S M L

तीन तलाक: शरिया के मुताबिक न होने पर मध्यप्रदेश की अदालत ने खारिज किया तलाक

अदालत ने कहा कि उस शख्स ने शरिया के कानून को ध्यान में रखते हुए तलाक नहीं दिया है

Updated On: Apr 23, 2017 08:25 PM IST

FP Staff

0
तीन तलाक: शरिया के मुताबिक न होने पर मध्यप्रदेश की अदालत ने खारिज किया तलाक

मध्य प्रदेश में उज्जैन की अदालत ने एक मुस्लिम महिला को दिए तीन तलाक को खारिज कर दिया.

एक मुस्लिम युवक ने अपनी पत्नी को तीन तलाक दे दिया था. अदालत ने इस तलाक को खारिज करते हुए यह दलील दी कि यह तलाक शरिया के नियमों के मुताबिक नहीं दिया गया था.

नहीं मिली तलाक की अनुमति

इस महिला के वकील ने बताया कि अदालत ने तीन तलाक की अनुमति नहीं दी है. अदालत ने कहा कि उस शख्स ने शरिया के कानून को ध्यान में रखते हुए तलाक नहीं दिया है. लिहाजा यह तलाक लागू नहीं होगा.

अदालत का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब विवादास्पद तीन तलाक और बहुविवाह को लेकर विराेध बढ़ रहा है.

सुप्रीम कोर्ट में तीन तलाक के खिलाफ कई मामले जा चल रहे हैं. मुस्लिम समुदाय में तीन बार 'तलाक, तलाक, तलाक' बोलकर अपना रिश्ता तोड़ लेते हैं.

क्या है मामला?

उज्जैन के बेगमबाग की रहने वाली आर्षी की शादी जनवरी 2013 में तौसिफ शेख से हुई थी. शादी के बाद से ही शेख अपने ससुराल वालों से पैसे मांगने लगा था. अपनी मांग पूरी न होने पर वह आर्षी को टॉर्चर करता था. इसके बाद परेशान होकर आर्षी ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया.

9 अक्टूबर 2014 को शेख ने कुछ लोगों की मौजूदगी में आर्षी को तीन तलाक दे दिया. आर्षी ने उज्जैन की अदालत में इस तलाक को चुनौती दी.

आर्षी ने कोर्ट के साथ ही काज़ी खालिकर रहमान का दरवाजा खटखटाया. मुस्लिम समुदाय में काज़ी  एक जज की तरह होता है जो शादियां और दूसरी चीजें कराते हैं.

आर्षी के वकील ने अरविंद गौड़ ने कहा कि इस्लाम में कई शर्तें हैं, जिसका शेख ने पालन नहीं किया है.

क्या हैं शरिया के नियम?

गौड़ ने कहा कि शरिया के मुताबिक जब तलाक दिया जाता है तो पति और पत्नी की तरफ से कम से कम एक बिचौलिया होना चाहिए.

उन्होंने कहा कि तलाक देने से पहले शेख को मेहर की रकम आर्षी को देना चाहिए. जबकि शेख ने ऐसा नहीं किया है.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
KUMBH: IT's MORE THAN A MELA

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi