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महाराष्ट्र दूध आंदोलन: किसान ने दूध से नहाकर जताया विरोध, पशु को भी नहलाया

महाराष्ट्र में किसान सोमवार आधी रात से दूध की खरीद के दाम प्रति लीटर 5 रुपए बढ़ाने को लेकर आंदोलन कर रहे हैं

FP Staff Updated On: Jul 17, 2018 04:14 PM IST

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महाराष्ट्र दूध आंदोलन: किसान ने दूध से नहाकर जताया विरोध, पशु को भी नहलाया

दूध के खरीद दाम बढ़ाने को लेकर महाराष्ट्र में किसान पिछले 2 दिन से आंदोलन पर हैं. इससे मुंबई, पुणे और नागपुर समेत राज्य के अन्य हिस्सों में मिल्क सप्लाई पर असर पड़ा है.

दूध के मूल्य वृद्धि को लेकर सोलापुर में एक किसान का अनोखा विरोध चर्चा में है. जिले के मागलवेधा टाउन के लेंडवे चंचल गांव के रहने वाले सागर लेंडवे ने विरोधस्वरूप 35 लीटर दूध से स्नान किया. यह ही नहीं उसने दूध से अपने पशु को भी स्नान कराया. यह सब उसने इसलिए किया क्योंकि वो चाहता था कि जिम्मेदारी अधिकारियों का ध्यान उनकी मांगों पर जाए.

वहीं बुलढाना में स्वाभिमानी शेतकारी संगठन के सदस्यों ने दूध के खरीद दाम बढ़ाने को लेकर कुत्तों को दूध पिलाकर अपना विरोध दर्ज कराया.

दूध के खरीद दाम में 5 रुपए प्रति लीटर बढ़ाने की मांग कर रहे हैं किसान

सोमवार आधी रात से किसान संगठनों ने दूध की प्रति लीटर खरीद पर 5 रुपये बढ़ाने की मांग करते हुए मुंबई, पुणे, नागपुर समेत महाराष्ट्र के अलग-अलग शहरों में दूध की सप्लाई ठप कर दी है. किसान महासभा के इस विरोध की अगुवाई लोकसभा के सांसद और स्वाभिमानी शेतकरी संगठन के प्रमुख राजू शेट्टी कर रहे हैं.

इस आंदोलन के दौरान मुंबई, पुणे, कोल्हापुर, औरंगाबाद समेत कई जगहों पर मिल्क टैंकरों को स्वाभिमानी शेतकारी संगठन के गुस्से का शिकार भी होना पड़ा है. मालेगांव में संगठन के सदस्यों ने सड़क पर एक मिल्क टैंकर को आग के हवाले कर दिया गया और उसके ड्राइवर से मारपीट की.

मंगलवार को राजू शेट्टी ने कहा, दूध आंदोलन का मकसद राजनीतिक लाभ लेना नहीं है बल्कि इससे राज्य भर के किसानों और उनके परिवार को राहत पहुंचाना है. उन्होंने एनडीए गठबंधन पर किसानों को धोखा देने का आरोप लगाते हुए इसमें शामिल होने को लेकर लगाई जा रही अटकलों को खारिज किया.

महाराष्ट्र में किसानों का कहना है कि वो डेयरी को 17 रुपए प्रति लीटर की दर से दूध बेचते हैं. इसके प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग) के बाद डेयरी इसे पाउच में पैक करते हैं और 42 रुपए प्रति लीटर न्यूनतम दर से बेचते हैं. कमाई में इस अंतर का लाभ किसान को नहीं मिलता है.

मामला बढ़ने पर महाराष्ट्र के डेयरी विकास मंत्री महादेव जनकर को सामने आकर किसानों को 20 जुलाई से राहत मिलने की बात कही. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार इस संकट से निपटने के लिए तैयार है.

बता दें कि किसान दूध की खरीद पर प्रति लीटर 5 रुपए की तत्काल बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं

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