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कासगंज: दलित निकालेंगे बारात तो ठाकुरों ने फसल की बर्बाद

गांव में दलित की बारात बीच से न निकले इस मामले में पुलिस भी पहले एक नक्शा दे चुकी है जिसमें 'परंपरा' का पालन करने की बात कही गई है

Updated On: Apr 11, 2018 04:09 PM IST

FP Staff

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कासगंज: दलित निकालेंगे बारात तो ठाकुरों ने फसल की बर्बाद
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यूपी के कासगंज में दलित युवक के बारात निकालने के मामले में समझौता तो हो गया है लेकिन इसका एक दूसरा पक्ष भी सामने आ रहा है. निजामपुर गांव में रह रहे लड़की के परिवार और अन्य दलित परिवारों ने आरोप लगाया है कि ठाकुर परिवारों ने बारात वाला विवाद शुरू होने के वक़्त से ही उनके खेतों में पानी देने से इनकार कर दिया है. इसके चलते दलित परिवारों की फसल ख़राब हो गई है. दुल्हन की मां ने बताया कि प्रशासन के दबाव में ठाकुर बारात के लिए मान तो गए हैं लेकिन धमकी दी जा रही है कि पुलिस सुरक्षा हट जाने के बाद वो गांव में कैसे रहेंगे ?

बारात निकाल लो या पानी ले लो...

निजामपुर में रह रही लकड़ी शीतल की मां मधुबाला ने News18 Hindi से ख़ास बातचीत में बताया कि ठाकुरों ने गांव के सभी दलित परिवारों के खेतों के लिए पानी देने से इनकार कर दिया है.

गांव की ही एक अन्य दलित महिला किसान भागवती ने भी बताया कि बारात निकालने की जिद पर अड़ने के बाद से ही ठाकुरों ने साफ़ कह दिया था कि या तो बारात निकाल लो या फिर खेती के लिए पानी ले लो. उसी के बाद से ही खेतों में पानी रोक दिया गया और सभी परिवारों की फसल खराब हो गई है. लड़की की मां मधुबाला ने बताया कि खेती बर्बाद होने के बाद अब उनके पास जीवनयापन के लिए सिर्फ मजदूरी करने का ही विकल्प बचा हुआ है.

kasganj dalit barat

समझौता हुआ पर अभी भी है टेंशन

बता दें कि मामले में समझौता हो जाने के बाद भी निजामपुर गांव में टेंशन बनी हुई है. लड़की के परिवार को पुलिस की सुरक्षा दी गई है साथ ही लड़की के भाई बिट्टू को भी जान से मारने की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा के लिए गनर दिया गया है. उधर समझौते के बाद दलित संजय जाटव का परिवार शादी की तैयारियों में जुटा है.

kasganj dalit barat (1)

20 अप्रैल को होने वाली शादी में आने वाले मेहमानों की लिस्ट तैयार हो रही है जिसमें सांसद, विधायक और डीएम के पहुंचने की संभावना है. उधर, ठाकुरों का आरोप है कि प्रशासन अब दलितों के हाथों में है. उन लोगों पर दबाव बनाया गया कि दलित की बारात ठाकुरों के इलाके से निकालने दी जाए.

क्या है मामला

कासगंज के निजामपुर में रहने वाली शीतल की शादी हाथरस के संजय जाटव से होनी है. संजय जाटव गांव में ठाकुरों के इलाके से बारात निकालना चाहता था जबकि उस गांव में आज तक किसी दलित की बारात ठाकुरों के इलाके से होकर नहीं निकली. ऐसे में संजय हाई कोर्ट गया. हाई कोर्ट ने उसकी अपील खारिज करते हुए पुलिस प्रशासन से मामले को निपटाने का आदेश दिया था. पुलिस ने ठाकुरों और दलितों में समझौता कराया और दलित को ठाकुरों के इलाके के कुछ हिस्से से सशर्त बारात ले जाने की अनुमति दे दी है.

(न्यूज़18 के लिए अंकित फ्रांसिस की रिपोर्ट)

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