S M L

केरल: देवस्वाम कमिश्नर की नियुक्ति में 'हिंदू' शब्द हटाया गया- पूर्व देवस्वाम अध्यक्ष

'बोर्ड द्वारा जिसे भी नियुक्त किया जाएगा वह हिंदू ही होगा. इसे मिटा दिया गया.'

Updated On: Oct 15, 2018 11:05 PM IST

FP Staff

0
केरल: देवस्वाम कमिश्नर की नियुक्ति में 'हिंदू' शब्द हटाया गया- पूर्व देवस्वाम अध्यक्ष

त्रावनकोर के देवस्वाम बोर्ड मामले में नया मोड़ आ गया है. अब देवस्वाम बोर्ड के पूर्व प्रेसिडेंट पी गोपालकृष्णन ने केरल हाईकोर्ट में याचिका दायर की है. याचिका में उन्होंने कहा है: त्रावणकोर- कोचीन हिंदू धार्मिक संस्थान अधिनियम एक्ट को गैर हिंदू अधिकारियों की नियुक्ति करने के मकसद से संशोधित किया गया था. 'बोर्ड द्वारा जिसे भी नियुक्त किया जाएगा वह हिंदू ही होगा. इसे मिटा दिया गया.'

नए संशोधन के अनुसार, एक गैर हिंदू देवस्वाम आयुक्त हो सकता है. बोर्ड की 2 शक्तियों को छीन लिया गया है. देवस्वाम आयुक्त को बोर्ड द्वारा नियुक्त किया जाएगा ये मिटा दिया गया और वह एक गैर हिंदू हो सकता है. यह संशोधन पूरी तरह से हिंदुओं के धार्मिक अधिकारों का अतिक्रमण है.

त्रावणकोर देवस्वाम बोर्ड राज्य में हिंदू मंदिरों को मैनेज करता है. 2007 में भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद बोर्ड ने कमिश्नर के पद पर सीधा नियुक्ति का सुझाव दिया गया था.

temple sabrimala ट्रेड यूनियन के दबाव के बाद वाम सरकार ने जुलाई 2018 में देवस्वाम कमिश्नर के पद पर सीधा नियुक्ति को खत्म करते हुए डिप्टी कमिश्नर को प्रमोट करके कमिश्नर के पद पर तैनात करने का नोटिफिकेशन जारी किया था.

बीजेपी और अन्य संगठनों ने इस पर एक विवाद उत्पन्न कर दिया है. राज्य देवस्वाम मंत्री कदकमपल्ली सुरेंद्र ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि TDB में सभी पदाधिकारी हिंदू होने चाहिए और इसलिए शीर्ष पद पर एक गैर हिंदू की नियुक्ति का कोई सवाल नहीं था.

टीडीबी के कार्यकाल को कम करने के लिए पिछले साल पारित अध्यादेश को प्रतिस्थापित करने के लिए जुलाई में एक नया संशोधन किया गया था. कांग्रेस नेता और TDB को पद से हटाने के लिए बोर्ड का कार्यकाल वाम सरकार ने छोटा कर दिया था.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
KUMBH: IT's MORE THAN A MELA

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi