S M L

केरल बाढ़: पानी कम होते ही अपने घरों की ओर लौटे लोग, विदेशी मदद पर गरमाई राजनीति

अपने घर की हालत देखकर 68 साल के एक बुजुर्ग ने आत्महत्या कर ली. इससे पहले बाढ़ के पानी में अपने प्रमाण-पत्र बर्बाद हो जाने के चलते एक किशोर ने भी आत्महत्या कर ली थी

Updated On: Aug 23, 2018 11:46 AM IST

Bhasha

0
केरल बाढ़: पानी कम होते ही अपने घरों की ओर लौटे लोग, विदेशी मदद पर गरमाई राजनीति
Loading...

पिछले कुछ दिनों से बाढ़ के प्रकोप से जूझ रहे केरल को थोड़ी राहत मिली है. बाढ़ का पानी अब धीरे-धीरे कम हो रहा है और लोग अपने घरों को लौट रहे हैं. इस बीच लोगों के सामने एक नई समस्या भी आ रही है. बाढ़ की वजह से घरों में बड़े पैमाने पर सांप दिखाई दे रहे हैं. इनसे निपटने के लिए स्नेक एक्सपर्टस की टीम को बुलाया जा रहा है.

वहीं बाढ़ का पानी कम होने से अब नौसेना की तरफ से रेस्क्यू ऑपरेशन को भी रोक दिया गया है. लोग धीरे-धीरे अपने घरों की और लौटने लगे जिनमें से ज्यादातर घर अब रहने लायक नहीं रह गए हैं. वहीं विदेशी मदद को लेकर राजनीतिक बहस छिड़ गई है.

राज्य की एलडीएफ सरकार ने कहा कि ऐसी सहायता राशि को स्वीकार किया जाना चाहिए जबकि केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि वह लंबे समय से चली आ रही अपनी नीति के तहत विदेशों से कोई नकद चंदा नहीं स्वीकार करेगी.

सीएम ने कहा केंद्र से करेंगे बात

केरल के मुख्यमंत्री पी. विजयन ने कहा कि यूएई की ओर से की गई 700 करोड़ रुपए की पेशकश स्वीकार करने में यदि कोई दिक्कत है तो वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने इस मुद्दे को उठाएंगे और कहेंगे कि वह दिक्कत दूर करें.

वहीं बाढ़ के कम होते ही पानी से छूटी मिट्टी और कीचड़ से भरे अपने घरों को देखकर ज्यादातर लोगों के चेहरे पर निराशा के भाव नजर आए.

बर्बाद घर को देख बुजुर्ग ने की आत्महत्या

अपने घर की हालत देखकर 68 साल के एक बुजुर्ग ने आत्महत्या कर ली. इससे पहले बाढ़ के पानी में अपने प्रमाण-पत्र बर्बाद हो जाने के चलते एक किशोर ने भी आत्महत्या कर ली थी.

अधिकारियों ने बताया कि केरल के कोचीन अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से विमानों का परिचालन 26 अगस्त की बजाए 29 अगस्त से दोबारा शुरू होगा. पिछले करीब एक हफ्ते से इस हवाईअड्डे पर परिचालन रुका हुआ था.

प्रभावित इलाकों में बचाव कार्य समाप्त होने की कगार पर पहुंचने के साथ ही सरकार ने अपना ध्यान लोगों के पुनर्वास पर केंद्रित कर दिया है.

13 लाख से ज्यादा लोग अब भी राहत शिविरों में

मुख्यमंत्री विजयन ने बताया कि 13.34 लाख लोग अब भी राहत शिविर में मौजूद हैं.

वहीं बउवार को राज्यभर में मस्जिदों में सैकड़ों श्रद्धालु कुर्बानी का त्योहार मनाने पहुंचे. उन लोगों के लिए विशेष नमाज अदा की गई जिन्होंने अपनी जान गंवाई है और उनके लिए भी, जो बाढ़ की मार झेल रहे हैं. राज्य में आठ अगस्त से अब तक भारी बारिश और बाढ़ में 231 लोगों की मौत हुई है.

0
Loading...

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
फिल्म Bazaar और Kaashi का Filmy Postmortem

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi