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JNUSU Election Results: गीता कुमारी बनीं छात्रसंघ की नई अध्यक्ष

छात्रसंघ चुनाव के लिए अध्यक्ष पद पर कुल 7 उम्मीदवार मैदान में हैं

FP Staff Updated On: Sep 10, 2017 10:50 AM IST

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JNUSU Election Results: गीता कुमारी बनीं छात्रसंघ की नई अध्यक्ष

जवाहरलाल नेहरु यूनिवर्सिटी (JNU) छात्रसंघ चुनाव के लिए वोटिंग खत्म हो गई. तीन सेंटरों पर वोट डाले गए. अब के रुझानों से स्पष्ट है कि लेफ्ट यूनिटी की जीत लगभग तय हो गई है. बापसा दूसरे और एबीवीपी तीसरे नंबर पर चल रही है.

काउंसलर पद के नतीजों में 6 एबीवीपी, 13 लेफ्ट यूनिटी और कुछ निर्दलीयों को सफलता मिली है. साइंस स्कूल में जहां एबीवीपी को सफलता मिली है वहीं स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज में लेफ्ट यूनिटी को 5 में से 4 काउंसिलर पद मिले हैं. साइंस स्कूल एबीवीपी का परंपरागत गढ़ माना जाता है.

स्कूल ऑफ लैंग्वेज लिटरेचर एंड कल्चरल स्टडीज में काउंसलर पद के पांचों सीटों पर लेफ्ट यूनिटी ने बाजी मारी है.

स्कूल ऑफ सोशल साइंस के 4 काउंसलर पदों पर लेफ्ट यूनिटी के उम्मीदवार जीते जबकि 1 काउंसलर सीट उमर खालिद की पार्टी भगत सिंह अंबेडकर स्टूडेंट एसोसिएशन को मिला. इस पार्टी के उम्मीदवार चेपल शेरपा को सबसे अधिक वोट मिले. सेंट्रल पैनल पर अब तक के वोटों की गिनती के बाद लेफ्ट यूनिटी के सभी उम्मीदवार आगे चल रहे हैं.

यह है सेंट्रल पैनल पर प्रमुख उम्मीदवारों की अब तक की स्थिति

अध्यक्ष

गीता(लेफ्ट यूनिटी, आइसा) -  1077

शबाना अली (बापसा) - 755

निधि त्रिपाठी (एबीवीपी) -  669

अपराजिता (एआईएसएफ) - 337 फ़ारूक़ (निर्दलीय) - 313

वृंशिका सिंह (एनएसयूआई) -59

नोटा - 114

उपाध्यक्ष दुर्गेश (एबीवीपी) - 687 फ्रेंसिस(एनएसयूआई)- 158 सिमोन (लेफ्टयूनिटी, आइसा) -1344 सुबोध(बापसा)-756

नोटा -  367

जनरल सेक्रेटरी

दुग्गीराला (लेफ्टयूनिटी, एसएफआई)- 1541 करम (बापसा) - 721 निकुंज मकवाना (एबीवीपी) - 619 प्रीति धुर्वे- (एनएसयूआई) -  179 नोटा -274

जॉइंट सेक्रेटरी

अलीमुद्दीन(एनएसयूआई) - 141 मेंहदी (एआईएसएफ) - 159 पंकज कुमार (एबीवीपी) - 619 शिवेंद्र (निर्दलीय) - 47 शुभांशु ( डीएसएफ, लेफ्ट यूनिटी) -1280 विनोद (बापसा)- 721

छात्र संघ के अध्यक्ष पद के लिए मुकाबले में सात उम्मीदवार हैं. अध्यक्ष सीट पर फिलहाल आइसा का कब्जा है जिसका एसएफआई से गठबंधन है. चुनाव के नतीजे 10 से 11 सितंबर के बीच आएंगे.

वैसे तो वोटों की गिनती शुक्रवार को ही देर रात शुरू हो जाएगी लेकिन बैलेट पेपर पर वोटिंग होने की वजह से गिनती एक-दो दिन चलती है. जेएनयू में करीब 7200 स्टूडेंट हैं जिसमें से लगभग 4667 स्टूडेंट ने वोट डाला.

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जेएनयू में वोटिंग के आखिरी घंटे में कम और धीमे मतदान से सभी संगठन थोड़े परेशान हुए. आखिरी घंटे में सभी पार्टी अपने कैडर वोट को उतारने में जुटी. सभी दलों के लोग फोन करके अपने-अपने समर्थक वोटरों को उतारने की कोशिश में लगे थे.

