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पुडुचेरी: 'बिना सफाई राशन नहीं' वाले बयान से पलटीं LG किरण बेदी

उपराज्यपाल ने कहा था कि उन परिवारों को तब तक मुफ्त राशन नहीं मिलेगा जब तक गांव खुले में शौच (ओडीएफ) से मुक्त न हो जाएं

Updated On: Apr 29, 2018 10:45 AM IST

FP Staff

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पुडुचेरी: 'बिना सफाई राशन नहीं' वाले बयान से पलटीं LG किरण बेदी

पुडुचेरी की उपराज्यपाल (एलजी) किरण बेदी अपने हाल के दिए उस बयान से पलट गई हैं. जिसमें उन्होंने कहा था कि उन परिवारों को तब तक मुफ्त राशन नहीं मिलेगा जब तक उनके गांव खुले में शौच (ओडीएफ) से मुक्त न हो जाएं.

एलजी बेदी के इस बयान को लेकर विपक्षी पार्टियों ने कड़ा एतराज जताया और उनसे सफाई की मांग की. बेदी ने इसे देखते हुए अब अपना बयान वापस ले लिया है.

बता दें कि दो दिन पहले शुक्रवार को एलजी किरण बेदी ने एक निर्देश दिया कि गांवों में जहां खुले में शौच और कूड़ा पाया गया, वहां मुफ्त राशन नहीं बांटा जाएगा. पुडुचेरी के गांवों में साफ-सफाई की हालत ज्यादा खराब बताई जाती है, जिसमें सुधार के लिए एलजी ने कई कदमों की घोषणाएं की हैं.

बेदी ने कहा, 'हमें जरूरत है कि स्थानीय समुदायों पर अपने जगहों को साफ-सुथरा और स्वस्थ रखने के लिए जिम्मेदारी सौंपी जाए.' उन्होंने आगे कहा, 'इसलिए शर्त रखी गई कि जो गांव खुले में शौच से मुक्त होंगे और प्लास्टिक और कूड़े से मुक्त होने के सर्टिफिकेट दें, वहीं पर चावल वितरण किया जाए.'

बेदी के बयान में कहा गया है, 'प्रमाण-पत्रों की भी क्रॉस चेकिंग हो, ताकि उसकी प्रामाणिकता बरकरार रह सके. मुफ्त चावल वितरण योजना का लाभ उठाने के लिए सभी विधानसभा क्षेत्रों को चार हफ्ते का समय दिया गया है, ताकि वो अपने-अपने इलाकों को शौच से मुक्त और स्वच्छ कर सकें. इस नोटिस की समय-सीमा 31 मई को समाप्त हो जाएगी.'

भले ही एलजी ने स्वच्छता अभियान को ध्यान में रखते हुए ये आदेश दिए हों, लेकिन साफ-सफाई के नाम पर लोगों को उनका राशन रोकने को निर्देश को लेकर उनकी आलोचना भी हो रही है. द्रविड मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के कार्यकारी अध्यक्ष ने विरोध जताते हुए लिखा, 'मुफ्त चावल वितरण को सफाई से जोड़ना सामाजिक न्याय और समानता के सिद्धांत के खिलाफ है.'

कांग्रेस ने उपराज्यपाल के इस फैसले को तानाशाही तक बता दिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जवाब मांगा. ऑल इंडिया अन्ना द्रविड मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) ने उपराज्यपाल के इस फैसले का कड़ा विरोध किया.

विपक्षी पार्टियों की ओर से जारी कड़ी आलोचना और भारी विरोध के बाद किरण बेदी ने अपना फैसला शनिवार शाम को वापस ले लिया.

पुडुचेरी में मुफ्त चावल योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) के परिवारों को हर महीने 20 किलो चावल दिया जाता है और गरीबी रेखा से ऊपर (एपीएल) के परिवारों या पीले कार्डधारकों को 10 किलो मुफ्त चावल दिया जाता है.

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