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केरल की रेप पीड़िता नन ने वेटिकन में लगाई गुहार, खत में चर्च को बताया सौतेली मां

नन ने 8 सितंबर को 7 पन्नों में ये चिट्ठी लिखी है. इस चिट्ठी में चर्च के अंदर महिलाओं के शोषण का मुद्दा उठाया गया है

Updated On: Sep 12, 2018 12:54 PM IST

FP Staff

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केरल की रेप पीड़िता नन ने वेटिकन में लगाई गुहार, खत में चर्च को बताया सौतेली मां
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देश में केरल की एक नन से रेप का मुद्दा गर्म है. पूरे कोच्चि में ननों ने प्रदर्शन किया है और रेप का आरोप झेल रहे जालंधर के बिशप जेम्स फ्रैंको मुलक्कल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. अब ये मामला वेटिकन सिटी तक पहुंच चुका है.

बिशप जेम्स फ्रैंको मुलक्कल पर यौन शोषण का आरोप लगाने वाली पीड़िता नन ने भारत के अपोस्टोलिक नुनेशिया गिय्मबटिस्टा डिक्वाट्रो को पोप के नाम चिट्ठी लिखी है. पोप के राजदूत नुनेशिया गिय्मबटिस्टा को लिखी इस चिट्ठी में पीड़ित नन ने अपनी परेशानियों और तकलीफों का जिक्र करते हुए न्याय मांगा है.

उन्होंने कहा है कि वो कई सक्षम लोगों के पास अपनी शिकायत लेकर गईं लेकिन उनकी शिकायत पर किसी ने ध्यान नहीं दिया. महिलाओं के लिए चर्च मां नहीं सौतेली मां है. यहां महिलाओं का शोषण होता है.

नन ने 8 सितंबर को 7 पन्नों में ये चिट्ठी लिखी है. इस चिट्ठी में चर्च के अंदर महिलाओं के शोषण का मुद्दा उठाया गया है. नन ने लिखा है, 'ऐसी कई बहनें और महिलाएं हैं, जो चुपचाप यौन शोषण को सहन कर रही हैं, क्योंकि उनके पास उन लोगों का विरोध करने की क्षमता नहीं है, जिनसे उनके सम्मान और देखभाल की उम्मीद की जाती है.'

नन ने लिखा है कि वह पोप समेत सभी के पास अपनी शिकायत लेकर गईं, लेकिन किसी ने उनकी शिकायत पर ध्यान नहीं दिया. सभी लोगों ने आरोपी बिशप के खिलाफ कार्रवाई करने से इनकार कर दिया. चिट्ठी में नन लिखती हैं, 'बचपन से हमें बताया गया था कि चर्च हमारी मां है, लेकिन अपने अनुभव से मुझे पता चला है कि चर्च महिलाओं और समाज की सौतेली मां हैं.'

नन के बिशप पर 13 बार यौन शोषण का आरोप लगाने के बाद कुछ लोगों ने ये कहकर उनके आरोपों का विरोध किया कि वो पहले 12 बार के संबंधों पर क्यों चुप रहीं. इसपर उन्होंने कहा कि लोग सवाल उठा रहे हैं कि मैंने अबतक क्यों नहीं बोला था, मेरे लिए अपने परिवार और समाज के सामने ये सब लाना बहुत शर्म और डर की बात थी. मुझे डर था कि मेरा परिवार खतरे में आ जाएगा.

उन्होंने एक वजह ये भी दी है कि चर्च का माहौल भी इतना भरोसेमंद नहीं था कि आरोप सामने आने पर भी आरोपी बिशप के खिलाफ कार्रवाई होगी या वो कड़ी लड़ाई लड़ पाएंगी. उन्होंने लिखा है कि बिशप ने कई बार उनके साथ यौन दुर्व्यवहार किया, लेकिन डर की वजह से सुपीरियर जनरल को वह पूरी बात बता नहीं बता सकी. जितनी बात उन्होंने बताई सुपीरियर जनरल ने उसे सुनकर आरोपी के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया.

उन्होंने कहा कि मुझे समझ नहीं आ रहा है कि चर्च मेरे आरोपों पर ध्यान क्यों नहीं दे रहा है? चर्च सच्चाई से आंखें फेर रहा है. नन ने ये आरोप लगाया कि वह अकेली पीड़ित नहीं है, कई अन्य भी पीड़ित हैं. उनका कहना है कि अन्य महिलाएं अपनी पीड़ा सबके सामने जाहिर नहीं कर पा रही हैं.

चिट्ठी में उन्होंने लिखा है, 'मुझे लगता है कि इस तरह की चुप्पी इस तरह की स्थिति पैदा कर सकती है, जहां चर्च की विश्वसनीयता समाज से समाप्त हो जाए. भारतीय चर्च में महिलाओं पर इसका बहुत प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा कि उनके पास इस तरह प्रतिक्रिया करने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं है, ताकि कैथोलिक की बजाए इंसान के तौर पर अपनी गरिमा बचाई जा सके.'

 

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