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नन का रेप करने वाले बिशप के खिलाफ आवाज उठाने पर सिस्टर निलंबित

नन ने अपनी बर्खास्तगी पर सवाल किया है कि आखिर किसी नन के 13 बार रेप होने पर जो चर्च चुप रहता है उसने उनके खिलाफ इतनी जल्दी कार्रवाही कैसे कर दी

Updated On: Sep 23, 2018 10:39 PM IST

FP Staff

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नन का रेप करने वाले बिशप के खिलाफ आवाज उठाने पर सिस्टर निलंबित

नन से बलात्कार के आरोपी जालंधर के 54 वर्षीय बिशप फ्रेंको मुलक्कल के खिलाफ मोर्चा खोलने वाली नन में से एक को निलंबित कर दिया गया. चर्च के इस कदम के खिलाफ सिस्टर लूसी काप्पुरा खुलकर सामने आई और उन्होंने पूछा है कि- 'आखिर उनकी गलती क्या थी. अपनी जिम्मेदारी को पूरा करने में मैं आगे रही हूं. इसलिए मुझे ये बताया जाना चाहिए कि आखिर मुझे बर्खास्त क्यों किया गया?'

साथ ही सिस्टर ने चर्च पर सवाल खड़ा करते हुए ये भी कहा है- 'मुझे इस बात का दुख हुआ है कि जब फ्रैंको एक नन का 13 बार रेप करता है तब चर्च चुप रहता है. मुझे लगा कि मुझे उसकी सहायता करनी चाहिए और उसके लिए खड़ा होना चाहिए. फिर मेरे खिलाफ कितनी जल्दी कार्रवाही कर दी गई. और यही लोग रेप के खिलाफ चुप थे. हो सकता है कि ये चर्चा विसार का फैसला हो.'

दरअसल, बिशप पर साल 2014 और 2016 के बीच एक नन से बार-बार बलात्कार करने और उसका यौन उत्पीड़न करने का आरोप है. वहीं नन से बलात्कार के आरोप को लेकर बिशप को पोप फ्रांसिस ने पादरी की जिम्मेदारियों से तत्काल अस्थायी तौर पर मुक्त कर दिया है.

इसके बाद बिशप को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया था जिसमें उसका दावा था कि उसके खिलाफ साजिश की जा रही है और एक कहानी गढ़ी गई है. बिशप का दावा है कि आरोप लगाने वाली नन के खिलाफ उन्हें कई शिकायतें मिली थीं, जिस पर उन्होंने कार्रवाई की थी. जिसका बदला लेने के लिए उनके खिलाफ ऐसी कहनी गढ़ी गई. जिस नन ने बिशप पर आरोप लगाया वह नन जालंधर डायोसिस के तहत आने वाले धर्म संघ में सेवारत हैं.

लेकिन हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया था.

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