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खूंटी रेप कांडः बड़ा सवाल, क्या अपराधियों को पकड़ने पत्थलगड़ी वाले इलाके में घुस पाएगी पुलिस?

सरकार का कोई भी मुलाजिम इन इलाकों में घुसने की हिम्मत नहीं कर पा रहा है, भला पुलिस कैसे पहुंचेगी?

Anand Dutta Updated On: Jun 23, 2018 10:20 AM IST

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खूंटी रेप कांडः बड़ा सवाल, क्या अपराधियों को पकड़ने पत्थलगड़ी वाले इलाके में घुस पाएगी पुलिस?

खूंटी रेपकांड को हुए चार दिन हो चुके हैं. पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है. लेकिन पुलिस समझ चुकी है कि यह कोई मामूली घटना नहीं है. यही वजह है कि चार दिन बाद शुक्रवार शाम को खुद राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने पुलिस के आला अधिकारियों के साथ पूरे मामले पर उच्चस्तरीय बैठकें कीं. सबसे बड़ा सवाल यह है कि अपराधियों को पकड़ने के लिए पुलिस उन इलाकों में घुस पाएगी, जहां सरकार के लिए घुसना फिलहाल मुश्किल नजर आ रहा है. क्योंकि घटना पत्थलगड़ी प्रभावित इलाके में हुई है. जाहिर सी बात है अपराधी भी यहीं के होंगे.

ऐसे में जहां सरकार का कोई भी मुलाजिम इन इलाकों में घुसने की हिम्मत नहीं कर पा रहा है, भला पुलिस कैसे पहुंचेगी? वह भी तब जब पूर्व में इन इलाके में घुसने पर एसपी सहित 300 पुलिकर्मियों को बंधक बना लिया गया हो. अपराधी पत्थलगड़ी समर्थक हों या न हों, वे इस विशेष परिस्थिति की आड़ में पुलिस से बचने के लिए इन्हीं इलाकों में छुपना पसंद भी करेंगे.

फ़र्स्टपोस्ट के सवाल, डीआईजी होमकर के जवाब

फ़र्स्टपोस्ट के सवाल कि पुलिस इन इलाकों में घुसेगी कैसे? इसपर डीआईजी अमोल वी होमकर ने कहा,‘ये सब टेक्निकल बातें हैं, मैं कुछ नहीं कहूंगा. पुलिस आपको थोड़े न बताएगी कि कैसे घुसेगी. पुलिस के कहीं भी आनेजाने पर रोक थोड़े न है. पहले कभी बंधक बनाया गया है, इसका मतलब यह नहीं है कि पुलिस उन जगहों पर घुस नहीं पाएगी.’ एक और सवाल कि जब छह अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया गई है, तब पत्थगड़ी से जुड़े लोगों को क्यों इस घटना से जोड़ा जा रहा है? उन्होंने कहा, ‘चूंकि वो लोग क्लेम कर रहे थे, इसकी जानकारी पुलिस को मिली है, इसी आधार पर ऐसी बातें कही जा रही है. इसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी.’

khunti rape case (5)

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डीआईजी अमोल होमकर

पुलिस भले ही ये कहे कि वह कहीं भी आ-जा सकती है, लेकिन वह भी जानती है कि इन इलाकों में फिलवक्त घुसना उसके लिए इतना आसान नहीं है. खूंटी पुलिस के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि पासा पत्थलगड़ी समर्थकों पर ही फेंका जाएगा. उनसे कहा जाएगा कि या तो अपराधियों को पकड़ने के लिए इन इलाकों में घुसने दो, या फिर तुमलोग ही गिरफ्तार कर अपराधी को पुलिस को सौंप दो.

ये रहा पूरा घटनाक्रम

जानकारी के मुताबिक अड़की ब्लॉक के कोचांग इलाके में 19 जून मंगलवार को आशा किरण नामक स्वयंसेवी संस्था की ओर से 11 सदस्यों का दल नुक्कड़ नाटक करने पहुंचा. इनमें वो लड़कियां भी शामिल थीं जिनके साथ रेप हुआ. ये सभी मानव तस्करी के खिलाफ लोगों को जागरुक करने पहुंचे थे.

पहले कोचांग बाजार क्षेत्र में नाटक किया, इसके बाद वह पास के आर सी मिशन स्कूल में पहुंचीं. यहां नाटक चल ही रहा था, उसी वक्त दो बाइक पर सवार छह युवकों का एक दल वहां पहुंचा और कट्टे के दम पर टीम के पांच लड़कियों को संस्था की ही गाड़ी से अगवा कर लिया. इसके बाद वहां से 10 किमी दूर लोबोदा जंगल ले गए, वहां बारी-बारी के रेप किया.

स्कूल के प्रिंसिपल ने ना तो विरोध किया ना पुलिस को दी जानकारी

जब वे लोग लड़कियों को उठाकर ले जा रहे थे तब लड़कियों ने विरोध करना भी चाहा और उनलोगों से कहा भी कि नुक्कड़ नाटक के बाद वे चली जाएंगी. लेकिन उन्हें जबरदस्ती ले जाया गया. उस वक्त स्कूल के प्राचार्य फादर अल्फांसो आइन्ज और कई सिस्टर मौजूद थीं. करीब 2 घंटे बाद उन लड़कियों को छोड़ दिया गया. जानकारी के अनुसार अपराधियों ने रेप का वीडियो भी बनाया. कुछ ने खुद के मोबाइल से वीडियो बनाए तो कुछ ने पीड़िता के मोबाइल से वीडियो बनाने के बाद उसके मेमोरी कार्ड निकाल लिए. लेकिन एक पीड़िता के मोबाइल में वो वीडियो सेव रह गया. उसी में एक आरोपी की तस्वीर भी आई थी. जिसे पुलिस ने जारी किया है.

