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पत्रकार ने फेसबुक पर पीएम मोदी और मुख्यमंत्री का किया अपमान, देशद्रोह के आरोप में हुए गिरफ्तार

झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की जयंती पर पत्रकार ने मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था

Updated On: Dec 01, 2018 02:52 PM IST

FP Staff

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पत्रकार ने फेसबुक पर पीएम मोदी और मुख्यमंत्री का किया अपमान, देशद्रोह के आरोप में हुए गिरफ्तार

मणिपुर के पत्रकार किशोरचंद्र वांगकेम को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है. उन पर बीजेपी की अगुवाई वाली मणिपुर सरकार की आलोचना करने का आरोप लगाया गया है. झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की जयंती पर पत्रकार ने मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था. प्राप्त जानकारी के अनुसार पत्रकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर पीएम नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री एन बीरेन के खिलाफ कुछ अपमानजनक पोस्ट शेयर किए थे.

जमानत देने के 24 घंटों से कम समय बाद उन्हें जेल भेज दिया था

न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, 27 नवंबर 2018 को एनएसए के तहत पत्रकार को गिरफ्तार कर लिया गया था और पश्चिम इम्फाल में सीजेएम अदालत ने मामले में जमानत देने के 24 घंटों से भी कम समय बाद उन्हें जेल भेज दिया था. कोर्ट ने कहा, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रा के मौलिक अधिकार के तहत भी जिस तरह की टिप्पणियां भारत के प्रधानमंत्री और मणिपुर के मुख्य मंत्री के खिलाफ की गई हैं वो नहीं करनी चाहिए थीं. कोर्ट इसे राजद्रोह समझता है.

19 नवंबर को अंग्रेजी और मीतोई दोनों भाषाओं में वीडियो अपलोड हुए थे

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 19 नवंबर 2018 को अंग्रेजी और मीतोई दोनों भाषाओं में वीडियो अपलोड हुए थे जिसमें पत्रकार किशोरचंद्र वांगकेम कह रहे हैं, मैं यह जानकर दुखी हूं और चौंक गया हूं कि मणिपुर की वर्तमान सरकार झांसी की रानी की जयंती मना रही है और मुख्यमंत्री खुद दावा करते हैं कि बीजेपी सरकार भारत के एकीकरण या स्वतंत्रता संग्राम में उनकी भूमिका में इसे देख रही है लेकिन मणिपुर के साथ इसका कोई लेना-देना नहीं है. हालांकि फिर भी केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने ऐसा करने के लिए कहा था इसलिए राज्य में सीएम ऐसा कर रहे हैं.

मुख्यमंत्री के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का भी इस्तेमाल किया था

पत्रकार ने मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह को केंद्र सरकार की कठपुतली कहते हुए कहा था, विश्वासघात न करें, मणिपुर के स्वतंत्रता सेनानी का अपमान न करें. मणिपुर के वर्तमान स्वतंत्रता संग्राम का अपमान मत कीजिए. मणिपुर के लोगों का अपमान मत करो. इसलिए, मैं यह फिर से कह रहा हूं, आप मुख्यमंत्री हैं आइए और मुझे दोबारा गिरफ्तार करें, लेकिन मैं अभी भी आपको कहूंगा, हिंदुत्व की कठपुतली हैं आप. उन्होंने मुख्यमंत्री के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का भी इस्तेमाल किया था. वहीं इस मामले में पत्रकार की पत्नी इलेंगबम रंजीता ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में बताया कि 26 नवंबर 2018 को उसके पति को 70 हजार के मुचलके पर बेल दे दी गई थी लेकिन दुसरे ही दिन उनके घर पर कुछ पुलिस वाले आए और उन्हें जबरन उठा ले गए.

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