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कर्नाटक: पिकनिक मनाने गया आजम कैसे हुआ मॉब लिंचिंग का शिकार

मोहम्मद अफरोज ने बताया कि गांव वालों ने उनकी गाड़ी के पहिए पंचर कर दिए और कहा कि तुम लोग बच्चों को किडनैप करने आए हो.

FP Staff Updated On: Jul 30, 2018 07:06 PM IST

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कर्नाटक: पिकनिक मनाने गया आजम कैसे हुआ मॉब लिंचिंग का शिकार

कर्नाटक (दक्षिण भारत) के पहाड़ी इलाकों में मुर्की के छोटे से गांव में, इंस्पेक्टर वीबी याडवाड ने एक खाई में ईंटों और पत्थरों के ढेर का सर्वेक्षण किया. इसी महीने की शुरुआत में सड़क पर पांच लोगों के समूह को बचाने की कोशिश में हिंसक भीड़ ने उन पर और बाकी अधिकारियों पर हमला किया था.

उन्होंने कहा कि हमने उन्हें रोकने के लिए कड़ी मेहनत की. अपनी पीठ की चोटों की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा, लेकिन भीड़ ने किसी की बात को नहीं सुना. याडवाड उन आठ पुलिसवालों में से थे जिन्होंने 13 जुलाई को 200 लोगों की भीड़ को पांच लोगों पर हमला करने से रोका था. भीड़ को लग रहा था कि ये पांच लोग बच्चा चोरी करने के लिए आए थे.

इस हमले में आठों पुलिसकर्मी घायल हो गए थे. जिनमें दो की हालत गंभीर है. इस हमले में उन पांच लोगों में शामिल यूके से पढ़ाई करने वाले और हैदराबाद निवासी मोहम्मद आजम की मौत हो गई थी और दो लोगों को बुरी तरह पीटा गया था. आजम की उम्र 32 साल थी.

भारतीय पोर्टल इंडियास्पेंड का कहना है कि जनवरी 2017 से अब तक हुए इस तरह के 70 मामलों में 30 लोगों की मौत हो चुकी है. फेसबुक और व्हाट्सएप्प पर फर्जी खबरों के चलन पर दोष मढ़ते हुए सरकार ने भी व्हाट्सएप्प को चेतावनी दी थी कि वह इस पर रोक लगाए, नहीं तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

सोशल मीडिया पर घृणा फैलाने वाले मैसेज ने ली आजम की जान

20 जुलाई को व्हाट्सएप्प ने कहा कि हम फर्जी खबरों की रोकथाम के लिए प्रयास कर रहे हैं. मैसेज को फॉरवर्ड करने की संख्या भी नियंत्रित की जा रही है. हालांकि ये पहलू अभी भी नदारद है कि इससे फर्जी खबरों पर कैसे लगाम लगेगी. पुलिस मॉब लिंचिंग की वजह से हुई आजम की मौत की जांच कर रही है. तेलंगाना की एसपी रीमा राजेश्वरी ने कहा कि धार्मिक और जातिगत दोषों की वजह से भारत पहले ही कमजोर है, लेकिन जब इन सब में व्हाट्सएप्प भी शामिल हो जाता है तो स्थिति नियंत्रण में नहीं रहती.

आजम की मौत से पहसे सोशल मीडिया पर घृणा फैलाने वाले मैसेज वायरल हो रहे थे. मैसेज में आजम और उसके चार दोस्तों की फोटो के साथ लिखा था, 'मुर्की में बच्चों को किडनैप करने वाले लोग पकड़े गए हैं, इन लोगों को मार दो.' जबकि ऐसा कुछ नहीं था. ये पांचों दोस्त लाल रंग की कार से पिकनिक मनाने के लिए निकले थे. इस दौरान उन्होंने बच्चों को चॉकलेट भी बांटी.

लेकिन अचानक आई भीड़ ने उन पर हमला कर दिया और उनकी कार को पत्थर और डंडों से तोड़ दिया. ये हमला इतना भयानक था कि इसमें आजम की मौत हो गई. पीड़ित पांच लोगों में से एक मोहम्मद अफरोज ने बताया कि गांव वालों ने उनकी गाड़ी के पहिए पंचर कर दिए. जब उन्होंने पूछा कि ऐसा क्यों कर रहे हो तो गांव वालों ने कहा कि तुम लोग बच्चों को किडनैप करने आए हो.

पुलिस के मुताबिक, 'मदर मुर्की' नाम के 180 सदस्यीय व्हाट्सएप्प ग्रुप पर इन पांचों लोगों की तस्वीरें और वीडियो पोस्ट किए गए थे. जिन पर तरह-तरह के संदेश जारी किए गए थे.

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