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देश के 46वें CJI बने रंजन गोगोई, राष्ट्रपति कोविंद ने दिलाई शपथ

सीजेआई रंजन गोगोई 17 नवंबर 2019 तक अपना कार्यभार संभालेंगे

Updated On: Oct 03, 2018 11:37 AM IST

FP Staff

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देश के 46वें CJI बने रंजन गोगोई, राष्ट्रपति कोविंद ने दिलाई शपथ

सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ जज रंजन गोगोई ने चीफ जस्टिस पद की कमान संभाल ली है. बुधवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की मौजूदगी में उन्होंने 46वें चीफ जस्टिस पद की शपथ ली. ये पूरा समारोह राष्ट्रपति भवन में आयोजित किया गया था. इसके बाद वे कोर्ट में जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस एम के जोसेफ के साथ केसों की सुनवाई करेंगे. सीजेआई रंजन गोगोई 17 नवंबर 2019 तक अपना कार्यभार संभालेंगे.

चीफ जस्टिस गोगोई इस पद पर पहुंचने वाले भारते के पूर्वोत्तर इलाके से पहले जज हैं. 18 नवंबर, 1954 को जन्मे जस्टिस रंजन गोगोई ने डिब्रूगढ़ के डॉन बोस्को स्कूल से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की और दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफेंस कॉलेज से इतिहास की पढ़ाई की.

साल 1978 में गुवाहाटी हाईकोर्ट से वकालत शुरू करने वाले चीफ जस्टिस गोगोई साल 2001 में गुवाहाटी हाईकोर्ट के जज बने थे. इसके बाद उन्हें 12 फरवरी, 2011 को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया था. वर्ष 2012 में उन्हें सुप्रीम कोर्ट का जज बनाया गया था और इसके बाद वह चुनाव सुधार से लेकर आरक्षण सुधार तक के कई अहम फैसलों में शामिल रहे.

रंजन गोगोई की तरफ से  लिए गए कुछ अहम फैसले-

जाटों को केंद्रीय सेवाओं में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के दायरे से बाहर करने वाली पीठ में जस्टिस रंजन गोगोई शामिल थे.

जस्टिस रंजन गोगोई ने असम में घुसपैठियों की पहचान के लिए राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) बनाने का दिया निर्णय दिया था.

सौम्या मर्डर मामले में ब्लॉग लिखने पर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्कंडेय काटजू को अदालत में जस्टिस रंजन गोगोई ने तलब किया था.

जस्टिस रंजन गोगोई ने जेएनयू छात्रनेता कन्हैया कुमार के मामले में एसआईटी गठन करने से साफ इनकार कर दिया था

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