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Farmer's Protest: मुंबई में आज 20 हजार किसानों का प्रदर्शन, विधानभवन का करेंगे घेराव

किसान सूखे के लिए मुआवजा मिलने, कर्ज माफी और आदिवासियों को जमीन के अधिकार देने के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं

Updated On: Nov 22, 2018 09:12 AM IST

FP Staff

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Farmer's Protest: मुंबई में आज 20 हजार किसानों का प्रदर्शन, विधानभवन का करेंगे घेराव

महाराष्ट्र में फिर हजारों किसान सड़क पर उतर चुके हैं. बुधवार को 20 हजार से ज्यादा किसान अपने दो दिनों का मार्च शुरू कर चुके हैं. आज यानी गुरुवार को वो महाराष्ट्र विधानभवन का घेराव करेंगे. किसान अपनी कई मांगों के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं. इनमें सूखे के लिए मुआवजा मिलने, कर्ज माफी और आदिवासियों को जमीन के अधिकार देने की मांगें शामिल हैं.

बता दें कि हजारों की संख्या में किसान और आदिवासियों ने बुधवार को ठाणे से मुंबई तक दो दिनों का मार्च शुरू किया है. प्रदर्शनकारी आजाद मैदान में जुट रहे हैं. किसान और आदिवासी अपने खाने-पीने का सामान भी साथ लेकर चल रहे हैं. आठ महीने पहले किसानों ने नासिक से ऐसा ही मार्च निकाला था.

किसानों और आदिवासियों के हितों की के लिए लड़ने वाले लोक संघर्ष मोर्चा के तहत किसानों का ये हुजूम गुरुवार की सुबह 9 बजे तक दादर पहुंच चुका है. कल्याण से शुरू हुआ ये मोर्चा आजाद मैदान की ओर बढ़ रहा है.

मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित और भारत के जल पुरुष के नाम से मशहूर डॉ. राजेंद्र सिंह भी मार्च करने वालों में शामिल हैं. किसानों ने बुधवार दोपहर से पैदल यात्रा शुरू की है. मार्च में शामिल एक नेता ने बताया कि गुरुवार सुबह वे दक्षिण मुंबई में आजाद मैदान पहुंचेंगे और फिर वे विधानभवन के पास प्रदर्शन करेंगे. अभी राज्य विधानसभा का सत्र चल रहा है. मार्च में हिस्सा लेने वालों में अधिकतर लोग ठाणे, भुसावल और मराठवाड़ा क्षेत्रों से हैं.

प्रदर्शन का आयोजन कर रहे लोक संघर्ष मोर्चे की महासचिव प्रतिभा शिंदे ने कहा, ‘हमने राज्य सरकार से लगातार कहा है कि वे लंबे समय से चली आ रही हमारी मांगों को पूरा करे लेकिन प्रतिक्रिया उदासीन रही है.’ शिंदे ने कहा, ‘हम लोग इस बात का अधिक से अधिक ख्याल रख रहे हैं कि मुंबई के लोगों को कोई परेशानी नहीं हो.’

किसान स्वामीनाथन रिपोर्ट को लागू करने की मांग कर रहे हैं. स्वामीनाथन रिपोर्ट में यह सुझाव दिया गया है कि जमीन और पानी जैसे संसाधनों तक किसानों की निश्चित रूप से पहुंच और नियंत्रण होना चाहिए. वे न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने और इसे लागू करने के वास्ते न्यायिक तंत्र की भी मांग कर रहे हैं.

ये किसान कृषि संकट से निपटने के लिए संघर्ष कर रहे हैं और राज्य में बीजेपी सरकार की ओर से पिछले साल घोषित कर्ज माफी पैकेज को उचित तरीके से लागू करने, किसानों के लिए भूमि अधिकार और खेतिहर मजदूरों के लिए मुआवजे की मांग कर रहे हैं.

इस साल मार्च में अखिल भारतीय किसान सभा के नेतृत्व में हजारों किसानों ने अपनी मांगों को लेकर 180 किलोमीटर लंबे मार्च में हिस्सा लिया था.

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