S M L

बलात्कार की घटनाओं से शिवराज सिंह चौहान की मामा वाली छवि पर खतरा

राज्य में पिछले कुछ महीनों में बारह साल से कम उम्र की लड़कियों के साथ बलात्कार किए जाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं

Dinesh Gupta Updated On: Jun 29, 2018 10:41 PM IST

0
बलात्कार की घटनाओं से शिवराज सिंह चौहान की मामा वाली छवि पर खतरा

मध्यप्रदेश में नाबालिग बच्चियों से बलात्कार किए जाने की घटनाएं हर दूसरे दिन सामने आ रही हैं. बलात्कार की कुछ घटनाएं तो ऐसी हुई हैं, जिसने लोगों को झकझोर कर रख दिया है. इन ह्रदय विदारक घटनाओं के बाद होने वाली राजनीति के चलते पुलिस अपनी जिम्मेदारी से बच निकलती है. राज्य में बढ़ती बलात्कार की घटनाओं के कारण मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के लिए अपनी मामा की छवि को बचाना भी मुश्किल हो रहा है. महिलाओं पर होने वाले अत्याचार की घटनाएं धीरे-धीरे चुनावी मुद्दा भी बनती जा रही हैं. पहले इंदौर और फिर मंदसौर की घटना के बाद कांग्रेस ने मुख्यमंत्री चौहान की मामा वाली छवि को निशाने पर लेना भी शुरू कर दिया है.

लाडली लक्ष्मी योजना से बनी है मामा की छवि

बारह साल से कम उम्र की बच्चियों के साथ होने वाले बलात्कार की घटना पर फांसी की सजा का कानून लागू करने वाला मध्यप्रदेश पहला राज्य है. इस कानून के तहत दर्जनों अपराधियों को फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है. पिछले हफ्ते ही सागर की एक अदालत ने नाबालिग से बलात्कार के आरोपी को फांसी की सजा सुनाई है. सरकार ऐसे मामलों का निपटारा तेजी से करने का प्रयास लगातार करती रहती है.

यह भी पढ़ें: कांग्रेस से हाथ मिलाने के बावजूद थर्ड फ्रंट का अगुवा बनने की तैयारी में देवगौड़ा

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपनी हर सभा में यह जिक्र करना नहीं भूलते कि महिलाओं की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता में है. देश भर में लोकप्रिय लाडली लक्ष्मी योजना को बनाने और लागू करने का श्रेय शिवराज सिंह चौहान के खाते में ही दर्ज है. इसी योजना की दम पर भारतीय जनता पार्टी वर्ष 2008 में दूसरी बार सत्ता में आई थी. इसके बाद कन्यादान जैसी कई योजनाएं शिवराज सिंह चौहान ने लागू की हैं. महिला एवं बालिका कल्याण की योजनाओं ने ही उन्हें मामा के रूप में लोकप्रिय बनाया है. राज्य में विपक्षी दल कांग्रेस, मुख्यमंत्री की मामा वाली छवि को तोड़ने के लिए महिलाओं पर बढ़ते अपराध को हथियार के तौर पर उपयोग करने लगी है.

Jabalpur: Chief Justice of India Deepak Mishra inaugurate the new building of District and Sessions Court in Jabalpur on Friday, June 29, 2018. Madhya Pradesh Chief Minister Shivraj Singh Chauhan is also seen. (PTI Photo)(PTI6_29_2018_000245B)

हर दूसरे दिन सामने आता है नाबालिग से बलात्कार का मामला

राज्य में पिछले कुछ महीनों में बारह साल से कम उम्र की लड़कियों के साथ बलात्कार किए जाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं. मंदसौर की घटना से ठीक दो दिन पहले ग्वालियर में छह साल की बच्ची की बलात्कार के बाद गला दबाकर हत्या कर दी गई. घटना का आरोपी जीतू शादी समारोह में आई बच्ची को बहला कर अपने साथ ले गया और बलात्कार करने के बाद गला दबा कर हत्या कर दी. गला इतनी बेरहमी से दबाया गया कि नाक, चेहरे से मिल गई. शादी समारोह में आरोपी आमंत्रित नहीं था.

बलात्कार की शिकार बच्ची अपने माता-पिता के साथ भिंड जिले के मौ से शादी में हिस्सा लेने के लिए आई थी. इससे पहले बुंदेलखंड इलाके के छतरपुर जिले में तीन साल की बच्ची के साथ आरोपी तौफीक ने घर में घुसकर बलात्कार किया था. आरोपी पड़ोस में ही रहता था. मध्यप्रदेश भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल बच्चियों के साथ हो रहे बलात्कार पर चिंता प्रकट करते हुए कहते हैं कि अधिकांश मामलों में आरोपी नजदीकी व्यक्ति ही निकलता है. एक अन्य घटना सागर में हुई. सागर की घटना में आरोपियों ने नाबालिग से बलात्कार के बाद केरोसिन डालकर उसे जिंदा जला दिया था. सागर की घटना पर भी राज्य में जमकर राजनीति हुई थी.

