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'दो साल में 20 डॉक्टरों से जयललिता ने करवाया था इलाज'

हलफनामे में शशिकला ने यह भी दावा किया है कि 22 सितंबर, 2016 को रात्रि 9 बजे के करीब जयललिता बेहोश होकर अपने बाथरूम में गिर गई थीं

FP Staff Updated On: Mar 21, 2018 09:20 PM IST

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'दो साल में 20 डॉक्टरों से जयललिता ने करवाया था इलाज'

तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता की तबीयत बेंगलुरु के ट्रायल कोर्ट द्वारा सितंबर 2014 में दोषी ठहराए जाने के बाद से ही खराब होनी शुरू हो गई थी और उन्होंने नवंबर 2014 से सितंबर 2016 के बीच 20 अलग-अलग डॉक्टरों से करवाई थी. यह खुलासा जयललिता की करीबी माने जाने वाली शशिकला ने जस्टिस अरुमुघसामी कमीशन को पिछले हफ्ते दिए अपने हलफनामे में किया है.

टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक शशिकला के काउंसल राजा सेंथूर पांडियन ने इसकी पुष्टि की है कि हलफनामा दाखिल किया गया है. हलफनामा 55 पेजों का है जिसमें 90 पाराग्राफ हैं.

हलफनामे में शशिकला ने यह भी दावा किया है कि 22 सितंबर, 2016 को रात्रि 9 बजे के करीब जयललिता बेहोश होकर अपने बाथरूम में गिर गई थीं. शशिकला ने उन्हें उठाकर बिस्तर पर लिटाया और बाद में उन्हें अपोलो अस्पताल ले जाया गया. जयललिता उस समय बेहोश थीं. शशिकला ने कहा कि अगले दिन जयललिता की तबीयत थोड़ी बेहतर हुई.

शशिकला ने अपने हलफनामे में यह भी कहा कि जयललिता ने अगले दिन उनसे मजाकिया अंदाज कहा कि क्योंकि वो बेहोश थीं इसलिए उन्हें अस्पताल लाया जा सका अगर वो होश में होतीं तो वे किसी को अस्पताल लाने नहीं देतीं.

बीमारी के दौरान इन नेताओं ने की थी मुलाकात

शशिकला ने राज्य सरकार के उन मंत्रियों और पार्टी नेताओं के नाम भी बताए जो इस दौरान जयललिता से मिलने आए थे. इसमें श्रम मंत्री नीलोफर कफील और लोकसभा के उपाध्यक्ष एम. थंबीदुरैई का नाम भी शामिल है. हलफनामे में यह भी कहा गया है कि तब कार्यवाहक राज्यपाल सी विद्यासागर राव भी दो बार जयललिता को देखने केलिए अस्पताल आए थे. जयललिता ने शीशे की दीवार के अंदर से हाथ हिलाकर अभिवादन भी किया था.

28 सितंबर 2016 को जयललिता की स्थिति काफी खराब हो गई. इससे एक दिन पहले जयललिता ने मुख्य सचिव राममोहन राव और शीला बालाकृष्णन जैसे अफसरों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की थी. इसके बाद एम्स के डॉक्टर आए और उन्होंने ट्रेकियोस्टोमी करने की सलाह दी.

शशिकला ने अपने हलफनामे यह दावा किया कि इसके दस दिन बाद जयललिता के स्वास्थ्य में सुधार हुआ और उन्होंने खुद ट्यूब हटा दिए. जयललिता ने इसके बाद हल्का व्यायाम किया और सामान्य खाना खाया. शशिकला ने यह भी कहा है कि जयललिता ने उपचुनाव के लिए एआईएडीमके के उम्मीदवारों के हलफनामों पर अपने होशोहवास में अंगूठा लगाया था.

उन्होंने हाथ से लिखकर एक नोट भी दिया था कि संसद के शीतकालीन सत्र में एआईएडीएमके के सांसदों को कौन-कौन से मुद्दे उठाने हैं. शशिकला ने कहा कि इसकी एक कॉपी पोएस गार्डन के उनके कमरे में भी है.

इससे पहले सूत्रों ने दावा किया था कि 3 दिसंबर, 2016 को अपनी मौत से 2 दिन पहले मुख्य सचिव राममोहन राव द्वारा दरवाजा खोलने के बाद उनका अभिवादन किया था.

शशिकला ने अपने हलफनामे के 60वें पाराग्राफ में यह दावा किया है कि जयललिता ने यह कड़ाई से निर्देश दे रखा था कि जब तक वो न चाहें तब तक कोई उनसे मिलने अस्पताल न आए और जो मिलना चाहते हैं उनके ठीक होने पर घर पर आकर मिल सकते हैं.

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