S M L

जल्दी नहीं छूटेगा जेसिका लाल का हत्यारा, दिल्ली सरकार पैनल ने खारिज की अपील

सत्येंद्र जैन के नेतृत्व वाली सेंटेंस रिव्यू बोर्ड की आज मीटिंग हुई जिसमें कुल 86 केस रिजेक्ट कर दिए गए जिसमें तीन हाई-प्रोफाइल केस हैं

Updated On: Oct 04, 2018 10:08 PM IST

FP Staff

0
जल्दी नहीं छूटेगा जेसिका लाल का हत्यारा, दिल्ली सरकार पैनल ने खारिज की अपील

दिल्ली के गृह मंत्री सत्येंद्र जैन की अध्यक्षता वाली हाई-पावर कमेटी ने जेसिका लाल केस में आरोपी मनु शर्मा की समय से पहले रिहाई पर खारिज कर दी है. इसके साथ ही सुशील शर्मा और संतोष सिंह की याचिका भी रद्द कर दी गई है. सजा की समीक्षा करने वाले बोर्ड में दिल्ली के गृह मंत्री सत्येंद्र जैन, गृह सचिव, डीजी जेल, लॉ सेक्रेटरी, ज्वाइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (क्राइम), डिस्ट्रिक जज के अलावा सरकार की तरफ से नियुक्त किए गए चीफ प्रोबेशन ऑफिसर भी शामिल थे.

अभी मनु शर्मा तिहाड़ जेल में बंद हैं जहां वह ओपन जेल में उम्रकैद की सजा भुगत रहे हैं. जो भी कैदी ओपन जेल में रहते हैं उन्हें बाहर जाने की इजाजत होती है और वह दोपहर में बाहर जाकर काम भी कर सकते हैं. इससे पहले जेसिका की बहन सबरीना लाल ने तिहाड़ जेल प्रशासन को लिखा था कि उसे मनु शर्मा की रिहाई से कोई परेशानी नहीं है.

सत्येंद्र जैन के नेतृत्व वाली सेंटेंस रिव्यू बोर्ड की आज मीटिंग हुई जिसमें कुल 86 केस रिजेक्ट कर दिए गए जिसमें तीन हाई-प्रोफाइल केस हैं. जिन तीन अपराधियों की रिहाई पर विचार किया जाना है उनमें मनु शर्मा ने जेसिका लाल की हत्या की थी, संतोष सिंह ने प्रियदर्शिनी मट्टू और सुशील शर्मा ने अपनी नैना साहनी की हत्या की थी.

मनु शर्मा

1999 में साउथ दिल्ली के एक बार में मनु शर्मा ने मॉडल जेसिका लाल की गोली मारकर की हत्या कर दी थी. मनु शर्मा हरियाणा के दिग्गज नेता विनोद शर्मा का बेटा है. कई गवाहों के पलट जाने की वजह से निचली अदालत से मनु शर्मा को बरी कर दिया गया था लेकिन बाद में दिल्ली हाईकोर्ट ने उसे उम्र कैद की सजा सुनाई और सुप्रीम कोर्ट ने भी उस सजा को बरकरार रखा था.

संतोष सिंह

दिल्ली यूनिवर्सिटी में कानून की पढ़ाई कर रही प्रियदर्शिनी मट्टू की हत्या 1996 में कर दी गई थी. इस मामले में संतोष सिंह का नाम सामने आया था. संतोष भी साक्ष्यों के अभाव में निचली अदालत से बरी हो गया था लेकिन दिल्ली हाईकोर्ट ने उसे फांसी की सजा सुनाई. बाद में सुप्रीम कोर्ट ने इसे आजीवन कारावास में बदल दिया था.

सुशील शर्मा

सुशील शर्मा ने अपनी पत्नी नैना साहनी की हत्या 1995 में की थी. बाद में उसने शव के टुकड़े-टुकड़े कर के उसे तंदूर में डाल दिया था. 200 में ट्रायल कोर्ट ने सुशील को फांसी की सजा दी गई थी जिसे हाईकोर्ट ने भी बरकरार रखा लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस आजीवन कारावास में बदल दिया.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
Jab We Sat: ग्राउंड '0' से Rahul Kanwar की रिपोर्ट

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi