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जस्टिस लोया की मौत से जुड़े सारे केस सुप्रीम कोर्ट ट्रांसफर, अगली सुनवाई फरवरी में

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने वकीलों से कहा कि वे बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह पर आक्षेप नहीं लगाएं, क्योंकि वह इस मामले में पक्षकार नहीं हैं

FP Staff Updated On: Jan 22, 2018 03:07 PM IST

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जस्टिस लोया की मौत से जुड़े सारे केस सुप्रीम कोर्ट ट्रांसफर, अगली सुनवाई फरवरी में

सीबीआई जज बृजगोपाल हरकिशन लोया की रहस्यमय मौत की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने से जुड़ी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को सुनवाई हुई. अब इस मामले की सुनवाई फरवरी के पहले सप्ताह में होगी. कोर्ट ने माना की यह एक गंभीर मामला है और कहा कि जस्टिस लोया की मौत से जुड़े सारे दस्तावेजों की जांच की जाएगी. कोर्ट ने इस मामले से जुड़े सभी केस को अपने हाथों में ले लिया है.

सीबीआई के विशेष जज बी एच लोया की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत से जुड़ी बंबई हाईकोर्ट की दो याचिकाओं को सुप्रीम कोर्ट ने अपने पास स्थानांतरित कर लिया.

महाराष्ट्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि मीडिया रिपोर्टों के बाद सावधानीपूर्वक और विवेकपूर्ण जांच की गई. चार न्यायिक अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि इसमें कोई गलत चीज शामिल नहीं है.

इस केस की सुनवाई कर रही तीन जजों की बेंच ने कहा है कि जस्टिस लोया की हार्ट अटैक के कारण हुई है.

सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षकारों से कहा कि वह जस्टिस लोया मामले में ऐसे दस्तावेज एकत्र करें जिन्हें अभी तक जमा नहीं किया गया है और उन्हें कोर्ट को सौंपें.

सुप्रीम कोर्ट ने वकीलों से कहा कि वे बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह पर आक्षेप नहीं लगाएं, क्योंकि वह इस मामले में पक्षकार नहीं हैं.

चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने इस केस के लिए अपनी अध्यक्षता में तीन जजों की बेंच बनाई है.

चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा और जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ कांग्रेस नेता तहसीन पूनावाला और महाराष्ट्र के पत्रकार बीएस लोन की याचिकाओं पर इस पीठ ने सुनवाई की.

जज लोया की मौत साल 2014 में कार्डिएक अरेस्ट से हुई थी. उस दौरान वह राजनीतिक रूप से संवेदनशील सोहराबुद्दीन शेख एनकाउंटर मामले की सुनवाई कर रहे थे.

सुप्रीम कोर्ट के चार जजों की 12 जनवरी को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में जज लोया की मौत का मामला उठा था. इसके बाद खबर आई थी कि मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस अरुण मिश्रा इस मामले को इस तरह उठाए जाने से आहत हो गए थे. चारों जजों ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की कार्यशैली और केस के बंटवारे पर असंतोष जाहिर किया था.

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