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तमिलनाडु: मद्रास हाईकोर्ट ने AIADMK के 18 विधायकों को अयोग्य ठहराने का फैसला बरकरार रखा

मद्रास हाईकोर्ट में इन 18 विधायकों ने अपनी सदस्यता रद्द किए जाने पर याचिका दायर की थी लेकिन 14 जून को दो अलग जजों ने इस मामले में अलग फैसला दिया था

Updated On: Oct 25, 2018 11:17 AM IST

FP Staff

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तमिलनाडु: मद्रास हाईकोर्ट ने AIADMK के 18 विधायकों को अयोग्य ठहराने का फैसला बरकरार रखा
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मद्रास हाईकोर्ट ने एआईएडीएमके के 18 विधायकों के अयोग्य होने के मामले में फैसला सुना दिया है. जस्टिस सत्यानारायण ने विधानसभा स्पीकर के फैसले को सही ठहराते हुए 18 विधायकों को अयोग्य घोषित किया है. अब तमिलनाडु सरकार पर कोई संकट नहीं है.

इस फैसले के बाद दिनकरण ने कहा है कि यह उनके लिए कोई परेशानी वाली बात नहीं है. उन्होंने कहा, 'हम परिस्थितियों का मुकाबला करेंगे और मीटिंग करके फैसला लेंगे की भविष्य में क्या करना है.

मद्रास हाईकोर्ट में इन 18 विधायकों ने अपनी सदस्यता रद्द किए जाने पर याचिका दायर की थी लेकिन 14 जून को दो अलग जजों ने इस मामले में अलग फैसला दिया था .

चीफ जस्टिस इंदिरा बनर्जी ने विधायकों की अयोग्यता के फैसले को बरकरार रखा था वहीं जस्टिस एम सुंदर का मानना था कि इस फैसले को रद्द कर दिया जाए. दो सदस्यों की पीठ में हुए मतभेद की वजह से इस मामले को तीन सदस्यीय पीठ के पास भेजा गया था.

जस्टिस सत्यनारायण 27 जून को इस मामले के तीसरे जज बने थे और उन्होंने 31 अगस्त को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. गौरतलब है कि 18 विधायकों को सीएम पलानीस्वामी का विरोध करने की वजह से अयोग्य ठहराया गया था. यह अयोग्य ठहराए गए विधायक टीटीवी दिनकरण खेमे के हैं.

तमिलनाडु की राजनीति में इन दिनों काफी हंगामा देखने को मिल रहा था. इसी दौरान विरोधियों से बचाने के लिए रिजॉर्ट पॉलिटिक्‍स की शुरुआत भी हो चुकी थी. जिसके तहत एआईएडीएमके के बागी नेता टीटीवी दिनाकरण ने अपने कैंप के अयोग्‍य करार दिए गए विधायकों को तिरुनेलवली के पास स्थिति रिजॉर्ट में जाने को कहा था. ऐसा इसलिए कहा गया क्योंकि खबर थी कि पलानीसामी और ओ पन्‍नीरसेल्‍वम मिलकर दिनकरण के करीबी विधायकों को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं.

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