S M L

मराठा आरक्षण का फैसला मुझे लेना होता, तो बिल्कुल देरी नहीं करती: पंकजा मुंडे

बीजेपी नेता और ग्रामीण विकास मंत्री मुंडे ने प्रदर्शनकारियों से कहा कि वह उन्हें सुनने के लिए आई हैं और वह उन्हें कोई समझौता करने के लिए नहीं कहेंगी.’

Updated On: Jul 27, 2018 10:15 AM IST

Bhasha

0
मराठा आरक्षण का फैसला मुझे लेना होता, तो बिल्कुल देरी नहीं करती: पंकजा मुंडे

महाराष्ट्र में इन दिनों मराठा आरक्षण का मुद्दा ज्वलंत है. पिछले मंगलवार को पूरे महाराष्ट्र में बंद का ऐलान किया गया था. ये प्रदर्शन हिंसक भी हो गया था. लेकिन महाराष्ट्र सरकार की तैयारी की वजह से ये बंद उसी दिन वापिस बुला लिया गया. लेकिन अब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर उनकी ही कैबिनेट मंत्री ने बयान दिया है.

देवेंद्र फडणवीस पर मराठा आरक्षण के मुद्दे को लेकर निशाना साधते हुए उनकी कैबिनेट सहयोगी पंकजा मुंडे ने गुरुवार को कहा कि अगर वो प्रभारी होतीं तो वो फैसला लेने में देर नहीं करतीं.

मुंडे ने बीड जिले के पारली में मराठा प्रदर्शनकारियों से कहा, ‘मराठा आरक्षण की फाइल अगर मेरी मेज पर होती तो मैं फैसला लेने में एक पल के लिए भी देरी नहीं करती. इस मुद्दे पर इसलिए देरी हो रही है क्योंकि यह कोर्ट में लंबित है.’

बीजेपी नेता और ग्रामीण विकास मंत्री मुंडे ने प्रदर्शनकारियों से कहा कि वह उन्हें सुनने के लिए आई हैं और वह उन्हें कोई समझौता करने के लिए नहीं कहेंगी.’

मुंडे की ओर से फडणवीस पर यह अप्रत्यक्ष निशाना ऐसे समय आया है जब शिवसेना सांसद संजय राउत ने दावा किया है कि मराठा आंदोलन हिंसक होने के बाद ‘बीजेपी के भीतर’ मुख्यमंत्री को बदलने की बात हो रही है.

बता दें कि महाराष्ट्र में मराठा संगठनों ने मंगलवार को बंद का आह्वान किया था. सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में समुदाय के लिए आरक्षण की मांग को लेकर बुलाया गया ये बंद हिंसक भी हो गया था और दो युवकों ने औरंगाबाद में आत्महत्या करने की कोशिश भी की थी. वहीं सोमवार को एक व्यक्ति ने औरंगाबाद में नदी में कूद कर जान दे दी थी. लेकिन महाराष्ट्र सरकार की तत्परता के चलते इस प्रदर्शन को नियंत्रण से बाहर जाने से रोक लिया गया और शाम तक प्रदर्शनकारियों ने बंद को खत्म कर दिया.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
Jab We Sat: ग्राउंड '0' से Rahul Kanwar की रिपोर्ट

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi