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कठुआ रेप केस: आरोपियों के वकील ने कहा- मुख्य जांचकर्ता महिला है, क्या ही दिमाग होगा

पुलिस की जांच पर सवाल उठाते आरोपियों के वकील ने कहा कि जांच एक महिला ऑफिसर के नेतृत्व में हो रही है और इस मामले पर काम करना उनकी समझ से बाहर है

FP Staff Updated On: Apr 18, 2018 09:26 AM IST

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कठुआ रेप केस: आरोपियों के वकील ने कहा- मुख्य जांचकर्ता महिला है, क्या ही दिमाग होगा

कठुआ गैंगरेप मामले में बचाव पक्ष के वकील ने बेतुका बयान दिया है. उसने पुलिस की जांच पर सवाल उठाते कहा है कि जांच एक महिला ऑफिसर के नेतृत्व में हो रही है और इस मामले पर काम करना उनकी समझ से बाहर है. इस मामले में आरोपियों का बचाव कर रहे वकील अनकुर शर्मा ने कहा कि वो एक महिला और हाल ही में ऑफिसर बनी हैं, उन्हें किसी ने गलत जानकारी दी है.

मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी में एकमात्र महिला अधिकारी श्वेतांबरी शर्मा को इससे पहले भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था. हाल ही में उन्होंने बताया था कि इस मामले की जांच में उनके सामने कई अड़चने आईं हैं. आरोपियों के वकील ने कहा कि श्वेतांबरी क्या है, लड़की है. उसका कितना ही दिमाग होगा. वो नई ऑफिसर है, किसी ने उन्हें झूठे सबूत दिखाकर विश्वास दिला दिया कि घटना इस तरह से हुई है.

वकील ने आगे कहा कि पुलिस अधिकारी और नौकरशाह कठपुतलियां हैं. अगर उन्हें (महिला अधिकारी) जांच में इतनी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था, तो उन्हें इसके बारे में अपने वरिष्ठ अधिकारियों को बताना चाहिए था. जितने भी चश्मदीदों से क्राइम ब्रांच ने पूछताछ की है, उन सभी ने कहा है कि पुलिस ने उन्हें टॉर्चर किया है. ताकि उनसे जैसा कहा जाए वो वैसा ही बोलें. करीब 40-50 लोगों ने कहा है कि क्राइम ब्रांच ने उन्हें टॉर्चर किया है.

गवाहों को प्रताड़ित करने वाली बात को सिद्ध करने के लिए अंकुर शर्मा ने आगे बताया कि क्राइम ब्रांच का कहना था कि आरोपी विशाल जंगोत्रा ने अपना फोन मेरठ में तीन दोस्तों को दे दिया, ताकि उसकी लोकेशन का पता न लग सके. क्राइम ब्रांच की टीम ने ये भी कहा कि जब विशाल कठुआ में था तो ये दोस्त ही उसकी अटेंडेंस भी लगाते थे. लेकिन मजिस्ट्रेट के तीनों लड़कों ने बताया कि स्टेटमेंट बदलने के लिए कैसे उन्हें 10 से 15 दिनों तक टॉर्चर किया गया. लड़कों ने ये भी कहा कि विशाल परीक्षा में शामिल होने के लिए मेरठ में था और लोहड़ी के दिन हम साथ ही थे. साथ ही उन्होंने उस एटीएम का डिटेल भी दिया जहां से उसने पैसे निकाले थे ताकि सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से साबित हो सके कि वारदात के समय विशाल मेरठ में ही मौजूद था.

क्या हुआ था पीड़िता के साथ

दरअसल 10 जनवरी को जम्मू कश्मीर के लसाना गांव से बच्ची लापता हो गई थी. लापता होने के 7 दिन बाद बच्ची का शव जंगल से बरामद किया गया. सरकार ने ये मामला 23 जनवरी को क्राइम ब्रांच को सौप दिया था. जिसके बाद इस केस में एसपीओ को गिरफ्तार किया गया था. अब तक इस केस में करीब 8 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. इनमें 2 स्पेशल पुलिस ऑफिसर, एक हेड कॉन्सटेबल, एक सब इंस्पेक्टर, एक कठुआ निवासी और एक नाबालिग शामिल है.

चार्जशीट के मुताबिक बच्ची को जनवरी में एक हफ्ते तक कठुआ जिला स्थित एक गांव के एक मंदिर में बंधक बना कर रखा गया था और उसके साथ छह लोगों ने बलात्कार किया था. चार्जशीट में बताया गया कि बच्ची को नशीली दवाई देकर लगातार उसका रेप किया गया. एक आरोपी ने अपने चचेरे भाई को खास तौर मेरठ से फोन करके बुलाया, ताकि वो भी बच्ची का रेप कर सके. इतना ही बच्ची की हत्या करने से पहले एक बार फिर उसका रेप किया गया.

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