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महाराष्ट्र: 50 दिन बाद पकड़ा गया बाघिन अवनी का 1 शावक, भेजा जाएगा पेंच

2 नवंबर को मारे जाने के बाद बाघिन अवनि के दोनों शावक जंगल में लापता हो गए थे. शनिवार को 1 वर्षीय मादा शावक के पकड़ लिए जाने के बाद दूसरे की भी तलाश जारी है

Updated On: Dec 23, 2018 12:43 PM IST

FP Staff

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महाराष्ट्र: 50 दिन बाद पकड़ा गया बाघिन अवनी का 1 शावक, भेजा जाएगा पेंच

पिछले महीने मारी गई बाघिन अवनी के लापता एक शावक को पकड़ लिया गया है. महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश वन विभाग के अधिकारियों के ज्वाइंट ऑपरेशन में पूर्वी महाराष्ट्र के यवतमाल जिले के अंजी वन में मादा शावक को पकड़ा गया है.

इसकी जानकारी देते हुए नागपुर वन्यजीव के अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक सुनील लिमये ने कहा, 'अंजी जंगल के कंपार्टमेंट नंबर 665 से शनिवार शाम लगभग 4 बजे बाघिन के एक वर्ष के मादा शावक को पकड़ा गया है. अवनी के दोनों शावकों को जंगल में देखा गया था, हालांकि इनमें से एक को ही अभी पकड़ा जा सका है जबकि दूसरे की तलाश जारी है.'

उन्होंने बताया कि पकड़े गए शावक को पुनर्वास के तहत मध्य प्रदेश के पेंच टाइगर रिजर्व में भेजा जाएगा. जहां उसे बाड़े में रखा जाएगा जो लगभग एक खुले जंगल की तरह होगा. उन्होंने कहा कि शावक शारीरिक रूप से स्वस्थ्य है. इसे जंगल में छोड़ने संबंधी फैसला करने के लिए एक समिति बनाई जाएगी.

बाघिन अवनी पर 13 लोगों की जान लेने का आरोप था

बता दें कि वन विभाग ने दावा किया था कि अवनी नरभक्षी हो गई थी और उसने 13 लोगों की जान ले ली थी. इसके बाद हफ्तों तक चले अभियान के बाद शॉर्प शूटरों ने 2 नवंबर को उसे मार गिराया था. जबकि उसके दो शावक लापता हो गए थे. अवनी की मारे जाने पर स्थानीय लोगों ने कथित तौर पर  पटाखे फोड़कर जश्न भी मनाया था.

महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के 6 पशु चिकित्सा अधिकारी समेत लगभग 100 लोगों की टीम अवनी के मारे जाने के बाद से ही उनके दोनों शावकों की तलाश कर रही थी.

बाघिन अवनी को दो शॉर्प शूटर्स ने गोली मार दी थी

दो शावकों की मां बाघिन अवनी की 2 नवंबर को शार्प शूटर असगर अली ने विवादास्पद तरीके से गोली मार कर हत्या कर दी थी

अवनी के मारे जाने पर केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी और महाराष्ट्र के वन मंत्री सुधीर मुनगंटीवार के बीच तीखी नोंकझोंक हुई थी. मेनका गांधी ने आरोप लगाया था कि ‘विभिन्न पक्षों के कई अनुरोधों के बावजूद सुधीर मुनगंटीवार ने मारने का आदेश दिया.’ इसके लिए मेनका ने उनके इस्तीफे की मांग की थी.

जांच में सामने आया कि अवनी को मारने में नियमों का उल्लंघन किया गया था और इसे लेकर सवाल खड़े हुए थे कि क्या सही में अवनी को आत्मरक्षार्थ मारा गया जैसा कि महाराष्ट्र सरकार ने दावा किया था.

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