सभी को यह डर था कि कम मतदान होने से किसी का भी खेल बिगड़ सकता है. इस वजह से सभी पार्टियों ने आखिरी घंटे में जोर लगाया आखिरी वक्त में काफी स्टूडेंट वोट करने उतरे. इसकी वजह से वोटिंग 6 बजे के बाद तक भी चलती रही क्योंकि पोलिंग बूथ में घुसने का आखिरी वक्त 5.30 बजे था और इससे पहले भारी संख्या में छात्र उतरे.

लेफ्ट यूनिटी, बापसा और एबीवीपी के बीच के त्रिकोणीय संघर्ष में अपराजिता और फारूक को मिले वोट किसी का भी खेल बिगाड़ सकते हैं.

इस चुनाव में लेफ्ट और एबीवीपी के सामने अपने परंपरागत आधार को बरकरार रखने की चुनौती है.

जेएनयू छात्र संघ चुनाव में दोपहर में भी मतदान धीमा रहा. लेकिन उम्मीदवारों और समर्थकों में उत्साह बना हुआ है. वैसे अमूमन पहले हाफ में जेएनयू में हर बार मतदान की गति धीमी होती है. दोपहर बाद ही छात्र मतदान के लिए उतरते हैं.

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दोपहर बाद सभी पार्टियां हॉस्टल और सभी स्कूलों के सेंटर के लिस्ट लेकर देखती हैं कि उनके किस समर्थक ने वोट नहीं किया है. इसके बाद वे उन समर्थकों को फोन करके मतदान के लिए बुलाते हैं. वोटिंग शाम 5.30 बजे तक चलेगी.

वहीं काउंटिंग देर रात काउंटिंग शुरू होगी. जब छात्रों से यह पूछा गया कि इस बार संघर्ष किसके बीच है तो लोगों ने अलग-अलग पार्टीयों का नाम लिया, किसी ने लेफ्ट यूनिटी बनाम एबीवीपी का नाम लिया किसी ने लेफ्ट यूनिटी बनाम बापसा का टक्कर की बात कही. एआईएसए की सदस्य शहला रशीद ने फेसबुक पोस्ट में कहा, एबीवीपी के कार्यकर्ता स्कूल ऑफ लैंगवेज के सामने करनल पुरोहित जिंदाबाद, साध्वी प्रज्ञा जिंदाबाद के नारे लगा रहे हैं.

पूर्व जेएनयू अध्यक्ष कन्हैया कुमार एआईएसएफ के लिए प्रचार करते हुए.

सबसे ज्यादा समर्थकों की भीड़ लेफ्ट यूनिटी, बापसा और एबीवीपी के साथ. एबीवीपी अपनी खोई हुई जमीन वापस लेने के लिये लड़ रही है. 2015 में मिली थी संयुक्त सचिव की सीट, लेकिन 2016 में लेफ्ट ने यह सीट छीन ली. इसलिए उसपर है ज्यादा दबाव है.

इसके साथ ही आइसा-एसएफआई और डीएसएफ़ उम्मीदवारों के समर्थन में उमर खालिद वोटिंग सेंटर पर नजर आए.

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इस बार सभी संगठनों ने महिला चेहरों को उम्‍मीदवार बनाया है. बाप्सा (बिरसा आंबेडकर फूले स्टूडेंट एसोसिएशन) से शबाना अली, एआईएसएफ से अपराजिता राजा, एबीवीपी से निधि त्रिपाठी और एनएसयूआई से वृषनिका सिंह मुकाबले में हैं.

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छात्रसंघ चुनाव के लिए कुल 7200 छात्र वोट डालेंगे और शाम 5 बजे तक वोटिंग चलेगी.

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छात्रसंघ चुनाव के लिए वोटिंग स्कूल ऑफ़ एनवायर्नमेंटल साइंस, स्कूल ऑफ़ सोशल साइंस, स्कूल ऑफ़ इंटरनेशनल स्टडीज़, स्कूल ऑफ़ लैंग्वेज लिटरेचर एंड कल्चर स्टडीज़ में हो रही है.

निर्दलीय फारुख आलम का कहना है कि हम तो न बाजा बज सकते और न शोर मचा सकते. इसलिए मैन टू मैन मिल रहा हूं.

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एनएसयूआई के प्रत्याशी:

अध्यक्ष- वृषनिका सिंह

उपाध्यक्ष- फ्रैंसिस लालरेमसियामा

महासचिव- प्रीति ध्रुवे

संयुक्‍त सचिव- अलीमुद्दीन

एआईएसएफ के उम्‍मीदवार:

अध्यक्ष- अपराजिता राजा

संयुक्त सचिव- मेंहदी हसन

निर्दलीय उम्‍मीदवार:

अध्यक्ष- फारुख

एबीवीपी के उम्‍मीदवार:

अध्यक्ष- निधि त्रिपाठी

उपाध्यक्ष- दुर्गेश

महासचिव- निकुंज मकवाना

संयुक्त सचिव- पंकज केसरी

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