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J&K: घाटी में अमन के लिए पुलिस ने शुरू किया मिशन 'की-पैड जिहादी', सोशल मीडिया पर नजर

की-पैड जिहादी कश्मीर घाटी की हर एक घटना को सांप्रदायिक रंग देकर माहौल खराब करते हैं. पुलिस का कहना है कि इस तरह से लोगों को बांटने की कोशिश की जा रही है. जो लोग इस तरह की हरकतों के लिए जिम्मेदार हैं उनके खिलाफ जल्द कार्रवाई की जाएगी

FP Staff Updated On: May 27, 2018 08:44 PM IST

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J&K: घाटी में अमन के लिए पुलिस ने शुरू किया मिशन 'की-पैड जिहादी', सोशल मीडिया पर नजर

जम्मू-कश्मीर में पत्थरबाजों और स्थानीय आतंकियों के बाद अब दूसरे तरह के जिहादी पैदा हो गए हैं. सोशल मीडिया के ज़रिये ये आतंकी युवाओं को आतंक के रास्ते पर लाने के लिए उनका ब्रेन-वॉश कर रहे हैं. फेसबुक, यू-ट्यूब और ट्विटर जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आतंकवाद का पाठशाला चलाने वाले इन आतंकियों को 'की-पैड जिहादी' कहा जा रहा है. जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पिछले दिनों में ऐसे 5 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है.

कीपैड जिहादी कश्मीर घाटी की हर एक घटना को सांप्रदायिक रंग देकर माहौल खराब करते हैं. पुलिस का कहना है कि इस तरह से लोगों को बांटने की कोशिश की जा रही है. जो लोग इस तरह की हरकतों के लिए जिम्मेदार हैं उनके खिलाफ जल्द कार्रवाई की जाएगी.

जम्मू-कश्मीर पुलिस के एक अधिकारी के मुताबिक, सोशल मीडिया के ज़रिये लोगों को गुमराह करने और अफवाहों को वायरल करने के आरोप में 5 ट्विटर हैंडल के खिलाफ केस दर्ज हुआ है. पुलिस फेसबुक, वॉट्सऐप और टेलीग्राम जैसे दूसरे प्लेटफॉर्म पर भी नज़र रख रही है. इसके लिए अमेरिका स्थित ट्विटर ऑफिस से संपर्क कर इन हैंडलर्स की जानकारी भी मांगी गई है.

पुलिस अधिकारी ने बताया, 'की-पैड जिहादियों को पकड़ने के लिए हर तरह की कोशिशें जारी हैं. सोशल मीडिया पर कुछ लोग सांप्रदायिक मामले और वीडियो पोस्ट कर युवाओं को टारगेट करते हैं. उन्हें एक खास समुदाय के प्रति भड़काते हैं. इसके पीछे आतंकियों की मदद का मकसद हो सकता है. 2016 में भी अफवाह फैलाने वाले कई ग्रुप सक्रिय थे.ऐसा बेशक निजी फायदों के लिए किया जाता है.'

पुलिस अधिकारी ने कहा, ''यह एक तरह से काल्पनिक युद्ध का मैदान है, जहां सिर्फ शब्दों के ज़रिये खूनी लड़ाई चल रही है. इससे युवाओं की सोच पर गलत असर पड़ता है. सोशल मीडिया के चैट ग्रुप सिर्फ कश्मीर तक ही सीमित नहीं हैं. इन्हें दिल्ली और देश के दूसरे हिस्सों के साथ विदेशों से भी मदद मिल रही है.''

जम्मू-पुलिस का कहना है कि यह मिशन अमरनाथ यात्रा के लिहाज से काफी अहम साबित होगा. 28 जून से इस धार्मिक यात्रा की शुरुआत होनी है. पुलिस को डर है कि कहीं की-पैड जिहादियों के अमरनाथ यात्रा से जुड़ी कोई फेक न्यूज/फोटो वायरल करने से राज्य में सांप्रदायिक हिंसा न फैल जाए. ऐसे में खास ऐहतिहात बरती जा रही है.

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