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गोवा और कर्नाटक के बीच महादेई नदी के पानी का झगड़ा ट्रिब्यूनल ने निपटाया

कर्नाटक को 13.4 टीएमसी, गोवा को 24 टीएमसी और महाराष्ट्र को सबसे कम हिस्सा 1.33 टीएमसी पानी मिला है

Updated On: Aug 14, 2018 08:28 PM IST

FP Staff

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गोवा और कर्नाटक के बीच महादेई नदी के पानी का झगड़ा ट्रिब्यूनल ने निपटाया

महादेई जल विवाद ट्रिब्यूनल- गोवा, कर्नाटक और महाराष्ट्र के बीच महादेई या मंडवी नदी के पानी के बंटवारे के विवाद को सुन रहा था. ट्रिब्यूनल ने मंगलवार को इस मुद्दे पर अपना फैसला सुना दिया है. फैसले के साथ ही 50 साल से चला आ रहा ये विवाद खत्म हो गया है. ट्रिब्यूनल ने कर्नाटक को 13.4 टीएमसी पानी, उपभोग (5.4 टीएमसी) और बिजली उत्पादन (8.02 टीएमसी) के इस्तेमाल की इजाजत दे दी है.

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक गोवा को 24 टीएमसी हिस्सा दिया गया है. राज्य की नगरपालिका जल जरूरतों, सिंचाई के पानी की आवश्यकताओं और औद्योगिक जल मांगों की पूर्ति के लिए ये हिस्सा दिया गया है. महाराष्ट्र को अपनी बेसिन जरूरतों को पूरा करने के लिए सबसे कम हिस्सा 1.33 टीएमसी मिला है.

महादेई नदी बेसिन 2032 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल में फैला है. इसमें से 375 वर्ग किमी कर्नाटक में स्थित है. महाराष्ट्र में 77 वर्ग किमी और शेष गोवा में है. इसके साथ ही ट्रिब्यूनल ने केंद्र को निर्देश दिया है कि वह अपनी रिपोर्ट और अंतिम निर्णय लागू करने के लिए महादायी जल प्रबंधन प्राधिकरण की स्थापना करे.

विवाद तब हुआ जब नदी के सहायक नदियों से पानी के रुख को मोड़ने का फैसला कर्नाटक ने लिया और गोवा ने इसका विरोध किया. कर्नाटक इस कदम को उचित ठहरा रहा था. नवंबर 2010 में ट्रिब्यूनल गठित किया गया था.

वहीं गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने फैसले का स्वागत किया है.

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