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सामाजिक बहिष्कार के कारण लव मैरिज के 28 साल बाद बदला धर्म

मां-बाप के साथ बेटी-बेटों ने भी अपना लिया इस्लाम धर्म

Bhasha Updated On: Aug 24, 2017 10:51 PM IST

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सामाजिक बहिष्कार के कारण लव मैरिज के 28 साल बाद बदला धर्म

पिछले 28 वर्ष से किए जा रहे सामाजिक बहिष्कार के कारण मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के राजनगर में रहने वाले 51 वर्षीय विनोद प्रकाश खरे ने अपने पूरे परिवार के साथ इस्लाम धर्म अपना लिया है.

कभी हिन्दू धर्म से तालुक रखने वाले खरे ने कहा, मैंने अपनी पत्नी वीणा खरे 44, अविवाहित बेटी एकता खरे 23 एवं दो पुत्रों अमन खरे 20 तथा सूरज खरे 17 के साथ 21 अगस्त को धर्मांतरण कर लिया.

उन्होंने कहा, इस्लाम धर्म अपनाने के पीछे मैं हिन्दू समाज व खुद अपने परिवार द्वारा पिछले 28 वर्ष से किए जा रहे सामाजिक बहिष्कार को बड़ा कारण मानता हूं. खरे ने बताया कि धर्म परिवर्तन कर मैं विनोद प्रकाश खरे से गुलाम मोहम्मद बन गया हूं.

उन्होंने बताया, मैंने आज से 28 साल पहले मुस्लिम महिला शाय बानो के साथ शादी की थी और उसका नाम वीणा खरे रखा था. मेरी इस शादी को परिवार, रिश्तेदारों एवं समाज ने मानने से इनकार कर दिया.

उन्होंने कहा, परिवार ने तो मुझे एवं मेरी पत्नी को घर से बाहर निकाल दिया. यहां तक कि मुझे, मेरी बीबी एवं बच्चों को मेरे पिता की मौत के बाद अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं होने दिया.

खरे से गुलाम मोहम्मद बने इस व्यक्ति ने कहा, आज जब मेरे बच्चे बड़े हो रहे हैं तो हमें उनका घर भी बसाना है. हिन्दू समाज तो साथ दे नहीं रहा है. ऐसे समय इस्लाम समाज का साथ मिला तो हमने सपरिवार इस धर्म को स्वीकार कर लिया है.

उन्होंने एक शपथ पत्र देकर इसकी पुष्टि की है कि मुफ्ती साहब ने हमें कलमा पढ़ाकर इस्लाम धर्म में शामिल किया है.

धर्म परिवर्तन के बाद इनके नाम विनोद प्रकाश खरे की जगह गुलाम मुहम्मद, वीणा खरे की जगह शाहबानो, एकता खरे की जगह फातिमा, अमन खरे की जगह अमान मुहम्मद तथा सूरज खरे की जगह मोहम्मद आफताब हो गया. जिन्हें आज से इन्हीं नामों से जाना जायेगा.

विनोद प्रकाश खरे को करीब 28 वर्ष पहले नगर की ही शाहबानो नाम की मुस्लिम लड़की से प्रेम हो गया. दोनों ने परिवारों की रजामंदी नहीं होने के बावजूद हिन्दू रीति से विवाह कर लिया था. तब से ही खरे को उनके परिजनों ने घर में घुसने नहीं दिया और संबंधियों तथा रिश्तेदारों ने नाते संबंध तोड़ लिए थे और परिवारजनों ने संपत्ति से बेदखल कर दिया था.

विनोद द्वारा अपने परिवार के साथ धर्मांतरण किए जाने के मामले पर पूछे जाने पर राजनगर अनुविभागीय दंडाधिकारी एसडीएम रवीन्द्र चौकसे ने बताया, हमें इस तरह की जानकारी मिली है. अब यदि कोई विवाद सामने आता है तो व्यवस्था दी जाएगी.

वहीं, विश्व हिन्दू परिषद के स्थानीय प्रमुख अनुपम गुप्ता ने बताया, 'मैं इस परिवार से संपर्क में हूं. हमारी विनोद से बात भी हुई है. वह अपने इस निर्णय पर पुनर्विचार करेगा.'

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