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दुनिया को बचाने के लिए बड़े देश अपनी भूमिका निभाएं: शिवराज सिंह चौहान

अमेरिका के एक सप्ताह के दौरे पर गए चौहान ‘पंडित दीन दयाल उपाध्याय डायलॉग’ के उद्घाटन समारोह के अपने संबोधन में बोले

Bhasha Updated On: Oct 24, 2017 05:22 PM IST

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दुनिया को बचाने के लिए बड़े देश अपनी भूमिका निभाएं: शिवराज सिंह चौहान

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि जलवायु परिवर्तन से आ रही चुनौतियों से निपटने के लिए भारत कदम उठा रहा है और अमेरिका सहित सभी देशों को भी दुनिया को बचाने के लिए अपनी भूमिका निभानी चाहिए

अमेरिकी थिंक टैंक, ‘फाउंडेशन आफ इंडिया एंड इंडियन डायसपोरा’ और भारतीय दूतावास की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में चौहान ने भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा का एकात्म मानववाद के दर्शन और समकालीन विश्व में इसकी प्रासंगिकता की चर्चा की.

'पंडित दीन दयाल उपाध्याय डायलॉग' समारोह में बोले चौहान

अमेरिका के एक सप्ताह के दौरे पर गए चौहान ने ‘पंडित दीन दयाल उपाध्याय डायलॉग’ के उद्घाटन समारोह के अपने संबोधन में कहा, ‘अमेरिका सहित सभी देशों को (धरती माता को बचाने और सुरक्षित करने के लिए) संकल्प लेना चाहिए. अगर ऐसा नहीं किया गया तो धरती किसी के रहने योग्य नहीं रह जाएगा.’

‘अभिन्न मानववाद: भारतीय विचारों के लिए 21वीं सदी का समाज, अर्थव्यवस्था और राजनीति' नाम से ये परिसंवाद सीनेट रसेल बिल्डिंग के ऐतिहासिक कैनेडी काकस कक्ष में हुआ .

मुख्यमंत्री ने बताया कि दीन दयाल उपाध्याय ने कहा था कि प्रकृति के साथ आदर और गौरव के साथ पेश आना चाहिए .

सांसदों, अमेरिकी कांग्रेस के सहयोगियों और भारतीय-अमेरिकी समुदाय के सदस्यों से भरे समारोह को संबोधित करते हुए चौहान ने कहा, ‘पंडित दीन दयाल उपाध्याय ने कहा है कि प्रकृति का शोषण नहीं बल्कि उसका उचित इस्तेमाल करना चाहिए.’

जलवायु परिवर्तन पर जताई चिंता

जलवायु परिवर्तन पर पेरिस में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से लिए गए निर्णय का हवाला देते हुए चौहान ने कहा पूरी दुनिया भूमंडलीय तापमान में इजाफा होने के कारण मानवजाति पर होने वाले इसके विनाशकारी प्रभाव से चिंतित है. इस भौतिकवादी समाज में प्रकृति के शोषण की होड़ लगी हुई है.

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘यह एक गंभीर प्रश्न खड़ा करता है कि क्या हम अपनी भविष्य की पीढ़ी के लिए सुरक्षित भविष्य छोड़कर जाएंगे.’ उन्होंने कहा कि भारत इस खतरे से अवगत है और इससे निपटने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं .

चौहान ने कहा, ‘अल्पकालीन और थोड़े से फायदे के लिए क्या हम अपनी आने वाली पीढ़ी के लिए सुरक्षित भविष्य छोड़कर जा रहे हैं और यही आज का सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है.’

उन्होंने जोर देकर कहा कि एकात्म मानववाद का दर्शन 21वीं सदी में सबसे अधिक प्रासंगिक है और समावेशी विकास तभी संभव है जब सबके साथ समान व्यवहार किया जाए. भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस दर्शन को लागू करने पर काम कर रहे हैं.’

इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बीजेपी महासचिव राम माधव ने कहा कि दीन दयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद का दर्शन के तीन अलग अलग सिद्धांत हैं- गरिमा, स्वतंत्रता और एकता . इस कार्यक्रम को अन्य लोगों ने भी संबोधित किया .

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