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ऑनलाइन ठगों के लिए स्वर्ग है झारखंड का ये छोटा सा गांव

पुलिस का मानना है कि इस गांव से ही देश भर की आधे से ज्यादा ऑनलाइन ठगी होती है. इस गांव के लगभग 200 लड़कों पर पुलिस को इस अपराध में शामिल होने का शक है.

Updated On: Sep 28, 2017 06:38 PM IST

FP Staff

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ऑनलाइन ठगों के लिए स्वर्ग है झारखंड का ये छोटा सा गांव

देश में इस वक्त आए दिन ऑनलाइन ठगी की खबरें आती रहती हैं. 10 में से 1 लोगों ने कभी न कभी किसी बैंक से डेबिट कार्ड ब्लॉक होने के नाम पर कॉल आई होगी. ये ऑनलाइन ठग कॉल करते हैं और डेबिट कार्ड ब्लॉक होने की बात करते हैं. इसके बाद वो आपके मोबाइल फोन पर आई हुई ओटीपी मांगते हैं और अगर आप इस जाल में फंसकर ओटीपी दे दिया, तो आपका अकाउंट खाली.

ये पूरा रैकेट बहुत सुनियोजित तरीके से काम करता है. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में हैरान करने वाली बात सामने आई है. भारत में ऑनलाइन ठगी में लगे हुए इस रैकेट में लगे अपराधी भारत की ऐसी जगह से आते हैं, जहां से आप सोच भी नहीं सकते.

झारखंड का ये गांव है साइबर अपराधियों के लिए स्वर्ग

झारखंड के जमतारा जिले के सुदूर गांव कर्माटांड बैंक से जुड़े साइबर क्राइम के लिए स्वर्ग है. देश के ऑनलाइन ठगों का एक बड़ा हिस्सा इसी इलाके से आता है. इस सुदूर इलाके में जहां बिजली, कंप्यूटर, मोबाइल जैसी सुविधा की उपलब्धता के बारे में भी एक बार सोचना पड़े, वहां टेक्नोलॉजी में माहिर इन अपराधियों का होना चौंकाता है.

हाल ही में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने मुहम्मद सलीम नाम के एक शख्स को इस ऑनलाइन ठगी में शामिल होने के कारण गिरफ्तार किया था.

सलीम ने बस 10वीं कक्षा तक पढ़ाई की है. गांव में वो इस अपराध में लिप्त लोगों के संपर्क में आया था. इसके बाद ही उसने भी इसी एरिया में हाथ आजमाना शुरु कर दिया. सलीम ने अपने कमरे में ही पूरा नेटवर्क बनाया. पुलिस जांच में सामने आया कि उसके कमरे में एक कंप्यूटर के अलावा कम से कम आधा दर्जन मोबाइल फोन थे. इन्हीं से वो लोगों को ठगने का काम करता था.

अपने परिवार को उसने बता रखा था कि वो किसी ऑनलाइन फर्म के लिए काम करता है, उसका काम कस्टमर्स से बात करना और डाटा एंट्री करना है.

ऐसे होती है चोरी

सलीम रोज दर्जनों कॉल करता और लोगों को समझाने की कोशिश करता कि उनका डेबिट कार्ड ब्लॉक हो गया है, और उन्हें अपनी आईडी कन्फर्म करने के लिए उसे ओटीपी देना पड़ेगा. वो लोगों को ये कहकर विश्वास में लेने की कोशिश करता कि वो अपना एटीएम पिन या ओटीपी किसी और के साथ बिल्कुल शेयर न करें.

पुलिस का मानना है कि इस गांव से ही देश भर की आधे से ज्यादा ऑनलाइन ठगी होती है. इस गांव के लगभग 200 लड़कों पर पुलिस को इस अपराध में शामिल होने का शक है. टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में डीसीपी भीषम सिंह ने बताया कि 'इस रेकैट के तार पूरे देश भर में फैले हुए हैं. अगर दिल्ली में किसी को शिकार बनाया गया है, तो उसके पैसे राजस्थान और पंजाब के बैंक अकाउंट में चले जाएंगे. ये ऐसे ही काम करते हैं.'

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