सामाजिक कार्यकर्ता लक्ष्मी ने दी पुलिस मुख्यालय को जानकारी

इधर जब शाम को लड़कियां वापस आईं तब जाकर बाकी बचे सदस्यों को पता चला कि उनके साथ जंगल में बलात्कार किया गया है. उसमें से एक ने इसकी सूचना स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता लक्ष्मी को दीं. फ़र्स्टपोस्ट से बातचीत में लक्ष्मी ने बताया कि उन्हें 19 की शाम को इस घटना के बारे में जानकारी मिली. उन्होंने कहा, ‘मैंने तत्काल इसकी सूचना एडीजीपी अनुराग गुप्ता को दी. उन्होंने कहा कि पीड़िताओं को लेकर रांची आओ. लेकिन पीड़िता वहां जाने को तैयार नहीं हुईं. इसके बाद मंगलवार को वह संस्था के एक सदस्य को लेकर रांची पहुंचीं और उन्हें पूरी जानकारी दी. घटना का वीडियो भी दिखाया. उन्होंने तत्काल खूंटी पुलिस को जांच का आदेश दिया.’

लक्ष्मी ने बताया कि पीड़िताओं ने उनके सामने जो घटना का जिक्र किया उसके मुताबिक ‘अपराधी ये कह रहे थे कि क्या तुम्हें पता नहीं है इस इलाके में सरकार का प्रचार करना मना है, तुमलोग सरकार की एजेंट हो, तुमलोग दीकू भाषा (हिंदी) बोल रही हो, किसी को बताई तो मार दिया जाएगा, आगे से इस इलाके में बिना पूछे मत आना.’

इधर पुलिस मुख्यालय से जांच का आदेश मिलने के बाद खूंटी पुलिस की नींद टूटी, वहां से आदेश मिलने के बाद बुधवार देर रात खूंटी के एसपी-डीसी भागे-भागे खूंटी थाना पहुंचे. दो बजे रात तक पूरे दल बल के साथ वहां मौजूद रहे, लेकिन बाहर खड़े पत्रकारों को कुछ भी बताना जरूरी नहीं समझा. डीएसपी रणवीर सिंह ने केवल इतना कहा कि मामले की जांच चल रही है.

पांच घंटे बैठक, फिर हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस

khunti rape case (4)

पुलिस द्वारा जारी की गई एक आरोपी की तस्वीर

गुरुवार सुबह स्थानीय मीडिया में खबर छपने के बाद पुलिस-प्रशासन में खलबली मच गई. डीआईजी अमोल वी होमकर सुबह सीधे खूंटी पहुंचे. यहां बंद कमरे में लड़कियों से बात करने के बाद खूंटी के डीसी सूरज कुमार, एसपी अश्विनी सिन्हा के साथ उन्होंने लगभग पांच घंटे बैठक की. इसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इसे सीधा पत्थलगड़ी से जोड़ दिया गया.

अब तक क्या हुआ

19 जून मंगलवार को आशा किरण संस्था से कुल 11 लोग अड़की के कोचांग में स्थित में नुकड़ नाटक के लिए निकले.

20 जून की शाम 7 बजे अन्य स्रोतों से पुलिस को मामले की सूचना मिली. एक पीड़िता के बयान पर पुलिस ने जांच शुरू की.

21 जून को डीआईजी खूंटी पहुंचे. एसपी घटना स्थल पर गए. दोपहर 3 बजे पुलिस ने फादर अल्फांसो आइन्ज को हिरासत में ले लिया.

22 जून को 5 लड़कियों का मेडिकल करवाया गया और 164 के तहत बयान दर्ज किया गया.

अड़की और महिला थाना में अलग-अलग 2 FIR दर्ज किए गए. महिला थाना में 323, 341, 342, 376 D, 354 B, 363, 365, 120 B, IPC 67, 67 A (IT act) धारा के तहत मामला दर्ज किया गया है. अड़की थाना में 341, 342, 323, 363, 365, 328, 506, 201 और 120 B के तहत मामला दर्ज किया गया है.

एक संदिग्ध की तस्वीर जारी, जानकारी देनेवाले को 50 हजार इनाम

5-6 अन्य लोगों से भी पूछताछ की गई. जिसमें 2 शिक्षक और 2 सिस्टर शामिल हैं. जिनसे पूछताछ की गई वे हैं मोटाय मुंडू, रोबर्ट हस्रा पूर्ति, सिस्टर रंजीता कीड़ो, सिस्टर अनिता नाग शामिल हैं. फादर को फिलहाल पीआर बॉन्ड पर छोड़ा गया है. इधर शुक्रवार को दोपहर पुलिस ने एक आरोपी की तस्वीर जारी की है और उसके बारे में सूचना देने वालों को 50 हजार रुपए इनाम की घोषणा की है. पुलिस ने जांच के लिए तीन टीम बनाई है.

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