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जानिए कौन हैं करण आचार्या, जिन्होंने बनाई 'एंग्री हनुमान' की तस्वीर

'एंग्री हनुमान' की यह तस्वीर बनाने वाले करण आचार्या का कहना है कि 'उन्होंने जो भगवान हनुमान की तस्वीर बनाई है वो गुस्से में नहीं है बल्कि उनके एटीट्यूड की है

Updated On: May 07, 2018 10:59 PM IST

FP Staff

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जानिए कौन हैं करण आचार्या, जिन्होंने बनाई 'एंग्री हनुमान' की तस्वीर

आपको दिल्ली या देश की सड़कों पर चलने वाली कारों के शीशों के पीछे आपको भगवान हनुमान के पोस्टर लगे दिखते होंगे. ये पोस्टर पिछले कई दिनों से काफी चर्चा में हैं. कई लोग इसके फैन हैं तो कई लोग इसे उग्र हिंदुत्व का प्रतीक मानकर विरोध कर रहे हैं. इस तस्वीर को बनाने वाले आर्टिस्ट करण आचार्या हैं.

पीएम मोदी ने भी कर्नाटक चुनाव में अपने प्रचार अभियान के दौरान करण आचार्या की तारीफ की. रविवार को प्रचार करने प्रधानमंत्री मोदी कर्नाटक के मंगलौर पहुंचे तो उन्होंने अपने संबोधन में करण आचार्य का भी जिक्र किया.

क्या कहा था पीएम ने?

उन्होंने कहा 'करण आचार्य ने हनुमान जी की जो तस्वीर बनाई. उस हनुमान जी की तस्वीर की देशभर में गूंज उठी. देश भर में उसकी चर्चा हुई और वह बहुत प्रशंसनीय है. मैंने देखा कि देशभर के टीवी वाले करण आचार्य का इंटरव्यू लेने के लिए कतार लगाकर खड़े थे. यह करण आचार्य की कला की ताकत थी. उसकी कल्पना शक्ति की ताकत थी. यह मंगलौर का गर्व है.'

आगे बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधा. उन्होंने कहा 'जिनको पेट में दर्द होता है. उन्होंने करण आचार्य जैसे कलाकार की हनुमान जी की तस्वीर को भी विवादों में घसीट दिया और कांग्रेस का जो ecosystem है, वो पूरी तरह उसको बदनाम करने में लग गया. ऐसी मानसिकता वाले लोग जो करण आचार्य की कला को सहन नहीं कर सकते. उनके जेहन में लोकतंत्र होने का कोई सबूत नहीं मिल रहा. ऐसी कांग्रेस पार्टी को अब कर्नाटक में काम करने का एक दिन भी अधिकार नहीं है.'

PM Modi

एंग्री हनुमान नहीं बल्कि यह उनका एटीट्यूड है

'एंग्री हनुमान' की यह तस्वीर बनाने वाले करण आचार्या का कहना है कि 'उन्होंने जो भगवान हनुमान की तस्वीर बनाई है वो गुस्से में नहीं है बल्कि उनके एटीट्यूड की है. मुझे खुशी है कि मेरी कला हर जगह दिख रही है. पीएम की टिप्पणी पर उन्होंने कहा कि शॉक्ड और खुश दोनों हूं.'

यह तस्वीर कर्नाटक निवासी करण आचार्य ने करीब 3 साल पहले 2015 में अपने गांव के यूथ क्लब के लिए बनाई थी. करण मूलतः केरल के कासरगोड जिले के कुंबले गांव के रहने वाले हैं. उनके गांव के यूथ क्लब को गणेश चतुर्थी के झंडे पर लगाने के लिए कुछ चाहिए था. लेकिन जल्द ही यह तस्वीर टीशर्ट और कारों के शीशों पर दिखने लगी.

इस पोस्टर को लेकर तब विवाद हुआ जब केरल की लेखिका और कार्यकर्ता जे देविका ने कहा कि वो ऐसी किसी भी वस्तु या व्यक्ति का विरोध करती हैं जो आक्रामक हिंदुत्व को बढ़ावा देता है जैसे ऑटोरिक्शा पर दिखने वाला 'एंग्री हनुमान' का पोस्टर.

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