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वकीलों की जनसंख्या बढ़ाना होगा, तभी कानूनी व्यवस्था में सुधार हो पाएगाः CJI रंजन गोगोई

नए मुख्य न्यायाधीश ने यह साफ कर दिया है कि वह मामलों और न्यायिक प्रशासन से निपटने के लिए आगे भी 'सख्त और आदर्शवादी' बने रहेंगे

Updated On: Oct 06, 2018 02:19 PM IST

FP Staff

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वकीलों की जनसंख्या बढ़ाना होगा, तभी कानूनी व्यवस्था में सुधार हो पाएगाः CJI रंजन गोगोई

देश के नए मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने एक कार्यक्रम में पूछा कि भारत में वकीलों की जनसंख्या कितनी है. इसका जवाब देते हुए उन्होंने खुद ही कहा कि देश में करीब 13 से 14 लाख वकील होंगे जो कि ज्यादा नहीं है. यूएस में हर 200 व्यक्तियों के लिए 1 वकील है जबिक भारत में 1800 लोगों के लिए 1 वकील है. भारत में वकीलों की जनसंख्या को बढ़ाना होगा. उन्होंने कहा कि कानूनी सहायता एक बड़ा विषय है. भारत में 67 फीसदी कैदी विचाराधीन हैं. इन विचाराधीन कैदियों में से 47 फीसदी 18 से 30 वर्ष की उम्र तक के हैं जिसका मतलब है कि युवकों की एक बड़ी संख्या विचाराधीन कैदियों के अंदर आती है. कानूनी सहायता देने वाले वकीलों की गुणवत्ता में भी सुधा की जरूरत है.

आपको बता दें कि जस्टिस दीपक मिश्रा के बाद अब उच्चतम न्यायालय की बागडोर जस्टिस रंजन गोगोई के हाथों में आ गई है. माना जा रहा है कि अब अदालती कार्यवाही में बड़ा परिवर्तन देखने को मिलेगा. नए मुख्य न्यायाधीश ने यह साफ कर दिया है कि वह मामलों और न्यायिक प्रशासन से निपटने के लिए आगे भी 'सख्त और आदर्शवादी' बने रहेंगे. इससे पहले एक कार्यक्रम में नए चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा था- 'मैं जो हूं वैसा ही रहूंगा और मैं खुद को बदलने वाला नहीं हूं.' उन्होंने अपनी योजना बताई कि कैसे वह न्यायिक प्रक्रिया में सुधार लाएंगे और रिक्त स्थानों को भरेंगे खासतौर से निचली अदालतों को. मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि वह आने वाले 3-4 महीनों में रिक्त स्थानों को भरने की पूरी कोशिश करेंगे. समय कम है. हम थोड़े से समय में बेहतर परिणाम हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं.

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