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किसानों के इस वायरल खत ने हर किसी के दिल को छुआ, जानें आखिर लिखा क्या था

29 नवंबर को लाखों की संख्या में किसान दिल्ली के रामलीला मैदान में एकबार फिर इकट्ठा हुए हैं. यहां इकट्ठा होने से पूर्व ही किसानों का यह पत्र हर जगह वायरल होने लगा

Updated On: Nov 30, 2018 02:22 PM IST

FP Staff

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किसानों के इस वायरल खत ने हर किसी के दिल को छुआ, जानें आखिर लिखा क्या था

'माफ कीजिएगा! हमारे इस मार्च से आपको परेशानी हुई होगी'.

'हम किसान हैं. आपको तंग करना हमारा इरादा नहीं है. हम खुद बहुत परेशान हैं सरकार को और आपको अपनी बात सुनाने बहुत दूर से आए हैं. हमें आपका बस एक मिनट चाहिए.

हम हर चीज महंगी खरीदते हैं और सस्ती बेचते हैं. हमारी जान भी सस्ती है. पिछले बीस साल में तीन लाख से ज्यादा किसान आत्महत्या कर चुके हैं. हमारी मुसीबत की चाबी सरकार के पास है, लेकिन वो हमारी सुनती नहीं. सरकार की चाबी मीडिया के पास है, लेकिन वो हमें दिखाता नहीं और मीडिया की चाबी आपके पास है. आप हमारी बात सुनेंगे, इस उम्मीद से हम आपको अपनी दुख: तकलीफ समझाने आए हैं.'

बीते दो दिनों से इन बातों के साथ एक पत्र सोशल मीडिया पर घूम रहा है. वाट्सऐप के मेसेज से लेकर स्टेटस, फेसबुक की स्टोरी से लेकर मेसेंजर तक. यह पत्र हमारे देश के किसानों ने लिखी है. हमारे, आपके, और सरकार के लिए, इस उम्मीद में की उनका कुछ तो होगा.

किसानों की मांग है कि संसद का एक विशेष अधिवेशन किसानों की समस्या पर बुलाया जाए

29 नवंबर को लाखों की संख्या में किसान दिल्ली के रामलीला मैदान में एकबार फिर इकट्ठा हुए हैं. यहां इकट्ठा होने से पूर्व ही किसानों का यह पत्र हर जगह वायरल होने लगा. पत्र में ऊपर लिखी गईं बातों के अलावा भी कई और चीजें लिखी हुई हैं, कुछ आंकड़े भी दिए गए हैं, जो काफी चौंकाने वाले हैं.

इसके मुताबिक इसमें मांग की गई है कि संसद का एक विशेष अधिवेशन किसानों की समस्या पर बुलाया जाए. साथ ही किसान चाहते हैं इस अधिवेशन में किसानों के लिए दो कानून पास किए जाएं- फसलों के उचित दाम की गारंटी का कानून और किसानों को कर्ज मुक्त करने का कानून. किसानों ने पूछा है आपको पता है, सब्जी, दाल, फल के लिए हमें क्या भाव मिलता है और आप क्या दाम देते हैं?

इस पत्र के मुताबिक साबुत मूंग के लिए आप 120 रुपए प्रति किलो देते हैं, लेकिन इसके लिए किसानों को आधे से भी कम यानी महज 46 रुपए प्रति किलो मिलते हैं. टमाटर आप 30 रुपए प्रति किलो खरीदते हैं लेकिन किसानों को इसके लिए सिर्फ 5 रुपए मिलते हैं. 110 रुपए प्रति किलो सेब के लिए किसानों को सिर्फ 10 रुपए और 42 रुपए प्रति लीटर वाले दूध के लिए उन्हें सिर्फ 20 रुपए मिलते हैं. इन्हीं की सही कीमत के लिए ये किसान आज दिल्ली में सरकार से मिलने आए हैं.

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