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छत्तीसगढ़ः नक्सलियों से लड़ रहे जवानों को मिलेगा RO का पानी

अक्टूबर माह तक पुलिस के 60 जवान दूषित पानी के कारण बीमार हुए थे और 250 जवानों को मलेरिया और डेंगू हुआ था

Bhasha Updated On: Nov 04, 2017 04:47 PM IST

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छत्तीसगढ़ः नक्सलियों से लड़ रहे जवानों को मिलेगा RO का पानी

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में पुलिस को नक्सलियों के साथ दूषित पानी और मच्छरों के कारण होने वाली बीमारियों से भी लड़ना पड़ रहा है. पुलिस जवानों की इस परेशानी के मद्देनजर अब बीजापुर जिले के थानों में आरओ सिस्टम और फॉगिंग मशीनों की व्यवस्था की जा रही है.

बीजापुर जिले के एसपी मोहित गर्ग ने बताया कि जिले के धुर नक्सल प्रभावित इलाकों में तैनात पुलिस जवानों को अक्सर दूषित पानी और गंदगी से होने वाली बीमारियों का सामना करना पड़ता है.

जवानों की इस स्थिति को देखते हुए जिले के सभी पुलिस थानों और शिविरों में साफ पानी के लिए आरओ मशीन और 16 स्थानों पर धुएं वाली मशीनों की व्यवस्था की गई है.

केवल केंद्रीय बलों को उपलब्ध थी यह सुविधा 

गर्ग ने बताया कि जिले में तैनात पुलिस जवानों के लिए रोजमर्रा की जरूरतों और पेयजल की व्यवस्था की गई है. उन्हें पीने के पानी को साफ करने लिए स्थानीय और पारंपरिक तरीकों पर निर्भर रहना पड़ता था. यह स्थिति उस समय और भी खराब हो जाती थी जब जवान नक्सल रोधी अभियान के लिए निकलते थे.

ऐसे में पुलिस के जवान नदी-नाले का पानी पी लेते थे और बीमार पड़ते थे. इसे देखते हुए पुलिस प्रशासन ने थानों और शिविरों में आरओ लगाने का फैसला किया है.

पुलिस अधिकारी ने बताया कुछ समय पहले ही जिले के सभी 21 थानों और छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के 24 शिविरों में आरओ सिस्टम लगाने का काम पूरा हो गया है.

बीजापुर जिला बस्तर क्षेत्र का ऐसा एकमात्र जिला है जहां के सभी थानों में साफ पानी के लिए आरओ सिस्टम लगाया गया है. ये सुविधाएं अभी तक केवल केंद्रीय बलों के शिविरों में ही उपलब्ध थीं.

250 से अधिक जवान पड़ चुके हैं बीमार 

उन्होंने बताया कि केवल बीजापुर जिले में ही इस वर्ष अक्टूबर माह तक पुलिस के 60 जवान दूषित पानी के कारण बीमार हुए थे और 250 जवानों को मलेरिया और डेंगू हुआ था. इनमें से तीन जवानों की इलाज के दौरान मौत हो गई थी.

गर्ग ने बताया कि इस क्षेत्र में तैनात होने के दौरान वह स्वयं भी मलेरिया और डेंगू का तीन बार सामना कर चुके हैं.

अधिकारी ने बताया कि इसके साथ ही पुलिस जवानों को पानी छानने वाली बोतल दी गई है जिससे वे जंगल में अभियान के दौरान वहां मिलने वाले पानी को पीने योग्य बना सकते हैं.

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