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यौन उत्पीड़न के आरोपी JNU प्रोफेसर को सस्पेंड करें VC: जावेद अख्तर

जेएनयू की इतनी लड़कियां यौन उत्पीड़न का आरोप लगा रही है तो इतने साफ-साफ मामले में जेएनयू प्रशासन प्रोफेसर को सस्पेंड करने में कोताही क्यों कर रहा है

Updated On: Mar 18, 2018 10:00 PM IST

FP Staff

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यौन उत्पीड़न के आरोपी JNU प्रोफेसर को सस्पेंड करें VC: जावेद अख्तर

जेएनयू के लाइफ साइंस स्कूल के एक प्रोफेसर पर कई छात्राओं द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के बाद प्रसिद्ध गीतकार जावेद अख्तर ने ट्वीट करके यह कहा है कि वे छात्राओं के साथ खड़े हैं और जेएनयू के वाइस चांसलर तुरंत प्रोफेसर अतुल जौहरी को सस्पेंड करें. जावेद अख्तर ने ट्वीट करके लिखा कि यह 10 तक के औसत के आधार पर विश्वास करने का मामला है, कुछ साधारण छात्राएं एक पुरुष पर आरोप लगा रही हैं और मैं इस पुरुष की जगह इन लड़कियों पर विश्वास करुंगा. जेएनयू के वीसी को आज और अभी अतुल जौहरी को सस्पेंड कर देना चाहिए.

जावेद अख्तर ने एक और ट्वीट करके लिखा कि मैं थोड़ा कंफ्यूज हूं. अगर जेएनयू की इतनी लड़कियां अतुल जौहरी पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगा रही है तो इतने साफ-साफ मामले में जेएनयू प्रशासन उन्हें सस्पेंड करने में कोताही क्यों कर रहा है. यह बहुत ही हैरान करने वाला है.

क्या है मामला?

इससे पहले जेएनयू छात्र संघ ने शनिवार को छात्राओं के साथ यौन उत्पीड़न के मामले में हस्तक्षेप की मांग करते हुए महिला आयोग का रुख किया.

दरअसल जवाहरलाल यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज के एक प्रोफेसर पर छात्राओं का यौन उत्पीड़न करने का आरोप है.

पुलिस के मुताबिक, दक्षिण पश्चिमी दिल्ली के वसंत कुंज पुलिस थाना में आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ एक चार्जशीट दर्ज कराई गई है.

आरोपी प्रोफेसर ने शुक्रवार को यूनिवर्सिटी के दो प्रशासनिक पदों- मानव संसाधन विकास केंद्र (एचआरडीसी) और इंटरनल क्वालिटी एश्योरेंस सेल (आईक्यूएसी) से 'नैतिक आधार' पर इस्तीफा दे दिया था. हालांकि, उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप निहित स्वार्थ वाले कुछ छात्रों का एक 'सोचा समझा कदम' है.

36 घंटे बाद भी नहीं हुई प्रोफेसर के खिलाफ कोई कार्रवाई

छात्र संघ की अध्यक्ष गीता कुमारी ने शनिवार को कहा, 'चार्जशीट दर्ज हुए 36 घंटे से ज्यादा का वक्त हो गया है लेकिन उनके खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है. वह जेएनयू परिसर में मिली सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं. जेएनयू प्रशासन ने उन्हें उनके दायित्वों से भी मुक्त नहीं किया है.'

गीता ने दावा किया, 'अब तक 9 छात्राएं उत्पीड़न की रिपोर्ट देने के लिए सामने आई हैं और कई पूर्व छात्राओं ने हमें फोन कर प्रोफेसर के साथ काम करने के दौरान उनके साथ हुए यौन उत्पीड़न की घटनाएं बताई हैं.'

यूनिवर्सिटी प्रशासन पर हमला बोलते हुए छात्र संघ ने आरोप लगाया, 'आंतरिक शिकायत समिति द्वारा जांच कराने का वादा कर जेएनयू प्रशासन ने प्रोफेसर को बचाने की अपनी मंशा स्पष्ट कर दी है.' छात्रों ने दिल्ली पुलिस पर कार्रवाई में देरी का भी आरोप लगाया है.

उधर दिल्ली पुलिस ने आरोपी प्रोफेसर को सोमवार को पूछताछ के लिए थाने में हाजिर होने का भी आदेश दिया.

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