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पढ़ें पीएम मोदी के मन की 8 बड़ी बातें

पीएम ने पर्यावरण, योग, सफाई और अपनी सरकार के 3 साल पूरे होने पर की मन की बात.

FP Staff Updated On: May 28, 2017 03:23 PM IST

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पढ़ें पीएम मोदी के मन की 8 बड़ी बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने रेडियो कार्यक्रम मन की बात में देश को 32वीं बार संबोधित किया. आज के कार्यक्रम की 10 बड़ी बातें जानें-

- पीएम ने सबसे पहले सबको रमजान की मुबारकबाद दी. उन्होंने कहा कि भारत इस बात का गर्व कर सकता है कि दुनिया के सभी संप्रदाय के लोग इस देश में रहते हैं. मूर्ति पूजा का विरोधी और मूर्ति पूजा करने वाले लोग भी इस यहां साथ रहते हैं. हम लोगों में एक साथ जीने की कला है. रमजान का पवित्र महीना शांति और एकता के साथ आगे बढ़ने में सहायक होगा.

- वीर सावरकर की जन्मतिथि पर उन्होंने कहा कि  मुझे यह जानकर खुशी है कि युवा पीढ़ी हमारे महापुरुषों के बारे में जानने में रुचि रखती है. आज वीर सवारकर जी की जन्मजयंती है. मैं देश के युवा पीढ़ी को जरूर कहूंगा कि अंडमान जाकर सेल्युलर जेल जाकर जरूर देखें.

- पर्यावरण पर पीएम ने कहा कि 5 जून को महीने को पहला सोमवार है. 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है. महात्मा गांधी कहते थे कि हम जो दुनिया नहीं देखेंगे हमें उसकी चिंता भी करनी चाहिए.

- 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि तनावमुक्त जीवन के लिए योग करना चाहिए. योग सिर्फ व्यायाम नहीं है. अभी दो दिन पहले ही योग को दिवस को लेकर विश्व की सभी सरकारों को चिट्ठी लिखी है. कुछ लोगों का सुझाव आया है कि इस बार एक ही परिवार की तीनों पीढ़ियां एक साथ योग करें और उसकी तस्वीर शेयर करें.

- पीएम ने सफाई अभियान पर जानकारी देते हुए कहा कि अब दो प्रकार के कूड़ेदान उपलब्ध कराए जाएंगे. सूखा कचरा नीले और गीला कचरा हरे कूड़ा डालें. कूड़े को संपत्ति मानें, वो बस कचरा नहीं है.

- पीएम ने अपनी सरकार के तीन साल पूरे होने पर कहा कि वर्तमान सरकार के 3 वर्ष का लेखा-जोखा चल रहा है. ढेर सारे सर्वे हुए हैं, ढ़ेर सारे ओपीनियन पोल आए हैं. हर कसौटी पर इस 3 साल के कार्यकाल को कसा गया है. मेरे लिए इसका बहुत महत्व है. लोकतंत्र में सरकारों को जवाबदेह होना चाहिए. जनता-जनार्दन को अपने काम का हिसाब देना चाहिए.

- मैं उन सब लोगों का धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने समय निकाल करके हमारे काम की गहराई से विवेचना की, कहीं सराहना हुई, कहीं समर्थन आया, कहीं कमियां निकाली गई. जो त्रुटियां होती हैं, कमियां होती हैं, वो भी जब उजागर होती हैं तो उससे भी सुधार करने का अवसर मिलता है. रचनात्मक आलोचना लोकतंत्र को बल देता है.

- अपने संबोधन के आखिर में पीएम ने कहा मन की बात कार्यक्रम ने मुझे हर परिवार का सदस्य बना दिया है. इसके लिए मैं आप सबका धन्यवाद देना चाहता हूं.

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