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कन्हैया कुमार पर चार्जशीट में इन धाराओं पर लगा है आरोप, हो सकती है उम्रकैद तक की सजा

जेएनयू राजद्रोह मामले में आरोपपत्र का संज्ञान लेना या नहीं लेना मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट पर निर्भर करेगा

Updated On: Jan 15, 2019 11:49 AM IST

FP Staff

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कन्हैया कुमार पर चार्जशीट में इन धाराओं पर लगा है आरोप, हो सकती है उम्रकैद तक की सजा

दिल्ली पुलिस ने तकरीबन तीन साल बाद, भारत विरोधी नारे लगाने के आरोप में जेएनयूएसयू के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार समेत 10 लोगों के खिलाफ सोमवार को चार्जशीट दाखिल की. पुलिस ने उन पर राजद्रोह का आरोप लगाया है. दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में दाखिल इस 1200 पन्नों की चार्जशीट पर मंगलवार को सुनवाई होनी थी. लेकिन मजिस्ट्रेट दीपक सेहरावत छुट्टी पर हैं. इसके चलते मामले की सुनवाई 19 जनवरी तक टाल दी गई है.

पुलिस ने जेएनयू परिसर में नौ फरवरी 2016 को आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर भारत विरोधी नारे लगाने को लेकर दायर 1200 पन्नों के चार्जशीट में यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्रों उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य को भी आरोपी बनाया है. चार्जशीट मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट सुमित आनंद के समक्ष दायर की गई. उन्होंने चार्जशीट को सक्षम अदालत के समक्ष मंगलवार को विचार के लिए रखा. आपको बता दें कि कुमार, खालिद और भट्टाचार्य को मामले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया था.

कितने साल की मिल सकती है सजा

जेएनयू राजद्रोह मामले में आरोपपत्र का संज्ञान लेना या नहीं लेना मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट पर निर्भर करेगा. राजद्रोह के लिए अधिकतम आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान है. पुलिस ने दावा किया कि उसके पास अपराध को साबित करने के लिये वीडियो क्लिप है, जिसकी गवाहों के बयानों से पुष्टि हुई है. पुलिस का कहना है कि कन्हैया कुमार जुलूस की अगुवाई कर रहे थे और उन्होंने जेएनयू परिसर में फरवरी 2016 में देश विरोधी नारे लगाए जाने का कथित तौर पर समर्थन किया था.

किन-किन धाराओं के तहत लगाए गए हैं आरोप

कन्हैया, उमर खालिद और अनिर्बन समेत 10 आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 124ए (राजद्रोह), 323 (किसी को चोट पहुंचाने के लिए सजा), 465 (जालसाजी के लिए सजा), 471 (फर्जी दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को वास्तविक के तौर पर इस्तेमाल करना), 143 (गैरकानूनी तरीके से एकत्र समूह का सदस्य होने के लिए सजा), 149 (गैरकानूनी तरीके से एकत्र समूह का सदस्य होना), 147 (दंगा फैलाने के लिए सजा) और 120बी (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत आरोप लगाए गए हैं.

किसकी शिकायत पर हुआ था मामला दर्ज

बीजेपी सांसद महेश गिरी और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की शिकायत पर वसंत कुंज (उत्तर) पुलिस थाने में 11 फरवरी 2016 को अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 124ए तथा 120बी के तहत एक मामला दर्ज किया गया था।

चार्जशीट पर क्या बोले क्नहैया

कन्हैया कुमार ने आरोप पत्र को 'राजनीति से प्रेरित' बताते हुए लोकसभा चुनाव से कुछ महीने पहले इसे दायर किए जाने पर इसके समय को लेकर सवाल उठाया. कुमार ने बाद में संवाददाताओं से कहा, 'मुझे कोई समन या अदालत से कोई सूचना नहीं मिली है. लेकिन अगर यह सही है तो हम पुलिस और प्रधानमंत्री मोदी के शुक्रगुजार हैं कि आखिरकार तीन साल बाद जब उनके और उनकी सरकार के जाने का वक्त आ गया है तो आरोपपत्र दायर किया गया है। लेकिन लोकसभा चुनाव से ठीक पहले आरोपपत्र का दायर किया जाना प्रासंगिक है.'

(भाषा से इनपुट)

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