बीजेपी की महिला मोर्चा द्वारा मुख्यमंत्री का सम्मान किए जाने पर भी नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने सवाल खड़े किए थे. मुख्यमंत्री का सम्मान महिला हितैषी योजनाओं के लिए किया गया था. इससे पहले इंदौर में चार माह की बच्ची के साथ हुई बलात्कार की घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया था. आरोपी जान-पहचान वाला था. इंदौर की घटना पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा था कि घटना ने आत्मा को झकझोर दिया है. इतनी छोटी बच्ची के साथ घिनौना कृत्य. समाज को सोचने की जरूरत है. राज्य में बढ़ती बलात्कार की घटनाओं के लिए गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह पोर्न साइट को जिम्मेदार बताकर विवाद में फंस चुके हैं. गृह मंत्री ने यह भी कहा था कि वे राज्य में पोर्न साइट पर बैन लगा रहे हैं.

बलात्कार के मामले में पहले नबंर पर मध्यप्रदेश

एनसीआरबी के आकंड़ों के मुताबिक, मध्यप्रदेश में हर रोज नाबालिगों के साथ बलात्कार की 23 घटनाएं होती हैं. 14 महिलाओं के साथ बलात्कार होता है. बलात्कार की घटनाओं के मामले में मध्यप्रदेश, देश में पहले नंबर पर है. राज्य के पुलिस महानिदेशक ऋषि कुमार शुक्ला कहते हैं कि हर घटना की प्राथमिकी दर्ज की जाती है. इससे आकंड़ा बढ़ा हुआ दिखता है. एनसीआरबी के जारी आंकड़ों के अनुसार 2017 में देश में 28,947 महिलाओं के साथ बलात्कार की घटना दर्ज की गई. इसमें मध्यप्रदेश में 4882 महिलाओं के साथ बलात्कार की घटना दर्ज हुईं.

यह भी पढ़ें: खेमेबंदी से बचने के लिए राहुल गांधी ने समय से पहले शुरू की उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया

राज्य महिला आयोग की मार्च 2017 तक की रिपोर्ट के मुताबिक भोपाल, इंदौर, सागर, ग्वालियर, जबलपुर जैसी बड़े महानगरों में सबसे ज्यादा महिलाएं प्रताड़ित होती हैं. ये स्थिति तब है जब इन सभी बड़े शहरों में पढ़ा-लिखा तबका रहता है. इन्हीं शहरों में रेप, अपहरण, दहेज, प्रताड़ना, घरेलू हिंसा, मारपीट समेत कई तरह की प्रताड़ना महिलाओं को दी जा रही हैं. महिला आयोग की रिपोर्ट में सबसे कम महिला प्रताड़ना के मामले अनूपपुर, उमरिया, कटनी, मंडला, डिंडौरी, श्योपुर, बुरहानपुर, अलीराजपुर, सिंगरौली, सिवनी, खरगोन जिले में सामने आए हैं. ये सभी छोटे जिले हैं. यहां पर पढ़ा-लिखा तबका कम है. बावजूद इसके प्रदेश की पढ़ी लिखी आबादी वाले जिलों में सबसे ज्यादा महिला अपराध हो रहे हैं. बलात्कार के आरोपियों की पृष्ठभूमि अशिक्षित देखी गई है.

RETRANSMISSION ----------Mumbai: Film producer and wife of actor Aamir Khan, Kiran Rao, takes part in a protest demanding justice for the victims of Kathua and Unnao rape cases, in Mumbai on Sunday. PTI Photo by Shashank Parade(PTI4_15_2018_000263B)

मंदसौर की घटना पर राजनीतिक रंग

मंदसौर की घटना ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया. पहली बार नाबालिग से बलात्कार की घटना पर सांप्रदायिक रंग की राजनीति भी देखी गई. इस घटना के जरिए वोटों के ध्रुवीकरण के भी प्रयास हुए. पिछले एक साल से मंदसौर राज्य की राजनीति के केंद्र में है. पिछले साल यहां पुलिस फायरिंग में किसानों की मौत हुई थी. विरोधी दल कांग्रेस तभी से इस मुद्दे को किसी न किसी रूप में जिंदा रखे हुए है. हाल ही में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी मंदसौर गए थे.

पुलिस फायरिंग में मारे गए किसानों की बरसी के मौके पर श्रृद्धांजलि देने का कार्यक्रम था. राहुल गांधी ने इस कार्यक्रम में कांग्रेस की सरकार आने पर किसानों का कर्ज माफ का एलान भी किया था. राजनीतिक रूप से मंदसौर काफी महत्वपूर्ण है. कांग्रेस अब बलात्कार की घटना के जरिए मुख्यमंत्री को घेर रही है.

(लेखक स्वतंत्र पत्रकार हैं)

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
SACRED GAMES: Anurag Kashyap और Nawazuddin Siddiqui से खास बातचीत

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi