैग और नक्सली साहित्य बरामद हुए.

नेमचंद नौ नवंबर, 2009 को गिरिडीह में कैदी वाहन पर हमला कर कैदियों को छुड़ाने के मामले में भी आरोपित है. गिरिडीह अदालत से कैदियों को वापस गिरिडीह जेल ले जाने के दौरान उदनाबाद के निकट माओवादियों ने वाहन पर हमला कर अपने आठ साथियों समेत 29 कैदियों को छुड़ा लिया था. माओवादियों के इस हमले में तीन पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे. एक कैदी की भी मौत हुई थी.

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