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केंद्र विदेश से मदद नहीं लेगी तो 20 हजार करोड़ के नुकसान की भरपाई कौन करेगाः केरल सरकार

केरल में बाढ़ की वजह से करीब 20 हजार करोड़ का नुकसान हुआ है. राज्य सरकार ने केंद्र से 2600 करोड़ का स्पेशल पैकेज देने की मांग की है. केंद्र ने अब तक मदद के तौर पर 600 करोड़ रुपए दिए हैं

Updated On: Aug 22, 2018 09:51 PM IST

FP Staff

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केंद्र विदेश से मदद नहीं लेगी तो 20 हजार करोड़ के नुकसान की भरपाई कौन करेगाः केरल सरकार
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खबर है कि केरल बाढ़ के लिए यूएई की तरफ से ऑफर की गई 700 करोड़ की सहायता राशि लेने से केंद्र सरकार इनकार कर सकती है. इस बीच केरल के नेता पूछने लगे हैं कि विदेशी मदद नहीं ली तो बाढ़ से हुए 20 हजार करोड़ की भरपाई कौन करेगा. आधिकारिक सूत्रों ने मंगलवार को कहा था कि इस बात की संभावना नहीं है कि केंद्र सरकार विदेश से आर्थिक मदद लेगी. भारत में थाईलैंड के राजदूत चटिनटोर्न सैम गोंगसाकडी ने ट्विटर पर केंद्र के फैसले की पुष्टि करते हुए लिखा, 'मुझे अनौपचारिक रूप से बताया गया कि भारत सरकार केरल बाढ़ के लिए विदेशों से दान स्वीकार नहीं कर रही है. हम भारत की जनता के साथ हैं.'

केरल में बाढ़ की वजह से करीब 20 हजार करोड़ का नुकसान हुआ है. राज्य सरकार ने केंद्र से 2600 करोड़ का स्पेशल पैकेज देने की मांग की है. केंद्र ने अब तक मदद के तौर पर 600 करोड़ रुपए दिए हैं.

बुधवार को केरल के मुख्यमंत्री पी विजयन, वित्त मंत्री थॉमस आईसैक और पूर्व मुख्यमंत्री ऊमन चांडी ने सवाल उठाए कि यदि केंद्र विदेशी मदद लेने से इनकार करता रहेगा तो बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई कैसे होगी. सीएम विजयन ने कहा कि यूएई को किसी और देश की तरह देखना न्यायसम्मत नहीं है. उन्होंने कहा कि यह खाड़ी देश केरल की जनता के लिए 'दूसरे देश' के समान है.

सूत्रों के मुताबिक केंद्र सरकार ने फैसला किया है कि केरल में बचाव, राहत और पुनर्वास के लिए वह पूरी तरह से स्थानीय मदद पर निर्भर रहेगी. हालांकि इस मामले में अंतिम फैसला विदेश मंत्रालय को करना है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि उन्हें अभी तक इस संबंध में कोई प्रस्ताव नहीं मिला है.

सूत्रों ने बताया कि भारत ने 2007 से अब तक किसी भी देश या अंतरराष्ट्रीय संगठन से कोई मदद नहीं ली है. इस संबंध में पॉलिसी के बदलने की संभावना नहीं है. उत्तराखंड और कश्मीर में आई बाढ़ के दौरान भी केंद्र ने विदेशी मदद का ऑफर ठुकरा दिया था.

यूएई से मदद का प्रस्ताव नहीं मिलने के केंद्र के दावे के विरुद्ध विजयन ने एक के बाद एक ट्वीट कर दावा किया है कि अबु धाबी के शहजादे शेख मोहम्मद बिन जायेद अल नाहयान ने पीएम नरेंद्र मोदी को फोन पर मदद की पेशकश की थी. विजयन ने इस मदद के लिए यूएई सरकार का शुक्रिया भी किया.

सीएमओ केरल ट्विटर ने मंगलवार को लिखा, 'राज्य का यूएई के साथ विशेष रिश्ता है. यह केरल समुदाय के लिए दूसरे देश की तरह है. हम सहयोग के लिए यूएई के शुक्रगुजार हैं.'

थॉमस आइसैक ने भी कहा कि केरल में भीषण तबाही हुई है ऐसे में बिना विदेशी मदद के केंद्र राज्य का पुनर्निर्माण कैसे कर सकेगा. 8 अगस्त से लगातार हुई भारी बारिश, बाढ़ और लैंडस्लइड की वजह से कई हाईवे और रोड बर्बाद हो गए हैं.

वहीं विपक्षी नेता ऊमन चांडी ने कहा, 'यह फैसला केरल की जनता के लिए निराशाजनक है. कानून ऐसे होने चाहिए जिनसे जनता की समस्याओं का समाधान हो सके. यदि विदेश से आर्थिक मदद लेने में कोई समस्या है तो कानून में जरूरी बदलाव किए जाने चाहिए.' चांडी ने केरल त्रासदी को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की.

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