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सच्ची देशभक्ति विश्वासों का मूल्यांकन कर रही है: रंजन गोगोई

जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि सच्ची देशभक्ति संवैधानिक नैतिकता के स्पर्श पर विश्वासों का मूल्यांकन कर रही है.

Updated On: Oct 01, 2018 06:17 PM IST

FP Staff

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सच्ची देशभक्ति विश्वासों का मूल्यांकन कर रही है: रंजन गोगोई

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस के तौर पर दीपक मिश्रा का सोमवार को अंतिम कार्य दिवस था. अदालत की कमान आखिरी बार संभालते वक्त उनके साथ जस्टिस रंजन गोगोई भी थे. आखिर दिन गोगोई ने उनकी तारीफ भी की और कहा कि सच्ची देशभक्ति संवैधानिक नैतिकता के स्पर्श पर विश्वासों का मूल्यांकन कर रही है.

सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के खिलाफ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सुर्खियों में छाए चार जजों में से एक जस्टिस रंजन गोगोई भी शामिल थे. जस्टिस गोगोई असम के पूर्व मुख्यमंत्री केशव चंद्र गोगोई के बेटे हैं. चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के बाद अब जस्टिस गोगोई इस पद पर नियुक्त होने जा रहे हैं. जो 3 अक्टूबर से इस पद को संभालेंगे. दीपक मिश्रा की फेयरवेल के दौरान भारत के होने वाले मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई का कहना है कि सच्ची देशभक्ति संवैधानिक नैतिकता के स्पर्श पर विश्वासों का मूल्यांकन कर रही है.

गोगोई ने कहा, 'उन्होंने चुनने और व्यक्त करने के लिए व्यक्ति की आजादी को बरकरार रखा है. शक्ति वाहिनी, शाफिन जहां और नवतेज जौहर जैसे मामलों में अपनी पसंद का साथी चुनने के लिए व्यक्ति की स्वतंत्रता शामिल है, जिसे समाज ने स्वीकार नहीं किया.'

18 नवंबर, 1954 को जन्मे जस्टिस रंजन गोगोई ने डिब्रूगढ़ के डॉन बोस्को स्कूल से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की और दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफेंस कॉलेज से इतिहास की पढ़ाई की. वर्ष 1978 में गुवाहाटी हाईकोर्ट से वकालत शुरू करने वाले जस्टिस गोगोई साल 2001 में गुवाहाटी हाईकोर्ट के जज बने थे. इसके बाद उन्हें 12 फरवरी, 2011 को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया था. वर्ष 2012 में उन्हें सुप्रीम कोर्ट का जज बनाया गया था और इसके बाद वह चुनाव सुधार से लेकर आरक्षण सुधार तक के कई अहम फैसलों में शामिल रहे.

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