S M L

तमिलनाडु के कानून मंत्री ने लगाया जयललिता की मौत के पीछे साजिश का आरोप

5 दिसंबर, 2016 को जयललिता की मृत्यु हुई थी. और अगले साल सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक सरकार ने उनकी मौत से जुड़े संदेहों के बाद एक जांच आयोग का गठन किया गया था

Updated On: Dec 31, 2018 03:54 PM IST

FP Staff

0
तमिलनाडु के कानून मंत्री ने लगाया जयललिता की मौत के पीछे साजिश का आरोप

तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय जयललिता की मौत में साजिश के आरोप लगते रहे हैं. अब तमिलनाडु के कानून मंत्री सीवी षणमुगम ने भी इस बाबात आवाज उठा ली है. सोमवार को षणमुगम ने कहा कि अगर 2016 में अगर जयललिता की देखभाल सही तरीके से की गई होती तो आज वो जिंदा होतीं. मंत्री जी ने ये भी आरोप लगाया कि जयललिता को ईलाज के लिए विदेश ले जाने की तैयारियों को भी साजिशन रोक दिया गया.

न्यूज18 के मुताबिक षणमुगम ने कहा, 'जयललिता के एंजियोग्राम के खिलाफ फैसला किसने लिया? साजिश का मामला दर्ज किया जाना चाहिए. उनकी मौत से जुड़ा रहस्य सामने आना चाहिए और संबंधित लोगों पर मामला और जांच होनी चाहिए.' 5 दिसंबर, 2016 को जयललिता की मृत्यु हुई थी. और अगले साल सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक सरकार ने उनकी मौत से जुड़े संदेहों के बाद एक जांच आयोग का गठन किया गया था.

कानून मंत्री का बयान न्यायमूर्ति अरुमुघस्वामी जांच आयोग की रिपोर्ट के बाद आया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि जयललिता को दिए गए उपचार के संबंध में अपोलो अस्पताल और वीके शशिकला के बीच मिलीभगत के पर्याप्त परिस्थितिजन्य साक्ष्य हैं.

हालांकि अपोलो हॉस्पिटल ने इन आरोपों पर कड़ी आपत्ति जताई. वकील ने कहा कि जयललिता का समय से एंजियोग्राम न हो पाने के कारण उनकी सेहत बिगड़ गई, जिससे मिलीभगत का पता चलता है.

सितंबर 2017 में जांच पैनल स्थापित किया गया था और तब से 100 से अधिक लोगों से पूछताछ हो चुकी है.

आयोग ने अब स्वास्थ्य मंत्री सी विजयबास्कर और उपमुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम को क्रमश: 7 और 8 जनवरी को पेश होने के लिए तलब किया है.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
KUMBH: IT's MORE THAN A MELA
Firstpost Hindi