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किसान आंदोलन: मंदसौर में सीएम शिवराज के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए दिए जा रहे हैं 200 रुपए

स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू कराने और किसानों की आमदनी बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन शुरू

| June 01, 2018, 06:07 PM IST

FP Staff

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हाइलाइट

Jun 1, 2018

  • 16:50(IST)

    पिछले साल मंदसौर में पुलिस की गोलीबारी में 6 किसानों की मौत हो गई थी. हड़ताल का असर मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान, उत्तरप्रदेश, कर्नाटक, हरियाणा और छत्तीसगढ़ में देखा जा सकता है

  • 16:47(IST)

    किसानों की मुख्य मांगों में कर्जमाफी, न्यूनतम समर्थन मूल्य को बढ़ाना और अपनी फसलों का अधिकतम दाम शामिल है.

  • 16:44(IST)

    आरएसस से ज़ुड़े भारतीय किसान संघ ने आज से शुरू हुए 8 राज्यों के किसान आंदोलन में भाग नहीं लेने का फैसला किया है. साथ ही भारतीय किसान संघ ने कहा है कि ये हड़ताल राजनीति से प्रेरित है.

  • 15:44(IST)

    राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ बता रहे हैं आखिर किस तरह सरकार की योजनाओं के कारण सिर्फ भ्रष्टाचार फैलता है.

  • 15:40(IST)

    पंजाब के बरनाला में किसानों ने डीसी दफ्तर के बाहर दूध, सब्जियां और अनाज फेंककर प्रदर्शन किया.

  • 15:39(IST)

    10 दिनों के बंद पर भोपाल के किसान का कहना है कि यह हमारे लिए किसी आम दिन की तरह है. हमें कोई परेशानी नहीं हो रही है. हम किसी तरह का प्रदर्शन नहीं करना चाहते और न ही इसका हिस्सा हैं. यह राजनीतिक पार्टियों का षड़यंत्र है.

  • 13:36(IST)

    महिला ने आरोप लगाया कि मंदसौर में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए उसे 200 रुपए दिए जा रहे थे.

  • 13:31(IST)

    उज्जैन में प्रदर्शन करते किसान

  • 13:29(IST)

    बरनाला में किसानों ने डिप्टी कमिश्नर के ऑफिस के बाहर सब्जियां फेंकी

  • 12:32(IST)

    पंजाब के किसानों ने 10 दिन तक चलने वाले आंदोलन के पहले दिन लुधियाना के समराला में दूध से भरा कंटेनर पलट दिया. 

  • 12:28(IST)

    पंजाब के फरीदकोट में किसान सड़कों पर उतर आए. फलों और सब्जियों को इधर-उधर फेंक दिया. किसानों ने शहरों में सब्जियों के साथ साथ दूध की सप्लाई रोक दी.

  • 12:26(IST)

    पंजाब के फरीदकोट में किसानों ने सब्जी, फल और दूध की सप्लाई रोक दी है. किसानों ने सब्जियों के ट्रकों का चक्का जाम कर दिया ताकि शहरों के लिए सप्लाई रोकी जा सके. देश भर के किसान कर्जमाफी और स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू कराने के लिए शुक्रवार से आंदोलन कर रहे हैं. 

  • 11:44(IST)

    राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के अध्यक्ष शिव कुमार शर्मा उर्फ कक्काजू ने कहा, हमने 10 जून को, दोपहर दो बजे तक भारत बंद का फैसला किया है. हम शहर के सभी व्यापारियों से गुजारिश कर रहे हैं कि वो दोपहर दो बजे तक अपनी दुकानें बंद रखें और पिछले साल अपनी जान गंवाने वाले किसानों को श्रद्धांजलि दें.

  • 10:57(IST)

    किसानों ने 1 से 10 जून तक गांव बंद बुलाया है.

    इसमें 5 जून को किसान 'धिक्कार दिवस' मनाएंगे.

    6 जून को शहीद शहादत दिवस मनाया जाएगा.

    8 जून को असहयोग दिवस मनाया जाएगा.

    10 जून को भारत बंद.

  • 10:42(IST)

    मंदसौर के किसानों का कहना है कि प्रशासन ने उन्हें पूरी सुरक्षा देने का वादा किया है.

  • 10:37(IST)

    किसानों का 10 दिनों का 'किसान अवकाश' शुरू, मध्य प्रदेश में पुलिस बल तैनात

  • 10:31(IST)

    मंदसौर: किसानों के विरोध प्रदर्शन के चलते बढ़े सब्जियों के दाम से परेशान लोग

  • 10:18(IST)

    इस विरोध प्रदर्शन में राष्ट्रीय किसान महासंघ के नेतृत्व में करीब 170 किसान संगठनों ने हिस्सा लिया.

  • 10:17(IST)

    किसानों का बंद: मंदसौर में हाई अलर्ट. सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई

किसान आंदोलन: मंदसौर में सीएम शिवराज के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए दिए जा रहे हैं 200 रुपए

किसान नेताओं ने स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करवाने और किसानों की आमदनी बेहतर करने की मांग को लेकर शुक्रवार से 10 जून तक सब्‍जी, फल और दूध की सप्लाई रोकने का आंदोलन शुरू कर दिया है. पंजाब के मोगा और फरीदकोट से सब्‍जियों और फलों की सप्‍लाई बंद कर दी गई है.

हड़ताल के पहले दिन ही पंजाब से आने वाली सब्‍जियों और फलों में 80 से 90 प्रतिशत की कमी देखी जा रही है. पंजाब के फरीदकोट में किसान संगठन के कार्यकर्ताओं ने सब्जी मंडी के बाहर डेरा जमा लिया है. मंडी के अंदर दाखिल होने वाली सब्जी की गाड़ियों को रोका जा रहा है.

कुछ दिन पहले चंडीगढ़ में पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई किसान नेता जमा हुए थे. किसानों ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऐलान किया था कि 1 जून से लेकर 10 जून तक फल, दूध और सब्जियों की सप्लाई रोक दी जाएगी. कॉन्फ्रेंस में यह भी ऐलान हुआ कि जब तक कोई बहुत जरूरी काम नहीं होगा, किसान और उनका परिवार गांव से बाहर नहीं जाएगा. गांव का कोई भी व्‍यक्‍ति शहरों की तरफ नहीं जाएगा.

किसान नेताओं का कहना है कि पिछले लंबे वक्त से वे स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करवाने और किसानों की आमदनी को बेहतर करवाने के लिए सरकार से गुहार लगाते रहे हैं. वे कई तरह के आंदोलन भी कर चुके हैं लेकिन सरकार ने  किसानों की सुध नहीं ली. इस वजह से अब किसान इस तरह का आंदोलन करने को मजबूर हो गए हैं.

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