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कमला मिल्स आग: वो जांबाज जिसने बचाई 100 लोगों की जान

जिस वक्त आग लगी तब महेश होटल के ऊपरी मंजिल पर थे और लोगों को नीचे की तरफ में जाने में मदद कर रहे थे

Updated On: Dec 30, 2017 10:37 AM IST

FP Staff

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कमला मिल्स आग: वो जांबाज जिसने बचाई 100 लोगों की जान

मुंबई के लोअर परेल इलाके के कमला मिल्‍स कंपाउंड में गुरुवार देर रात लगी भीषण आग ने 14 लोगों की जान ले ली जबकि 55 लोग गंभीर रूप से झुलस गए. मरने वालों में 11 महिलाएं और 3 पुरुष शामिल हैं. पुलिस का कहना है कि जिस वक्त ये हादसा हुआ उस वक्त लोगों को बचाने की बजाए पब का मैनेजर और स्टाफ मौके पर से भाग निकले. लेकिन इस बीच एक ऐसा शख्स भी था, जिसने अपनी जान जोखिम में डालकर करीब 100 लोगों की जान बचाई.

बीबीसी की खबर के मुताबिक, महेश साब्ले कमला मिल्स कंपाउंड में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते हैं. कंपाउंड में होटल मोजोस, वन अबव और लंदन टैक्सी नाम से तीन होटल हैं. आग होटल मोजोस के पब में लगी. घायलों के मुताबिक, मोजोस होटल के अंदर बांस और प्लास्टिक्स का इंटीरियर था. जिस कारण आग तेजी से फैली. जिस वक्त आग लगी तब महेश होटल के ऊपरी मंजिल पर थे और लोगों को नीचे की तरफ में जाने में मदद कर रहे थे. उन्होंने करीब 100 लोगों को बाहर निकाला. इस नेक काम में महेश के दो दोस्तों ने भी उनका साथ दिया.

कहा जा रहा है कि वहां मौजूद लोगों ने आग से बचने के लिए खुद को वॉशरूम में लॉक कर लिया था. लेकिन धुंआ फैलने के कारण वॉशरूम में लॉक लोगों की दमघुटने से मौत हो गई. ज्यादातर महिलाओं की लाश वॉशरूम से ही बरामद हुई है. सीएम देवेंद्र फडणवीस ने हादसे के लिए जिम्‍मेदार बीएमसी के पांच अधिकारियों को सस्‍पेंड कर दिया है. जबकि होटल के मालिकों पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज करने के आदेश दिए.

ऐसे हुआ हादसा

'लंडन टैक्सी बार' में 50 से 60 लोग मौजूद थे. रात 12.30 बजे मोजो टेरेस रेस्तरां में आग लगी. आग लगते ही अफरा तफरी मच गई. रात 12:45 बजे फ़ायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची. फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने लोगों को निकाला.

हादसे के समय वहां मौजूद डॉक्टर सुलभा ने विस्तार से इस अग्निकांड की जानकारी दी. चश्मदीद डॉक्टर सुलभा ने बताया कि हम कुछ दोस्त रेस्तरां में डिनर करने गए थे. तकरीबन 12 से 12.15 बजे का समय था. तभी रेस्तरां के एक कोने में आग लगी. इस आग ने 5 से 10 सेकंड में ही पूरे रेस्तरां को अपनी चपेट में ले लिया. इसके बाद वहां भगदड़ मच गई. लोगों जान बचाने के लिए भागने लगे.

डॉक्टर सुलभा के मुताबिक, रेस्तरां में एंट्री गेट बहुत ही छोटा था. सभी लोग जान बचाने के लिए इस गेट की ओर दौड़े. इस दौरान भगदड़ मच गई और कई लोग दब गए. किचन के रास्ते से पीछे से एग्जिट था. ग्राहकों को तो अंदाजा भी नहीं था कि किधर एग्जिट है. तकरीबन 100-150 लोग थे, जब ये घटना हुई. रेस्तरां स्टाफ ने लोगों की काफी मदद की. कुछ लोग जाने बचाने के लिए वॉशरूम में छिप गए, लेकिन बाद में पता चला की वो नहीं रहे.

रेस्तरां अग्निकांड के एक अन्य चश्मदीद विजय त्रिपाठी ने बताया कि आग बहुत भयानक थी. देखते ही देखते आगे ने पूरे रेस्तरां को अपनी चपेट में ले लिया. भगदड़ मच गई. इसके बाद वहां आग के अलावा कुछ नहीं दिख रहा था. ऐसा लग रहा था जैसे आतिशबाजी हो रही हो, धमाकों के जैसी आवाजें आ रही थीं.

बिना लाइसेंस का चल रहा था रेस्टोरेंट

बताया जा रहा है कि जिस रेस्टोरेंट में आग सबसे पहले लगी, वो बगैर लाइसेंस के चल रहा था. रेस्टोरेंट मालिक पर गैर इरादतन हत्या के तहत मामला दर्ज किया गया है. इस पूरे मामले से म्युजिक कंपोजर शंकर महादेवन के बेटे सिद्धार्थ महादेवन का नाम भी सामने आया है. मिड डे की रिपोर्ट के मुताबिक, बिल्डिंग में स्थित मोजो बिस्त्रो रेस्तरां के मालिक हैं सिद्धार्थ महादेवन. और बीएमसी के सूत्रों के मुताबिक, इस रेस्तरां के अपर सेक्शन में 25 गैस सिलिंडर रखी हुई थीं.

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