S M L

दिल्ली एयरपोर्ट से लग्जरी कारों के डीलर गिरफ्तार, बैंकों को लगाया था 270 करोड़ का चूना

दोनों बाप बेटे भारतीय मूल के ब्रिटिश नागरिक हैं, उनकी दिल्ली-एनसीआर में लग्जरी कारों के डीलरशिप की चेन है

Updated On: Sep 02, 2018 12:08 PM IST

FP Staff

0
दिल्ली एयरपोर्ट से लग्जरी कारों के डीलर गिरफ्तार, बैंकों को लगाया था 270 करोड़ का चूना
Loading...

ऑडी और पोर्श जैसी लग्जरी कारों के डीलर राश पाल सिंह तोड और मंधीर सिंह तोड को दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया गया है. इनकी गिरफ्तारी उस वक्त हुई जब वह दोनों देश से बाहर जाने के लिए अपनी फ्लाइट का इंतजार कर रहे थे. बता दें, दोनों 270 करोड़ रुपये के लोन डिफॉल्टर हैं. दोनों बाप बेटे भारतीय मूल के ब्रिटिश नागरिक हैं. उनकी दिल्ली-एनसीआर में लग्जरी कारों के डीलरशिप की चेन है. उनके जेनिका ग्रुप के पास एप्पल शोरुम्स के अलावा पोर्श सेंटर गुरुग्राम, ऑडी गुरुग्राम, ऑडी दिल्ली सेन्ट्रल, ऑडी अप्रूव्ड प्लस और ऑडी सर्विस गुरुग्राम का मालिकाना भी है. दिल्ली-गुरुग्राम की पेज-3 पार्टियों में राश पाल एक जाना-पहचाना नाम है. फिलहाल दोनों 3 दिन की पुलिस हिरासत में हैं.

दरअसल एचडीएफसी बैंक ने 29 अगस्त 2018 को दोनों के खिलाफ जालसाजी और धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया था जिसके बाद दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने दोनों को एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया. बैलेंसशीट में प्रॉफिट के बावजूद उन्होंने पिछले 4 सालों में बहुत ज्यादा घाटे का दावा किया है. टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक एफआईआर में जेनिका कार्स इंडिया, जेनिका परफॉर्मेंस कार्स प्राइवेट लिमिटेड, इन कंपनियों के डायरेक्टर राश पाल और मनधीर के साथ-साथ ग्रुप के फाइनैंस हेड वैभव शर्मा का नाम है.

क्या कहती है ऑटो इंडस्ट्री

ऑटो इंडस्ट्री के सूत्रों के मुताबिक जेनिका ग्रुप ऑडी और पोर्श के लग्जरी कारों का देश में सबसे बड़ा डीलर है. यह हर साल सेल्स और सर्विस से 500 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई करता है. यह हर महीने औसतन 140 ऑडी और 18 से 20 पोर्श कारों की बिक्री करता है जो भारत में बिकने वाली ऑडी कारों की कुल संख्या का 20 प्रतिशत है. जब ऑडी इंडिया से संपर्क किया गया तो उन्होंने इस पर कोई भी टिप्पणी करने से साफ इनकार कर दिया.

शिकायत में कहा गया है कि गुरुग्राम के साउथ सिटी-1 में रहने वाले तोड ने इस साल मार्च में नई कारों, डेमो कारों और यूज्ड कारों व स्पेयर पार्ट्स की खरीदारी के लिए एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, केनरा बैंक, जम्मू एंड कश्मीर बैंक और फॉक्सवैगन फाइनैंस के कंसोर्शियम से 270 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था. अकेले एचडीएफसी बैंक ने उन्हें 120 करोड़ रुपये का कर्ज दिया था.

कार डीलरों पर लगा ये आरोप

आरोप है कि दोनों ने बैलेंस शीट के आधार पर लोन लिया था, जिसमें ग्रुप को प्रॉफिट दिखाया गया था लेकिन 28 अगस्त 2018 को एचडीएफसी बैंक को भेजे गए मेल में उन्होंने कर्ज चुकाने में अपने आप को असरमर्थ कहा था. उन्होंने मेल में दावा किया कि पिछले 4 वित्तीय वर्षों से उन्हें बहुत ज्यादा नुकसान हो रहा है. बैंक की तरफ से एफआईआर दर्ज कराने वाले एचडीएफसी बैंक के असिस्टैंट वाइस प्रेजिडेंट संजय शर्मा ने बताया, 'यह साफ है कि आरोपियों ने कर्ज हासिल करने के लिए जालसाजी की है.' उन्होंने आरोप लगाया कि तोड ने यह सबकुछ जानबूझकर किया है और थर्ड पार्टी द्वारा किए गए वैरिफिकेशन में इस बात की पुष्टि भी हुई है. यह साबित हुआ है कि उन्होंने लोन लेते वक्त जो दस्तावेज दिए थे, वह सभी फर्जी थे.

दिल्ली पुलिस के आर्थिक अपराध शाखा (EOW) के एक अधिकारी ने बताया कि आईपीसी की धाराओं 406 (आपराधिक विश्वासभंजन), 420 (धोखाधड़ी), 468 (जालसाजी), 471 (फर्जी दस्तावेज बनाना) और 120 बी (आपराधिक साजिश) के तहत केस दर्ज किया गया है. गुरुग्राम के पुलिस कमिश्नर के. के. राव ने बताया कि डॉक्युमेंट इकट्ठा करने के लिए EOW दिल्ली की एक टीम गोल्फ कोर्स रोड स्थित कंपनी के दफ्तर और कार शोरूम्स पहुंची थी.

0
Loading...

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
फिल्म Bazaar और Kaashi का Filmy Postmortem

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi