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'लव जिहाद' का मामला सामने आने से सुलग रहा है लद्दाख!

बौद्ध धर्म को मानने वाली एक महिला ने धर्म-परिवर्तन कर 2016 में एक शिया मुसलमान से शादी कर ली थी

Updated On: Sep 12, 2017 04:43 PM IST

FP Staff

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'लव जिहाद' का मामला सामने आने से सुलग रहा है लद्दाख!

जम्मू-कश्मीर के लद्दाख में लव जेहाद का एक मामला सामने आने से माहौल तनावपूर्ण हो गया है. लद्दाख बुद्धिस्ट एसोसिएशन (एलबीए) ने राज्य की पीडीपी-बीजेपी गठबंधन वाली सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले में दखल देकर बौद्ध और मुस्लिमों के बीच बढ़ते तनाव को दूर करने की अपील कर रहे हैं.

यह मामला पिछले साल का है. बौद्ध धर्म को मानने वाली 30 साल की एक महिला ने अपना धर्म-परिवर्तन कर 32 साल के एक शिया मुसलमान से शादी कर ली थी. टाइम्स ऑफ इंडिया अखबार के अनुसार एलबीए के एक शीर्ष अधिकारी पीटी कुंजैंग ने कहा कि बौद्ध प्रतिनिधियों का एक समूह पीएम मोदी से मुलाकात करने की कोशिश में है जिससे हालात को नियंत्रण में लाया जा सके.

लद्दाख में 51 फीसदी बौद्ध हैं जबकि मुस्लिमों की संख्या 49 फीसदी है. एलबीए का मानना है कि राज्य सरकार उनकी परेशानियों को नजरअंदाज कर रही है. जिसके चलते बौद्ध लड़कियों की मुस्लिम युवकों से शादी कराकर उनका धर्म-परिवर्तन कराया जा रहा है.

कारगिल के द्रास के रहने वाले मुर्तजा आगा ने बौद्ध लड़की से शादी की थी जिसने धर्म परिवर्तन के बाद साल 2016 में अपना नाम शिफा रख लिया. शिफा ने इस बारे में राज्य की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को भेजे एक पत्र में लिखा कि उसने अपनी मर्जी से मुर्तजा से शादी की है. दिल्ली के एक एनजीओ में साथ काम करने के दौरान उन दोनों में प्यार हो गया था. इसपर बौद्ध संगठन का कहना है कि शिफा पर दवाब बनाकर उसकी रजामंदी ली गई.

2015 में किया धर्म परिवर्तन, 2016 में की शादी

राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन नयीमा महाजोर से मिली जानकारी के अनुसार शिफा ने 2015 में धर्म परिवर्तन किया था. उसने 2016 में अपनी मर्जी से बेंगलुरु में मुर्तजा से शादी की थी.

इसी बीच जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि बौद्ध लड़की के कोर्ट में पेश होकर अपना बयान देने तब दोनों को प्रताड़ित नहीं किया जाए. कुंजैंग ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि वह जम्मू-कश्मीर से बौद्ध धर्म का नामोनिशान मिटा देना चाहती है. उन्होंने कहा 'हम इसके खिलाफ अपने खून के आखिरी कतरे तक लड़ेंगे.

एक लद्दाखी अधिकारी ने बताया कि क्षेत्र के कई हिस्सों में मुस्लिम लड़के बौद्ध होने का झांसा देकर युवा बौद्ध लड़कियों से शादी कर ले रहे हैं. पी़ड़ित लड़कियों को अपने साथ हुए इस धोखे का पता शादी के बाद पता चलता है.

साल 2003 से अब तक 45 से अधिक बौद्ध लड़कियों ने मुस्लिम लड़कों से शादी की है. और सबने अपनी मर्जी से शादी करने की बात कही है. कुजैंग ने आरोप लगाया कि लड़कियों से इस तरह के बयान दबाव डालकर दिलवाए जाते हैं.

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