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सत्ता जाने के डर से हर रोज 340 किमी चलते हैं एचडी रेवन्ना

डर की वजह से कैबिनेट मंत्री होने के बावजूद रेवन्ना हर दिन छह से सात घंटे यात्रा पर खर्च कर रहे हैं

FP Staff Updated On: Jul 05, 2018 03:43 PM IST

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सत्ता जाने के डर से हर रोज 340 किमी चलते हैं एचडी रेवन्ना

सत्ता जाने का डर क्या होता है, कर्नाटक के लोक निर्माण विभाग मंत्री एचडी रेवन्ना से बेहतर शायद ही कोई इसे बता सके, जो सत्ता जाने के भय से हर दिन 340 किलोमीटर की यात्रा कर रहे हैं.

कर्नाटक में विधायकों समेत सब जानते हैं कि रेवन्ना बदकिस्मती से डरते हैं और अपने जीवन की छोटी से छोटी बात के लिए ज्योतिष का सहारा लेते हैं. इस डर की वजह से कैबिनेट मंत्री होने के बावजूद रेवन्ना हर दिन छह से सात घंटे यात्रा पर खर्च कर रहे हैं.

एचडी रेवन्ना हर शाम को बेंगलुरु से अपने घर होलेनेरासिपुरा के लिए निकलते हैं, जो कि वहां से 170 किलोमीटर की दूरी पर है. इस दूरी को तय करने में उन्हें तीन घंटे का वक्त लगता है. सुबह एक बार फिर उन्हें इतना ही समय लगाकर वापस बेंगलुरु पहुंचना होता है. इस तरह कर्नाटक का एक वरिष्ठ मंत्री यात्रा में ही समय गुजार रहा है.

ज्योतिष की सलाह- बेंगलुरु में न रुकें रेवन्ना

जेडीएस के एक सूत्र ने बताया कि ज्योतिष ने रेवन्ना को बेंगलुरु में न रुकने की सलाह दी हुई है. जेडीएस नेता ने कहा कि अगर रेवन्ना बेंगलुरु में रुक गए तो सरकार गिर जाएगी. यहीं वजह है कि धार्मिक रुप से वह इस बात (बेंगलुरु में रात न गुजारना) का पालन कर रहे हैं. वैसे भी ज्योतिष में विश्वास करना या न करना व्यक्ति पर निर्भर करता है.

इससे पहले जब 6 जून को एचडी रेवन्ना ने 2.12 मिनट पर शपथ ली थी. विधानसभा के सबसे सीनियर विधायक आरवी देशपांडे को उनसे पहले शपथ लेनी थी, लेकिन उन्होंने नियम तोड़कर पहले शपथ ली. 2006 में जब कुमारस्वामी पहली बार मुख्यमंत्री बने थे, तब उन्होंने ही उनके आधिकारिक आवास की वास्तु के हिसाब से सजावट की थी. हालांकि कुमारस्वामी की सरकार ज्यादा दिनों तक नहीं टिक पाई थी.

मंत्री एचडी रेवन्ना की धार्मिक प्रथाओं में कितनी आस्था है इसका एक उदाहरण तब भी देखने को मिला, जब हस्सन जिला में एक कार्यक्रम के दौरान वह एक पुजारी पर नाराज हो गए. उन्होंने चिल्लाते हुए कहा था कि इस पुजारी को किसने बुलाया? इसे कुछ नहीं आता है. बाद में उन्होंने जिला प्रशासन को भविष्य में अच्छे पुजारी की व्यवस्था करने का आदेश दिया था.

गौरतलब है कि पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा का परिवार हमेशा से धार्मिक प्रथाओं, ज्योतिष, अंकविज्ञान और वास्तु पर भरोसा करने वाला रहा है.

बुधवार को विधानसभा के सत्र के दौरान रेवन्ना ने अपनी सीट बदल दी थी, लेकिन जब बीजेपी नेता और पूर्व मंत्री इस्वरप्पा ने उनका मजाक उड़ाया तो वह फिर से अपनी सीट पर चले गए.

 सिद्धारमैया सरकार ने किया था अंध-विश्वास विरोधी विधेयक पारित

कर्नाटक की पिछली सिद्धारमैया सरकार ने अंध-विश्वास विरोधी विधेयक पारित किया था. विधानसभा में लंबी बहस और कई विरोधों के बाद इस विधायक को पारित कराया जा सका. रेवन्ना जैसे नेता ही थे जिनकी वजह से विधेयक को पास होने में लंबा वक्त लगा था, हालांकि बिल में वास्तु और ज्योतिष को बैन नहीं किया गया है.

सिद्धारमैया टीवी चैनलों पर दिखाए जाने वाले ज्योतिस कार्यक्रमों पर रोक लगाना चाहते थे, लेकिन उनकी पार्टी के ही कई नेता उनके खिलाफ खड़े हो गए थे जिस कारण वे ऐसा नहीं कर पाए.

(न्यूज 18 से साभार)

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