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जाट आरक्षण: खट्टर सरकार झुकी, 'भाईचारा और न्याय यात्रा' स्थगित

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात के बाद जाट संगठन ने 15 फरवरी को जींद में आयोजित होने वाली रैली को वापस ले ली है

Updated On: Feb 12, 2018 10:54 AM IST

FP Staff

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जाट आरक्षण: खट्टर सरकार झुकी, 'भाईचारा और न्याय यात्रा' स्थगित

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह और वरिष्ठ बीजेपी नेता अनिल जैन के साथ मुलाकात के बाद जाट संगठन ने 15 फरवरी को जींद में आयोजित होने वाली रैली को वापस ले ली है. रविवार देर रात इसकी घोषणा की गई. ऑल इंडिया जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक के नेतृत्व में दिल्ली में जाट प्रतिनिधि दल ने इन नेताओं से मुलाकात की थी. मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि भाईचारा बनाए रखने और सभी वर्गों को सामाजिक न्याय दिलाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है.

मुख्यमंत्री ने कहा, 'जाटों समेत पांच जातियों को आरक्षण देने के लिए सभी आंकड़ें 31 मार्च 2018 से पहले राज्य पिछड़ा वर्ग मंत्रालय उपलब्ध कराएगी. आरक्षण आंदोलन के दौरान दर्ज हुए मुकदमे भी सरकार अधिकार क्षेत्र में रहते हुए वापस लेगी.'

जाट नेता यशपाल मलिक ने कहा, "सरकार की बातचीत से जाट संघर्ष समिति संतुष्ट है. केंद्र में राष्ट्रीय शैक्षणिक और पिछड़ा आयोग बिल को संसद के इसी सत्र में पारित करवाने का आश्वासन मिला है. हरियाणा सरकार ने जाट आंदोलन के दौरान फरवरी, 2016 में भड़की हिंसा के संबंध में दर्ज सभी मामलों को वापस लेने का फैसला किया है."

यशपाल ने कहा, '15 फरवरी को होने वाली 'भाईचारा और न्याय यात्रा' स्थगित की जाती है. हमारा मकसद 19 मार्च 2017 को हुए समझौते को लागू करवाने का था.सरकार ने सभी मांगें वक्त पर पूरी करने का आश्वासन दिया है.' इस रैली को वापस लेने से हरियाणा की बीजेपी सरकार को राहत मिली है, क्योंकि इसी दिन बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह शहर में एक बाइक रैली में हिस्सा लेने वाले हैं.

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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