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झारखंड के 66 स्कूल-कॉलेज ऐसे भी जहां सब फेल हैं

इनमें से कुछ स्कूलों में पिछले साल भी सारे परीक्षार्थी फेल कर गए थे

Ravi Prakash Updated On: Jun 02, 2017 09:14 AM IST

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झारखंड के 66 स्कूल-कॉलेज ऐसे भी जहां सब फेल हैं

झारखंड में 66 स्कूल-कॉलेज वैसे भी हैं, जहां एक भी छात्र पास नहीं कर सका. यहां से कुल 388 छात्रों ने इस साल इंटर व मैट्रिक की परीक्षा दी थी. झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) ने दो दिन पहले इनका रिजल्ट घोषित किया है.

इनमें से कुछ स्कूलों में पिछले साल भी सारे परीक्षार्थी फेल कर गए थे. हालांकि, इन स्कूलों में छात्रों की संख्या काफी कम थी. 4 स्कूल वैसे भी थे, जहां से सिर्फ एक-एक छात्र ने परीक्षा दी थी. इसी तरह 27 स्कूलों में छात्रों की संख्या दहाई तक भी नहीं पहुंच सकी थी.

अपग्रेडेड स्कूलों का बुरा हाल

इनमें से अधिकतर स्कूलों को अपग्रेड कर सरकार ने वहां ऊंची कक्षाओं की पढ़ाई शुरू कराई थी. लेकिन, अपग्रेड करने के बावजूद यहां स्थायी शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति नहीं की गई. इस कारण इन उत्क्रमित स्कूलों में पढ़ाई का जिम्मा प्राथमिक कक्षाओं के शिक्षकों के भरोसे रहा. इन्हें ऊंची कक्षाओं में पढ़ाने की विशेषज्ञता नहीं थी. रिजल्ट के खराब होने की मूल वजह यही है.

छात्र-शिक्षकों की संख्या बराबर

जैक द्वारा जारी इंटर के रिजल्ट में 33 स्कूल कॉलेजों के सभी 148 छात्र फेल कर गए. इनमें से 12 सरकारी प्लस टू स्तर के स्कूल हैं. यहां से कुल 36 छात्रों ने परीक्षा दी. इन्हें पढ़ाने के लिए सरकार ने करीब 36 शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति की हुई है.

मतलब, हर एक छात्र के लिए एक शिक्षक. ऐसा तो पब्लिक स्कूलों में महंगी फीस देने पर भी नहीं मिलता है. लेकिन, इस छात्र-शिक्षक अनुपात का रिजल्ट पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा.

मैट्रिक का भी यही हाल

झारखंड के 33 हाई स्कूलों से मैट्रिक की परीक्षा में शामिल सभी 240 छात्र फेल कर गए. इन स्कूलों का रिजल्ट शून्य रहा. इऩमें से अधितकर स्कूल उन जगहों पर हैं, जहां गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले लोग रहते हैं. कई स्कूल नक्सल प्रभावित इलाकों में भी हैं.

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प्रतीकात्मक तस्वीर

अपग्रेड हाई स्कूल कर्रा, सिमडेगा, जलडेगा, पोटका, बुढ़मु, सिकरी, गुलदा, मेराल ऐसे ही स्कूल हैं. इसके अलावा प्रोजेक्ट हाई स्कूल पतना व प्रोजेक्ट गर्ल्स हाई स्कूल बोलवा जैसे स्कूल भी सुदूर इलाकों में अवस्थित हैं. इन सभी स्कूलों में कोई भी छात्र पास नहीं हो सका. ऐसे में इन स्कूलों की शिक्षा का स्तर का अंदाजा लगाना काफी आसान है.

समीक्षा होगी

झारखंड की स्कूली शिक्षा सचिव आराधना पटनायक ने बताया कि सरकार जैक द्वारा जारी रिजल्ट की समीक्षा कर रही है. इसके लिए 6 जून को रांची में एक बैठक बुलाई गई है. इसमें हम समझने की कोशिश करेंगे कि रिजल्ट इतना खराब क्यों हुआ.

गड़बड़ी मिली तो सुधार होगा

जैक के अध्यक्ष अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि कुछ स्कूलों ने हमसे रिजल्ट में गड़बड़ी की शिकायत की है. इनके अपने तर्क हैं. हम इसकी जांच कर रहे हैं. अगर किसी भी तरह की गड़बड़ी मिली, तो इसमें तत्काल सुधार किया जाएगा. इससे छात्रों की आगे की पढ़ाई और नामांकन पर असर नहीं पड़ने देंगे.

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