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JNU में छात्रों ने अनिवार्य उपस्थिति नियम के खिलाफ खोला मोर्चा

जेएनयू छात्रसंघ ने बयान जारी कर कहा कि 'विश्वविद्यालय के कुलपति जगदेश कुमार जेएनयू को बर्बाद कर रहे हैं

FP Staff Updated On: Feb 11, 2018 02:49 PM IST

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JNU में छात्रों ने अनिवार्य उपस्थिति नियम के खिलाफ खोला मोर्चा

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्रों ने अनिवार्य उपस्थिति (अटेंडेंस) के नए नियम का कड़ा विरोध किया है. शनिवार को जेएनयू कैंप में जुटे हजारों छात्रों ने मानव श्रंखला बनाकर इसके खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया. छात्रों ने जेएनयू प्रशासन के लागू इस नियम को वापस लेने की मांग की. उन्होंने कम अटेंडेंस होने पर फैलोशिप नहीं देने और डिबार (रोकना) करने वाले सर्कुलर का भी विरोध किया.

दिल्ली हाईकोर्ट ने जेएनयू प्रशासनिक भवन के आसपास विरोध-प्रदर्शन की मनाही कर रखी है. बावजूद इसके छात्रों ने यहां बड़ी संख्या में जुटकर नियम का विरोध-प्रदर्शन किया.

जेएनयू छात्रसंघ ने एक बयान जारी कर कहा कि 'विश्वविद्यालय के कुलपति जगदेश कुमार जेएनयू को बर्बाद कर रहे हैं. पहले सीटों में कटौती की गई, अभाव अंक और आरक्षण को कम किया गया, जीएससीएएसएच को खत्म किया गया और अब जबरन अनिवार्य उपस्थिति थोपी जा रही है.'

छात्रसंघ ने कहा कि कुलपति विश्वविद्यालय की अकादमिक उत्कृष्टता को नष्ट करने की कोशिश कर रहे हैं. छात्रसंघ ने अनिवार्य उपस्थिति के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर जुर्माना लगाने और हॉस्टल ट्रांसफर किए जाने की भी निंदा की.

शुक्रवार को भी जेएनयू छात्रों ने अनिवार्य उपस्थिति नियम के खिलाफ एक दिन की हड़ताल की थी. जिसके कारण विश्वविद्यालय के कई स्कूल पूरी तरह से बंद हो गए थे. छात्रों और शिक्षकों ने शुक्रवार को मानव श्रृंखला बनाकर इसका विरोध किया था.

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